महासमुंद में ऑपरेशन निश्चय: 88 किलो गांजे के साथ महाराष्ट्र के 6 तस्कर गिरफ्तार, ₹53.73 लाख की संपत्ति जब्त
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के महासमुंद में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और पाटेवा पुलिस ने संयुक्त अभियान 'ऑपरेशन निश्चय' के तहत 1 नवंबर 2026 को महाराष्ट्र के छह अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया और 88 किलोग्राम गांजा बरामद किया, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹44 लाख बताई जा रही है। वाहनों, नकदी और मोबाइल फोन समेत कुल जब्त संपत्ति का मूल्य ₹53.73 लाख आंका गया है।
ऑपरेशन की पृष्ठभूमि और रणनीति
पुलिस को विशिष्ट खुफिया सूचना मिली थी कि प्रतिबंधित गांजा एक सफेद पिकअप वाहन में ले जाया जा रहा है और एक मारुति स्विफ्ट डिजायर कार उसकी एस्कॉर्ट कर रही है। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए दल ने राष्ट्रीय राजमार्ग 53 पर पाटेवा पुलिस स्टेशन के सामने नाकाबंदी स्थापित की।
पहले स्विफ्ट डिजायर को रोककर उसमें सवार तीन लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन उसमें कोई प्रतिबंधित सामग्री नहीं मिली। कुछ ही मिनटों बाद संदिग्ध पिकअप को रोका गया, जिसकी तलाशी में अधिकारियों को तीन प्लास्टिक बोरियों में भरा 88 किलोग्राम गांजा मिला।
आरोपियों की पहचान और तस्करी का रूट
गिरफ्तार छह आरोपियों की पहचान सिद्धार्थ दांडे, सचिन मदन सोनावानी, बद्रीनाथ प्रहलाद खुरमुते, शंकर तुकाराम दिगे, विशाल संतोष खाडे और दीपक खारसे के रूप में हुई है — सभी महाराष्ट्र के निवासी हैं।
पुलिस के अनुसार, यह खेप कथित तौर पर ओडिशा के बरगढ़ जिले के कटामल से लाई गई थी और आगे वितरण के लिए महाराष्ट्र ले जाई जा रही थी। इस प्रकार यह तस्करी ओडिशा–छत्तीसगढ़–महाराष्ट्र के अंतरराज्यीय गलियारे से जुड़ी है, जो जाँचकर्ताओं के लिए चिंता का विषय है।
जब्त संपत्ति का ब्यौरा
गांजे के अतिरिक्त पुलिस ने निम्नलिखित संपत्ति भी जब्त की: ₹5 लाख मूल्य की पिकअप गाड़ी, ₹4 लाख मूल्य की मारुति स्विफ्ट डिजायर, ₹28,600 नकद और ₹45,000 मूल्य के सात मोबाइल फोन। इस तरह कुल जब्त संपत्ति का मूल्य ₹53.73 लाख दर्ज किया गया है।
कानूनी कार्रवाई
पाटेवा पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20(ख) और 29(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है (अपराध संख्या 210/2026)। सभी छह आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
आगे की जाँच
पुलिस ने बताया कि इस अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क के स्रोत, गंतव्य और वित्तीय संबंधों का पता लगाने के लिए जाँच जारी है। यह ऑपरेशन ऐसे समय में आया है जब छत्तीसगढ़ पुलिस अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है, और ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमावर्ती क्षेत्रों से गांजे की आवाजाही के मामले नियमित रूप से सामने आते रहे हैं।