ऑपरेशन निश्चय: महासमुंद में बस स्टैंड पर पकड़ा गया नागपुर का तस्कर, बैग में मिला ₹2.62 लाख का गांजा
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में ऑपरेशन निश्चय के तहत थाना कोमाखान पुलिस ने 6 अक्टूबर 2026 को एक संदिग्ध को बस का इंतजार करते हुए दबोच लिया, जिसके बैग से 5.258 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। जब्त नशीले पदार्थ की अनुमानित कीमत ₹2,62,900 बताई गई है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान महेष कालखोर (उम्र 29 वर्ष), निवासी न्यू ओमनगर पारडी, नागपुर, महाराष्ट्र के रूप में हुई है।
मुखबिर की सूचना पर तत्काल कार्रवाई
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति बैग में गांजा लेकर बस स्टैंड पर खड़ा है। इस पर कोमाखान थाना पुलिस ने तत्काल उक्त स्थान पर पहुँचकर संदिग्ध को घेर लिया और पूछताछ शुरू की। पूछताछ में आरोपी ने अपना परिचय देते हुए बताया कि वह भरतवाड़ा रोड, मंगलमूर्ति सोसायटी, थाना भांडेवाड़ी, जिला नागपुर का निवासी है।
तस्करी का मार्ग: ओडिशा से महाराष्ट्र
पूछताछ के दौरान महेष कालखोर ने स्वीकार किया कि यह गांजा मुनीगुड़ा, ओडिशा से लाया गया था और इसे नागपुर, महाराष्ट्र पहुँचाया जाना था। यह तस्करी मार्ग महत्वपूर्ण है क्योंकि ओडिशा-छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र गलियारा नशीले पदार्थों की आवाजाही के लिए एक ज्ञात रूट रहा है। आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जाँच जारी है।
एएनटीएफ का व्यापक अभियान
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) को गांजे की तस्करी, परिवहन और बिक्री पर प्रभावी कानूनी कार्रवाई करने तथा इसकी वित्तीय जाँच करने के निर्देश दिए गए हैं। इन्हीं निर्देशों के अनुपालन में जिला पुलिस सतत सक्रिय है। गौरतलब है कि ऑपरेशन निश्चय राज्य में नशे की तस्करी पर लगाम लगाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा व्यापक अभियान है।
गुजरात में ₹32.39 करोड़ के नशीले पदार्थ नष्ट
इसी क्रम में एक अलग कार्रवाई में गुजरात के वलसाड जिले की पुलिस ने भरूच जिले की एक सुविधा में 100 मामलों में जब्त किए गए लगभग ₹32.39 करोड़ के नशीले पदार्थों को वैज्ञानिक एवं पर्यावरण-अनुकूल तरीके से नष्ट किया। यह कार्रवाई नारकोटिक्स ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के नियमों के तहत स्पेशल डिस्पोजल कमेटी की मौजूदगी में की गई।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
जिला पुलिस ने बताया कि आने वाले दिनों में स्पेशल डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में 14 से अधिक मामलों से जुड़े जब्त नशीले पदार्थों को भी नष्ट किया जाएगा। देश के विभिन्न राज्यों में इस तरह की समन्वित कार्रवाइयाँ नशा-तस्करी नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत हैं।