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क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भूटान में होना देश के लिए ऊर्जा का संचार है?: भूटान के मंत्री ल्योनपो जेम शेरिंग

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क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भूटान में होना देश के लिए ऊर्जा का संचार है?: भूटान के मंत्री ल्योनपो जेम शेरिंग

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूटान यात्रा से कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन होने जा रहा है। ल्योनपो जेम शेरिंग के अनुसार, मोदी का यहां होना देश को नई ऊर्जा देगा। भूटान के विकास में भारत का सहयोग और दोनों देशों के बीच रिश्तों की मजबूती पर चर्चा।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूटान यात्रा से जलविद्युत परियोजनाओं का उद्घाटन।
भूटान की शाही सरकार के साथ सहयोग बढ़ाना।
दोनों देशों के बीच संबंधों में मजबूती।
वैश्विक शांति प्रार्थना महोत्सव में भागीदारी।
भूटान के राजा की 70वीं जयंती का समारोह।

थिम्पू, 10 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11-12 नवंबर को भूटान की राजकीय यात्रा पर रहेंगे। इस यात्रा को लेकर भूटान के ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधन मंत्री ल्योनपो जेम शेरिंग ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत की है।

इस दौरान भूटान के ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधन मंत्री ल्योनपो जेम शेरिंग ने कहा कि 1967 से भारत और भूटान की सरकारों ने एक जलविद्युत परियोजना शुरू की थी, जो उस समय 400 किलोवाट की थी। आज हम 1,200 मेगावाट तक बढ़ गए हैं। हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाएंगे।

भूटान के मंत्री ल्योनपो जेम शेरिंग ने कहा कि चूंकि भारत और भूटान एक-दूसरे को जानते हैं, हम एक-दूसरे का सम्मान करते हैं, इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भूटान की शाही सरकार ने प्रार्थना समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है।

भूटान के मंत्री ल्योनपो जेम शेरिंग कहते हैं कि आप हर जगह युद्ध, अकाल और भारी विनाश देख रहे हैं, इसलिए भूटान के राजा, एक धर्म राजा होने के नाते, निश्चित रूप से शांति को बढ़ावा देने के लिए तत्पर हैं। दुनिया भर के सभी संप्रदायों को यहां बुलाया गया है और हर दिन सभी अपनी-अपनी प्रार्थनाएं कर रहे हैं, इसलिए निश्चित रूप से इस प्रार्थना समारोह के दौरान नरेंद्र मोदी का हमारे साथ होना ही देश के लिए ऊर्जा का संचार है।

इससे पहले भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया कि इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाकात करेंगे और दोनों नेता भारत सरकार और भूटान की शाही सरकार द्वारा संयुक्त रूप से विकसित 1020 मेगावाट की पुनात्सांगछू-II जलविद्युत परियोजना का उद्घाटन करेंगे।

प्रधानमंत्री भूटान के चौथे राजा जिग्मे सिंग्ये वांगचुक की 70वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में शामिल होंगे। साथ ही वे भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे से भी मुलाकात करेंगे।

प्रधानमंत्री की यह यात्रा भगवान बुद्ध के पवित्र पिपराहवा अवशेषों की प्रदर्शनी के समय हो रही है। प्रधानमंत्री थिम्पू के ताशिचो द्ज़ोंग में पवित्र अवशेषों की पूजा-अर्चना करेंगे और भूटान की शाही सरकार द्वारा आयोजित वैश्विक शांति प्रार्थना महोत्सव में भी भाग लेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दोनों देशों के बीच विश्वास और सम्मान को और मजबूत करेगा।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री मोदी की भूटान यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
प्रधानमंत्री मोदी की भूटान यात्रा का मुख्य उद्देश्य विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन करना और भूटान के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है।
भूटान के ऊर्जा मंत्री का इस यात्रा पर क्या कहना है?
ल्योनपो जेम शेरिंग ने कहा है कि यह यात्रा देश के लिए ऊर्जा का संचार करेगी और दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत बनाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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