6 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ऑपरेशन निश्चय: महासमुंद में बस स्टैंड पर पकड़ा गया नागपुर का तस्कर, बैग में मिला ₹2.62 लाख का गांजा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ऑपरेशन निश्चय: महासमुंद में बस स्टैंड पर पकड़ा गया नागपुर का तस्कर, बैग में मिला ₹2.62 लाख का गांजा

सारांश

छत्तीसगढ़ के महासमुंद में बस का इंतजार कर रहे नागपुर के युवक के बैग से ₹2.62 लाख का गांजा मिला — ओडिशा से महाराष्ट्र जाने वाले तस्करी मार्ग का पर्दाफाश। एएनटीएफ के ऑपरेशन निश्चय के तहत यह गिरफ्तारी, और गुजरात में ₹32.39 करोड़ के नशीले पदार्थों को नष्ट करने की कार्रवाई, राज्यों की समन्वित मुहिम की बानगी है।

मुख्य बातें

महासमुंद जिले, छत्तीसगढ़ में 6 अक्टूबर 2026 को थाना कोमाखान पुलिस ने ऑपरेशन निश्चय के तहत एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया।
आरोपी महेष कालखोर (29) , निवासी नागपुर, महाराष्ट्र , के बैग से 5.258 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत ₹2,62,900 आँकी गई।
गांजा मुनीगुड़ा, ओडिशा से नागपुर, महाराष्ट्र ले जाया जा रहा था।
गुजरात के वलसाड जिले की पुलिस ने भरूच में 100 मामलों के ₹32.39 करोड़ के नशीले पदार्थ नष्ट किए।
आने वाले दिनों में 14 से अधिक और मामलों में जब्त नशे को स्पेशल डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में नष्ट किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में ऑपरेशन निश्चय के तहत थाना कोमाखान पुलिस ने 6 अक्टूबर 2026 को एक संदिग्ध को बस का इंतजार करते हुए दबोच लिया, जिसके बैग से 5.258 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। जब्त नशीले पदार्थ की अनुमानित कीमत ₹2,62,900 बताई गई है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान महेष कालखोर (उम्र 29 वर्ष), निवासी न्यू ओमनगर पारडी, नागपुर, महाराष्ट्र के रूप में हुई है।

मुखबिर की सूचना पर तत्काल कार्रवाई

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति बैग में गांजा लेकर बस स्टैंड पर खड़ा है। इस पर कोमाखान थाना पुलिस ने तत्काल उक्त स्थान पर पहुँचकर संदिग्ध को घेर लिया और पूछताछ शुरू की। पूछताछ में आरोपी ने अपना परिचय देते हुए बताया कि वह भरतवाड़ा रोड, मंगलमूर्ति सोसायटी, थाना भांडेवाड़ी, जिला नागपुर का निवासी है।

तस्करी का मार्ग: ओडिशा से महाराष्ट्र

पूछताछ के दौरान महेष कालखोर ने स्वीकार किया कि यह गांजा मुनीगुड़ा, ओडिशा से लाया गया था और इसे नागपुर, महाराष्ट्र पहुँचाया जाना था। यह तस्करी मार्ग महत्वपूर्ण है क्योंकि ओडिशा-छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र गलियारा नशीले पदार्थों की आवाजाही के लिए एक ज्ञात रूट रहा है। आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जाँच जारी है।

एएनटीएफ का व्यापक अभियान

एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) को गांजे की तस्करी, परिवहन और बिक्री पर प्रभावी कानूनी कार्रवाई करने तथा इसकी वित्तीय जाँच करने के निर्देश दिए गए हैं। इन्हीं निर्देशों के अनुपालन में जिला पुलिस सतत सक्रिय है। गौरतलब है कि ऑपरेशन निश्चय राज्य में नशे की तस्करी पर लगाम लगाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा व्यापक अभियान है।

गुजरात में ₹32.39 करोड़ के नशीले पदार्थ नष्ट

इसी क्रम में एक अलग कार्रवाई में गुजरात के वलसाड जिले की पुलिस ने भरूच जिले की एक सुविधा में 100 मामलों में जब्त किए गए लगभग ₹32.39 करोड़ के नशीले पदार्थों को वैज्ञानिक एवं पर्यावरण-अनुकूल तरीके से नष्ट किया। यह कार्रवाई नारकोटिक्स ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के नियमों के तहत स्पेशल डिस्पोजल कमेटी की मौजूदगी में की गई।

आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

जिला पुलिस ने बताया कि आने वाले दिनों में स्पेशल डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में 14 से अधिक मामलों से जुड़े जब्त नशीले पदार्थों को भी नष्ट किया जाएगा। देश के विभिन्न राज्यों में इस तरह की समन्वित कार्रवाइयाँ नशा-तस्करी नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और एकल गिरफ्तारियाँ उस नेटवर्क की जड़ें नहीं काटतीं जो मुनीगुड़ा जैसे स्रोत बिंदुओं से माल पहुँचाता है। असली सवाल यह है कि क्या एएनटीएफ की वित्तीय जाँच के निर्देश महज़ कागज़ी हैं या तस्करी की फंडिंग-चेन तक भी पहुँचेंगे। गुजरात में ₹32.39 करोड़ के नशीले पदार्थों को नष्ट करना प्रक्रियागत रूप से सराहनीय है, लेकिन जब्ती और निष्पादन के बीच की यह लंबी देरी खुद सवाल उठाती है।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन निश्चय क्या है?
ऑपरेशन निश्चय छत्तीसगढ़ में गांजे और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी, परिवहन और बिक्री पर लगाम लगाने के लिए चलाया जा रहा पुलिस अभियान है। इसके तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और जिला पुलिस को कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ वित्तीय जाँच के निर्देश दिए गए हैं।
महासमुंद में गिरफ्तार आरोपी कौन है और क्या बरामद हुआ?
गिरफ्तार आरोपी का नाम महेष कालखोर (उम्र 29 वर्ष) है, जो नागपुर, महाराष्ट्र का निवासी है। उसके बैग से 5.258 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत ₹2,62,900 बताई गई है।
यह गांजा कहाँ से कहाँ ले जाया जा रहा था?
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि गांजा ओडिशा के मुनीगुड़ा से महाराष्ट्र के नागपुर ले जाया जाना था। छत्तीसगढ़ इस मार्ग पर पारगमन राज्य के रूप में उपयोग किया जा रहा था।
गुजरात में नशीले पदार्थ नष्ट करने की कार्रवाई क्या थी?
वलसाड जिले की पुलिस ने भरूच जिले की एक सुविधा में 100 मामलों में जब्त लगभग ₹32.39 करोड़ के नशीले पदार्थों को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत स्पेशल डिस्पोजल कमेटी की मौजूदगी में वैज्ञानिक और पर्यावरण-अनुकूल तरीके से नष्ट किया। आगामी दिनों में 14 से अधिक और मामलों के नशीले पदार्थ भी नष्ट किए जाएँगे।
इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस आगे क्या करेगी?
आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया जा चुका है और पुलिस आगे की जाँच जारी रखे हुए है। एएनटीएफ के निर्देशों के अनुसार तस्करी नेटवर्क की वित्तीय जाँच भी की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले