महासमुंद में 23.5 किलो गांजा जब्त, ओडिशा से रायपुर ला रहे चार तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में 12 अक्टूबर 2026 को पुलिस ने एनएच-53 स्थित अंतर्राज्यीय चेकपोस्ट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक किआ कैरेंस कार से 23.5 किलोग्राम गांजा बरामद किया और चार तस्करों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, यह गांजा ओडिशा के बौध जिले से रायपुर पहुँचाया जा रहा था, और कुल जब्त संपत्ति की अनुमानित कीमत ₹19,95,500 आँकी गई है।
मुखबिर की सूचना पर नाकेबंदी
पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली थी कि ओडी 02 सीटी 3301 नंबर की किआ कैरेंस कार में अवैध गांजा भरकर कुछ तस्कर ओडिशा से छत्तीसगढ़ की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस टीम ने तत्काल एनएच-53 के अंतर्राज्यीय चेकपोस्ट पर नाकेबंदी कर दी।
कुछ देर बाद संदिग्ध वाहन को रोककर उसमें सवार चारों व्यक्तियों से पूछताछ की गई। पूछताछ में उनके जवाब संदिग्ध पाए गए, जिसके बाद उन्होंने कार में गांजा होने की बात स्वयं स्वीकार की।
बरामदगी और जब्ती का विवरण
वाहन की तलाशी लेने पर पिछली सीट के पीछे रखी एक सफेद बोरी से 23.500 किलोग्राम गांजा मिला, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹11.75 लाख बताई गई है। इसके अलावा पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त किआ कैरेंस कार (अनुमानित कीमत ₹8 लाख) और चार मोबाइल फोन (कुल कीमत ₹20,500) भी जब्त किए।
इस प्रकार कुल जब्त संपत्ति की कीमत पुलिस ने ₹19,95,500 आँकी है। सभी जब्त सामग्री को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रख लिया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार चारों आरोपी ओडिशा के बौध जिले के निवासी हैं। उनकी पहचान केशव गाई गौउरिया (32 वर्ष), स्वागत महाकुल (26 वर्ष), मनतोष पौड (28 वर्ष) और रविन्द्र बस्तिया (26 वर्ष) के रूप में हुई है।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे गांजा ओडिशा के बौध जिले से उठाकर रायपुर पहुँचाने जा रहे थे। पुलिस अब इस नेटवर्क की आपूर्ति श्रृंखला की विस्तार से जाँच कर रही है।
कानूनी कार्रवाई और जाँच की दिशा
पुलिस ने सभी चारों आरोपियों के विरुद्ध थाना सिंघोडा में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) II(बी) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब जाँच के दायरे में गांजे का सोर्स प्वाइंट, डेस्टिनेशन प्वाइंट, संपूर्ण सप्लाई चेन और संबंधित आर्थिक लेन-देन भी शामिल हैं।
गौरतलब है कि यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब छत्तीसगढ़ पुलिस अंतर्राज्यीय मादक पदार्थ तस्करी के विरुद्ध अभियान तेज़ कर रही है। ओडिशा-छत्तीसगढ़ मार्ग पर गांजे की तस्करी की यह कोई पहली घटना नहीं है, और जाँच एजेंसियों का मानना है कि इस रूट पर व्यापक नेटवर्क सक्रिय है।