बिटेन सिंह ने आयरनमैन 70.3 गोवा 2026 जीता, 4:24:29 में तोड़ा कोर्स रिकॉर्ड
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय सेना के एथलीट बिटेन सिंह ने 1 नवंबर 2026 को मडगांव, गोवा में आयोजित आयरनमैन 70.3 गोवा के छठे संस्करण में 4 घंटे 24 मिनट 29 सेकंड का समय निकालकर खिताब अपने नाम किया और पुराना कोर्स रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया। उन्होंने उज़्बेकिस्तान के कॉन्स्टेंटिन बेलोउसोव द्वारा 2025 में बनाए गए 4:25:47 के पिछले रिकॉर्ड को 1 मिनट 18 सेकंड के अंतर से पीछे छोड़ा।
कोर्स और प्रतिस्पर्धा का पैमाना
इस चुनौतीपूर्ण ट्रायएथलॉन में 30 देशों के 2,000 से अधिक ट्रायएथलीट्स ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता मिरामार बीच से शुरू होकर 1.9 किलोमीटर तैराकी, 90 किलोमीटर साइकिलिंग और 21.1 किलोमीटर दौड़ के तीन चरणों में आयोजित की गई। इस आयोजन ने एक बार फिर गोवा को अंतरराष्ट्रीय एंड्योरेंस खेलों के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित किया, जहाँ विभिन्न आयु वर्गों के एथलीट और रिले टीमें एक साथ प्रतिस्पर्धा करती हैं।
बिटेन सिंह की असाधारण तैयारी
तवांग में तैनात इस सैन्य एथलीट की जीत इसलिए भी उल्लेखनीय है, क्योंकि उन्होंने सैन्य ड्यूटी के साथ-साथ रेस से पहले तीन महीने तक कठोर प्रशिक्षण लिया। 2024 के संस्करण में डिहाइड्रेशन के कारण उन्हें प्रतियोगिता से बाहर होना पड़ा था, जिसके बाद इस वर्ष कोर्स रिकॉर्ड तोड़ना उनका स्पष्ट लक्ष्य था। यह जीत भारतीय सशस्त्र बलों की एंड्योरेंस खेलों में बढ़ती उपस्थिति को भी रेखांकित करती है।
पुरुष और महिला श्रेणी के परिणाम
पुरुषों की ओवरऑल श्रेणी में बिटेन सिंह (भारत) ने 4:24:29 के समय से पहला स्थान हासिल किया। भारत के ही अनिरुद्ध रविचंद्रन 4:46:32 के समय के साथ दूसरे और निहाल बेग 4:52:59 के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
महिलाओं की ओवरऑल श्रेणी में मरीना श्लियाखतिना ने 5:30:29 के समय से जीत दर्ज की। सबीना इस्काकोवा 5:42:58 के साथ दूसरे और मेलानी वेंड्ट 6:04:54 के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।
रिले श्रेणी में कड़ी टक्कर
रिले ओवरऑल श्रेणी में टीम फिट स्वैगर्स गोवा ने 4:33:24 के समय से शीर्ष स्थान हासिल किया। टीम सीरियस अबाउट ट्रेनिंग 4:35:22 के साथ दूसरे और टीम एयरफोर्स 2 4:47:04 के साथ तीसरे स्थान पर रही।
आगे क्या
आयरनमैन 70.3 गोवा के छठे संस्करण की सफलता से यह उम्मीद बढ़ी है कि आने वाले वर्षों में और अधिक अंतरराष्ट्रीय एंड्योरेंस आयोजन भारत में होंगे। बिटेन सिंह की यह उपलब्धि भारतीय सैन्य एथलीटों को बड़े अंतरराष्ट्रीय ट्रायएथलॉन मंचों की ओर प्रेरित कर सकती है।