23 सितंबर 2026
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छत्तीसगढ़: महासमुंद में 10.360 किलो गांजे के साथ ओडिशा का तस्कर गिरफ्तार, राजस्थान ले जा रहा था खेप

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छत्तीसगढ़: महासमुंद में 10.360 किलो गांजे के साथ ओडिशा का तस्कर गिरफ्तार, राजस्थान ले जा रहा था खेप

सारांश

ओडिशा से राजस्थान जा रहा गांजे का तस्कर छत्तीसगढ़ के महासमुंद में ANTF के जाल में फँस गया। ₹5,18,000 का 10.360 किलो गांजा जब्त। अगस्त में भी यही रूट पर 23 किलो से ज़्यादा बरामद हो चुका है — ओडिशा-छत्तीसगढ़-राजस्थान गलियारा तस्करों की पसंद बनता जा रहा है।

मुख्य बातें

एन्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और थाना सिंघोडा पुलिस ने 23 सितंबर 2026 को संयुक्त कार्रवाई में तस्कर को दबोचा।
गिरफ्तार आरोपी प्रभात कुमार बिशोई (42) , ओडिशा निवासी, भुवनेश्वर से राजस्थान गांजा ले जा रहा था।
10.360 किलोग्राम गांजा और एक मोबाइल फोन बरामद; जब्त माल की कीमत ₹5,18,000 आंकी गई।
थाना सिंघोडा में एफआईआर दर्ज; पुलिस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी।
अगस्त में भी इसी जिले में 23.270 किलो गांजा जब्त और ओडिशा निवासी अमित साहू (19) गिरफ्तार हो चुके हैं।

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एन्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और थाना सिंघोडा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 10.360 किलोग्राम गांजे के साथ एक ड्रग तस्कर को गिरफ्तार किया है। 23 सितंबर 2026 को की गई इस कार्रवाई में पकड़े गए आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह यह नशीला पदार्थ भुवनेश्वर (ओडिशा) से राजस्थान ले जा रहा था।

कैसे हुई गिरफ्तारी

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एनएच 53 पर ग्राम मुरमुरी के पास एक संदिग्ध व्यक्ति बस का इंतजार कर रहा है और उसके पास एक बैग में संदिग्ध वस्तु है। सूचना मिलते ही ANTF और थाना सिंघोडा पुलिस की टीम ने मौके पर पहुँचकर घेराबंदी की और संदिग्ध को दबोच लिया।

पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने अपना नाम प्रभात कुमार बिशोई (42 वर्ष), निवासी ओडिशा, बताया। बैग की जाँच करने पर अंदर से 10.360 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी बाज़ार कीमत पुलिस के अनुसार ₹5,18,000 आंकी गई है। इसके अतिरिक्त एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया।

एफआईआर और जाँच

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने थाना सिंघोडा में आरोपी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली है। फिलहाल पुलिस इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के लिए जाँच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मादक पदार्थों के खिलाफ यह अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।

पिछली कार्रवाई का संदर्भ

गौरतलब है कि यह कार्रवाई अकेली नहीं है। इससे पहले अगस्त 2026 में महासमुंद जिले की कोमाखान पुलिस ने 23.270 किलोग्राम गांजा बरामद किया था। उस मामले में अमित साहू (19 वर्ष), निवासी ओडिशा, को गिरफ्तार किया गया था, जबकि उसका एक साथी फरार हो गया था। उस मामले में गांजा परिवहन में इस्तेमाल स्कूटी और मोबाइल फोन सहित कुल ₹12,43,000 की संपत्ति जब्त की गई थी। आरोपियों ने बताया था कि वे गांजा बौद्ध (ओडिशा) से लाकर रायपुर (छत्तीसगढ़) में खपाने की फिराक में थे।

तस्करी का रूट और चिंताएँ

लगातार हो रही गिरफ्तारियों से यह स्पष्ट होता है कि ओडिशा-छत्तीसगढ़-राजस्थान का यह गलियारा अवैध गांजा तस्करी के लिए एक सक्रिय मार्ग बन रहा है। दोनों मामलों में आरोपी ओडिशा निवासी हैं और तस्करी का सामान भी ओडिशा से आ रहा है, जो इस अंतर-राज्यीय नेटवर्क की व्यापकता की ओर इशारा करता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार एनएच 53 पर चेकिंग अभियान और मुखबिर तंत्र को और मज़बूत किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुव्यवस्थित अंतर-राज्यीय तस्करी गलियारे की पुष्टि है। सवाल यह है कि जब रूट, स्रोत और आरोपियों का प्रोफाइल इतना दोहराव भरा है, तो स्थायी निगरानी तंत्र अब तक क्यों नहीं बना? मुखबिर-आधारित छापे ज़रूरी हैं, पर पर्याप्त नहीं — बिना सीमा-पार खुफिया समन्वय और नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचे, यह गिरफ्तारियाँ श्रृंखला की कड़ियाँ तोड़ने की बजाय उसे थोड़ा छोटा भर करती हैं।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महासमुंद में गांजे के साथ कौन गिरफ्तार हुआ?
प्रभात कुमार बिशोई (42 वर्ष), ओडिशा निवासी, को 23 सितंबर 2026 को एनएच 53 पर ग्राम मुरमुरी के पास 10.360 किलोग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार किया गया। वह यह नशीला पदार्थ भुवनेश्वर से राजस्थान ले जा रहा था।
जब्त गांजे की कीमत कितनी बताई गई है?
पुलिस के अनुसार बरामद 10.360 किलोग्राम गांजे की बाज़ार कीमत ₹5,18,000 आंकी गई है। साथ ही एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है।
छत्तीसगढ़ में पहले भी इस रूट पर तस्करी पकड़ी गई है?
हाँ, अगस्त 2026 में महासमुंद की कोमाखान पुलिस ने 23.270 किलोग्राम गांजा बरामद किया था और ओडिशा निवासी अमित साहू (19) को गिरफ्तार किया था। उस मामले में ₹12,43,000 की संपत्ति जब्त हुई थी।
इस मामले में पुलिस आगे क्या कर रही है?
थाना सिंघोडा में एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जाँच कर रही है। अधिकारियों ने कहा है कि मादक पदार्थों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा।
ANTF क्या है और इसकी भूमिका क्या है?
एन्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) छत्तीसगढ़ पुलिस की विशेष इकाई है जो अवैध मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए काम करती है। यह जिला पुलिस के साथ मिलकर नशा-विरोधी अभियान चलाती है।
राष्ट्र प्रेस
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