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क्या भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के प्रति भूटान की श्रद्धा ने पीएम मोदी को अभिभूत किया?

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क्या भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के प्रति भूटान की श्रद्धा ने पीएम मोदी को अभिभूत किया?

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी के भूटान दौरे के दौरान भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की प्राप्ति पर अभिभूतता दर्शाई गई। इस समारोह में भूटान के राजा के साथ आशीर्वाद लिया गया और द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति पर चर्चा हुई।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री मोदी का भूटान दौरा एक ऐतिहासिक घटना है।
भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की प्राप्ति ने सांस्कृतिक बंधनों को मजबूत किया।
भूटान के राजा के साथ द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति पर चर्चा हुई।
पुनात्सांगचु-II जलविद्युत परियोजना का उद्घाटन हुआ।
भारत-भूटान ऊर्जा साझेदारी में नई उपलब्धियाँ हासिल हुईं।

नई दिल्ली, ११ नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय भूटान दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाकात की। पीएम मोदी ने कहा कि भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को भूटान में जिस श्रद्धा के साथ प्राप्त किया गया है, उससे मैं अत्यंत अभिभूत हूं।

प्रधानमंत्री मोदी ने भूटान के राजा के साथ भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों से आशीर्वाद लिया। भिक्षुओं के मंत्रोच्चार के बीच, उन्होंने पवित्र अवशेषों की प्रार्थना की। प्रधानमंत्री मोदी भूटान की राजधानी थिम्पू के चांगलिमथांग स्टेडियम में उस ऐतिहासिक समारोह में शामिल हुए, जिसमें भूटान के चौथे नरेश जिग्मे सिंग्ये वांगचुक का ७०वां जन्मदिन मनाया जा रहा है।

इससे संबंधित, पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि भारत से लाए गए भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को भूटान में जिस श्रद्धा के साथ प्राप्त किया गया है, उससे मैं अत्यंत अभिभूत हूं। यह हमारे लोगों के बीच अटूट आध्यात्मिक बंधन को दर्शाता है, जो भगवान बुद्ध के शांति और सद्भाव के संदेश में निहित है।

भूटान के राजा ने दिल्ली में हुई त्रासदी में हुई जान-माल की हानि पर अपनी संवेदना व्यक्त की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायवाल ने बताया कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति पर चर्चा की और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने संयुक्त रूप से १०२० मेगावाट की पुनात्सांगचु-II जलविद्युत परियोजना का उद्घाटन किया। यह जलविद्युत परियोजना, जो भूटान की विद्युत उत्पादन क्षमता को ४० प्रतिशत तक बढ़ाएगी, दोनों देशों को बिजली की आपूर्ति करेगी। इस परियोजना के पूरा होने के साथ, गतिशील और पारस्परिक रूप से लाभकारी भारत-भूटान ऊर्जा साझेदारी में एक और उपलब्धि हासिल हुई है।

प्रधानमंत्री ने चौथे नरेश के उस योगदान को याद किया जिसने भारत-भूटान मैत्री को इतनी ऊंचाई तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि यह अनोखा रिश्ता चौथे नरेश की व्यक्तिगत रुचि और बुद्धिमानी से लगातार मजबूत हुआ है। उनकी सलाह और मार्गदर्शन से यह संबंध आने वाले समय में भी और गहरा होता रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें दोनों देशों के बीच सहयोग और एकता का संदेश है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री मोदी ने भूटान में क्या किया?
प्रधानमंत्री मोदी ने भूटान के राजा से मुलाकात की और भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को प्राप्त किया।
भूटान की पवित्र अवशेषों के प्रति श्रद्धा क्या दर्शाती है?
यह श्रद्धा भारत और भूटान के बीच के अटूट आध्यात्मिक बंधन को दर्शाती है।
क्या प्रधानमंत्री मोदी ने द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की?
हाँ, उन्होंने भूटान के राजा के साथ द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति पर चर्चा की।
राष्ट्र प्रेस
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