3 नवंबर 2026
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महासमुंद में 'ऑपरेशन निश्चय': चावल की बोरियों में छिपा ₹60 लाख का गांजा जब्त, UP के दो तस्कर गिरफ्तार

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महासमुंद में 'ऑपरेशन निश्चय': चावल की बोरियों में छिपा ₹60 लाख का गांजा जब्त, UP के दो तस्कर गिरफ्तार

सारांश

चावल की बोरियों में छिपाकर ओडिशा से रायपुर ले जाए जा रहे 120 किलो से अधिक गांजे को महासमुंद पुलिस ने 'ऑपरेशन निश्चय' के तहत पकड़ा। ₹1 करोड़ से अधिक की बरामदगी और दो यूपी के तस्करों की गिरफ्तारी — अब पुलिस सप्लाई नेटवर्क की तह तक पहुँचने में जुटी है।

मुख्य बातें

महासमुंद पुलिस ने 3 नवंबर 2026 को 'ऑपरेशन निश्चय' के तहत 120.960 किलोग्राम गांजा जब्त किया।
गांजा चावल की करीब 300 बोरियों के बीच 4 बोरियों में 117 पैकेट में छिपाया गया था।
बरामद गांजे की कीमत ₹60 लाख 48 हज़ार ; कंटेनर और अन्य सामान सहित कुल जब्ती ₹1 करोड़ से अधिक ।
गिरफ्तार तस्कर अमनदीप (27) और लल्लू यादव (24) उत्तर प्रदेश के जौनपुर के निवासी हैं।
NDPS अधिनियम की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज; दोनों आरोपी न्यायिक रिमांड पर।
सप्लाई चेन, स्रोत और वित्तीय नेटवर्क की जाँच जारी।

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने 3 नवंबर 2026 को 'ऑपरेशन निश्चय' के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कंटेनर वाहन में चावल की बोरियों के बीच छिपाकर ले जाए जा रहे 120.960 किलोग्राम गांजा जब्त किया। एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स (ANTF) और सरायपाली थाना पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई में उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है।

कैसे हुआ खुलासा

पुलिस अधीक्षक कार्यालय, महासमुंद से जारी जानकारी के अनुसार, ANTF और सरायपाली थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक कंटेनर वाहन में भारी मात्रा में गांजा ओडिशा से छत्तीसगढ़ के रास्ते रायपुर की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल खम्हारपाली आरटीओ बैरियर के पास घेराबंदी कर संदिग्ध कंटेनर को रोक लिया।

वाहन में सवार दोनों व्यक्तियों ने कंटेनर में केवल चावल की बोरियाँ होने की बात कही। हालाँकि, पुलिस को संदेह हुआ और तलाशी शुरू की गई।

मुख्य बरामदगी

कंटेनर में लदी करीब 300 चावल की बोरियों के बीच 4 बोरियों में छिपाकर रखे गए 117 पैकेट बरामद किए गए। जाँच में इन पैकेटों में कुल 120.960 किलोग्राम गांजा पाया गया, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹60 लाख 48 हज़ार रुपए आँकी गई है। इसके अतिरिक्त, आरोपियों के कब्जे से लगभग ₹30 लाख मूल्य का कंटेनर वाहन और 2 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। कुल मिलाकर ₹1 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त की गई है।

कौन हैं गिरफ्तार तस्कर

पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपनी पहचान अमनदीप (उम्र 27) और लल्लू यादव (उम्र 24) के रूप में बताई, जो उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के निवासी हैं। दोनों के विरुद्ध सरायपाली थाने में NDPS अधिनियम की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

आगे की जाँच

पुलिस के अनुसार, इस मामले में 'फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक' की जाँच जारी है। गांजे की सप्लाई चेन, इसके स्रोत, गंतव्य और वित्तीय नेटवर्क का पता लगाने के लिए विस्तृत जाँच की जा रही है। गौरतलब है कि ओडिशा-छत्तीसगढ़ मार्ग नशा तस्करी के लिए एक सक्रिय गलियारा माना जाता है, और यह कार्रवाई इस नेटवर्क को उजागर करने की दिशा में एक अहम कड़ी हो सकती है।

ANTF और सरायपाली पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई को नशा तस्करी के विरुद्ध क्षेत्र में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। जाँच का दायरा आने वाले दिनों में और बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सुरक्षा एजेंसियों की जाँच प्रक्रियाओं में मौजूद खामियों को उजागर करती है। असली परीक्षा यह है कि क्या 'फॉरवर्ड-बैकवर्ड लिंक' की जाँच वास्तव में गंतव्य और आपूर्तिकर्ताओं तक पहुँचती है, या यह मामला केवल दो वाहन चालकों की गिरफ्तारी पर ही सिमट जाता है — जो अब तक की ऐसी कार्रवाइयों में अक्सर होता रहा है।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महासमुंद में 'ऑपरेशन निश्चय' क्या है?
'ऑपरेशन निश्चय' छत्तीसगढ़ पुलिस की ANTF और स्थानीय थाना पुलिस की संयुक्त नशा-विरोधी मुहिम है। इसी अभियान के तहत 3 नवंबर 2026 को महासमुंद के खम्हारपाली आरटीओ बैरियर पर एक कंटेनर वाहन को रोककर 120.960 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।
महासमुंद में कितने का गांजा जब्त हुआ?
जब्त किए गए 120.960 किलोग्राम गांजे की अनुमानित कीमत ₹60 लाख 48 हज़ार रुपए बताई गई है। कंटेनर वाहन (करीब ₹30 लाख) और अन्य सामान सहित कुल बरामदगी ₹1 करोड़ से अधिक की है।
गिरफ्तार तस्कर कौन हैं और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
गिरफ्तार तस्कर अमनदीप (उम्र 27) और लल्लू यादव (उम्र 24) उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के निवासी हैं। उनके खिलाफ सरायपाली थाने में NDPS अधिनियम की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
गांजा कहाँ से कहाँ ले जाया जा रहा था?
पुलिस के अनुसार, गांजा ओडिशा से छत्तीसगढ़ के रास्ते रायपुर की ओर ले जाया जा रहा था। इसे चावल की करीब 300 बोरियों के बीच 4 बोरियों में 117 पैकेट के रूप में छिपाया गया था।
क्या इस मामले में आगे और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं?
पुलिस के अनुसार, मामले में 'फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक' की जाँच जारी है। गांजे की सप्लाई चेन, स्रोत, गंतव्य और वित्तीय नेटवर्क का पता लगाने के लिए विस्तृत जाँच की जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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