बीसीसीआई का बड़ा फैसला: एफटीपी और रिहैब प्रोटोकॉल में बदलाव, खिलाड़ियों की चोटें रोकना प्राथमिकता
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने 3 सितंबर को मुंबई स्थित बोर्ड मुख्यालय में हुई एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद घोषणा की कि बोर्ड आगामी फ्यूचर टूर्स प्रोग्राम (एफटीपी) में शेड्यूलिंग को अधिक संतुलित बनाएगा और खिलाड़ियों के रिहैबिलिटेशन प्रोटोकॉल को और मजबूत करेगा। अंतरराष्ट्रीय एवं फ्रेंचाइजी क्रिकेट के अत्यधिक वर्कलोड के कारण भारतीय खिलाड़ियों में बढ़ती चोटों की समस्या ने बोर्ड को यह कदम उठाने पर मजबूर किया है।
मुख्य घटनाक्रम
इस उच्चस्तरीय बैठक में टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल, टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर और हेड कोच गौतम गंभीर शामिल हुए। बैठक में 'रिटर्न-टू-प्ले' दिशानिर्देशों की समीक्षा की गई, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि अंतरराष्ट्रीय ड्यूटी पर लौटने से पहले कोई भी खिलाड़ी पूरी तरह फिट हो। सैकिया ने स्पष्ट किया कि बातचीत पूरी तरह नीतिगत स्तर पर थी, किसी विशेष खिलाड़ी के चयन या फिटनेस पर नहीं।
चोटों की बढ़ती समस्या
हाल के दौरों में हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह, नितिश कुमार रेड्डी, वाशिंगटन सुंदर और बी. साई सुदर्शन जैसे प्रमुख खिलाड़ी चोटों के कारण श्रृंखलाओं से बाहर रहे। अफगानिस्तान के खिलाफ 15 सदस्यीय टी20 टीम में बुमराह, सुंदर, रेड्डी और हर्षित राणा को 'फिटनेस पर निर्भर' शर्त के साथ चुना गया, जिससे बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) की भूमिका पर नई बहस छिड़ गई। सैकिया ने कहा, 'खिलाड़ियों को चोटें इसलिए लग रही हैं क्योंकि उन्हें बहुत सारे मैच खेलने पड़ते हैं। इंग्लैंड में वनडे के लिए हमारी 15 खिलाड़ियों की टीम गई थी, और उनमें से तीन या चार खिलाड़ी मैच के दौरान चोटिल हो गए। हमें यह भी याद रखना होगा कि उससे पहले उन्होंने दो महीने तक आईपीएल खेला था।'
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और स्पोर्ट्स साइंस हेड का रिक्त पद
सीओई में स्पोर्ट्स साइंस के हेड का पद लंबे समय से रिक्त है, जो चिंता का विषय बना हुआ है। सैकिया ने भरोसा दिलाया कि बोर्ड वैश्विक स्तर पर एक योग्य विशेषज्ञ की तलाश कर रहा है। उन्होंने कहा, 'स्पोर्ट्स साइंस के हेड का पद रिक्त होने से सीओई की गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ रहा। सीओई में फिटनेस, रिहैब और प्रीहैब सुविधाओं के लिए हमारे पास लगभग 16 लोग हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि इस पद के लिए केवल डिग्री या योग्यता पर्याप्त नहीं, बल्कि उच्चतम स्तर की विशेषज्ञता आवश्यक है जो भारत और विश्व में दुर्लभ है। यह ऐसे समय में आया है जब वीवीएस लक्ष्मण और सैकिया पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सीओई महज एक रिहैब सुविधा नहीं, बल्कि एक व्यापक हाई-परफॉर्मेंस केंद्र है।
एफटीपी में बदलाव की रणनीति
सैकिया ने बताया कि बोर्ड ने एफटीपी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अगला कार्यक्रम इस प्रकार तैयार किया जाए जिसमें खिलाड़ियों को पर्याप्त आराम मिले। साथ ही, किसी भी बड़ी अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला से पहले फ्रेंडली मैचों के जरिए खिलाड़ियों को मेजबान देश के माहौल में ढलने का अवसर दिया जाए। उन्होंने कहा, 'हमने अपने एफटीपी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं, जो जल्द ही विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बैठक करेंगे।'
आंतरिक तालमेल पर सफाई
सैकिया ने राष्ट्रीय टीम प्रबंधन और सीओई स्टाफ के बीच मतभेद की खबरों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा, 'बीसीसीआई एक बेहतरीन मशीन की तरह काम कर रहा है। सभी विभागों — चाहे महिला टीम की समिति हो, तकनीकी स्टाफ हो या कोच — के बीच उचित तालमेल है। तालमेल में कोई दिक्कत नहीं है।' आगे की बैठकों में इन मुद्दों पर और विस्तृत चर्चा होगी।