महासमुंद में 'ऑपरेशन निश्चय': चावल की बोरियों में छिपा ₹60 लाख का गांजा जब्त, UP के दो तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने 3 नवंबर 2026 को 'ऑपरेशन निश्चय' के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कंटेनर वाहन में चावल की बोरियों के बीच छिपाकर ले जाए जा रहे 120.960 किलोग्राम गांजा जब्त किया। एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स (ANTF) और सरायपाली थाना पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई में उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है।
कैसे हुआ खुलासा
पुलिस अधीक्षक कार्यालय, महासमुंद से जारी जानकारी के अनुसार, ANTF और सरायपाली थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक कंटेनर वाहन में भारी मात्रा में गांजा ओडिशा से छत्तीसगढ़ के रास्ते रायपुर की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल खम्हारपाली आरटीओ बैरियर के पास घेराबंदी कर संदिग्ध कंटेनर को रोक लिया।
वाहन में सवार दोनों व्यक्तियों ने कंटेनर में केवल चावल की बोरियाँ होने की बात कही। हालाँकि, पुलिस को संदेह हुआ और तलाशी शुरू की गई।
मुख्य बरामदगी
कंटेनर में लदी करीब 300 चावल की बोरियों के बीच 4 बोरियों में छिपाकर रखे गए 117 पैकेट बरामद किए गए। जाँच में इन पैकेटों में कुल 120.960 किलोग्राम गांजा पाया गया, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹60 लाख 48 हज़ार रुपए आँकी गई है। इसके अतिरिक्त, आरोपियों के कब्जे से लगभग ₹30 लाख मूल्य का कंटेनर वाहन और 2 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। कुल मिलाकर ₹1 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त की गई है।
कौन हैं गिरफ्तार तस्कर
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपनी पहचान अमनदीप (उम्र 27) और लल्लू यादव (उम्र 24) के रूप में बताई, जो उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के निवासी हैं। दोनों के विरुद्ध सरायपाली थाने में NDPS अधिनियम की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
आगे की जाँच
पुलिस के अनुसार, इस मामले में 'फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक' की जाँच जारी है। गांजे की सप्लाई चेन, इसके स्रोत, गंतव्य और वित्तीय नेटवर्क का पता लगाने के लिए विस्तृत जाँच की जा रही है। गौरतलब है कि ओडिशा-छत्तीसगढ़ मार्ग नशा तस्करी के लिए एक सक्रिय गलियारा माना जाता है, और यह कार्रवाई इस नेटवर्क को उजागर करने की दिशा में एक अहम कड़ी हो सकती है।
ANTF और सरायपाली पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई को नशा तस्करी के विरुद्ध क्षेत्र में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। जाँच का दायरा आने वाले दिनों में और बढ़ने की संभावना है।