ऐतिहासिक! सेबेस्टियन सावे ने 1:59:30 में लंदन मैराथन जीती, 2 घंटे से कम में दौड़ने वाले पहले पुरुष एथलीट बने
सारांश
Key Takeaways
- सेबेस्टियन सावे (केन्या) ने 26 अप्रैल 2026 को लंदन मैराथन में 1:59:30 का समय लेकर 2 घंटे से कम में आधिकारिक मैराथन पूरी करने वाले विश्व के पहले पुरुष एथलीट बने।
- सावे ने दिवंगत केल्विन किपटम के 2:00:35 के विश्व रिकॉर्ड को 65 सेकंड के बड़े अंतर से तोड़ा।
- योमिफ केजेलचा (इथियोपिया) 1:59:41 के साथ दूसरे स्थान पर रहे — वे भी 2 घंटे से कम में दौड़ पूरी करने में सफल रहे।
- टिगस्ट असेफा (इथियोपिया) ने महिला वर्ग में 2:15:41 का समय लेकर अपना ही विश्व रिकॉर्ड 9 सेकंड से बेहतर किया।
- यह पहली बार था जब एक ही दौड़ में तीन महिला धावकों ने 2:16 से कम समय में मैराथन पूरी की।
- 2019 में किपचोगे के अनौपचारिक प्रयास के बाद सावे ने यह उपलब्धि पहली बार किसी आधिकारिक प्रतिस्पर्धी दौड़ में हासिल की।
लंदन, 26 अप्रैल 2026 — केन्या के सेबेस्टियन सावे ने रविवार को लंदन मैराथन 2026 में एथलेटिक्स का सबसे बड़ा सपना पूरा कर दिया। 31 वर्षीय इस धावक ने 1 घंटा, 59 मिनट और 30 सेकंड में मैराथन पूरी करके दो घंटे से कम समय में मैराथन दौड़ने वाले विश्व के पहले पुरुष एथलीट बनने का गौरव हासिल किया। उन्होंने दिवंगत केल्विन किपटम द्वारा 2023 शिकागो मैराथन में बनाए गए 2:00:35 के पिछले विश्व रिकॉर्ड को पूरे 65 सेकंड के बड़े अंतर से ध्वस्त कर दिया।
दौड़ का रोमांचक घटनाक्रम
शुरुआत से ही यह दौड़ असाधारण होने के संकेत दे रही थी। अग्रणी समूह में सावे, इथियोपिया के योमिफ केजेलचा, तीन बार के विश्व क्रॉस-कंट्री चैंपियन जैकब किप्लिमो (युगांडा), ओलंपिक चैंपियन तमिरात टोला, 2022 लंदन मैराथन विजेता आमोस किप्रुतो और डेरेसा गेलेटा शामिल थे। यह छह धावकों का समूह पहले 30 किलोमीटर तक एक साथ दौड़ता रहा।
30 किमी के बाद दौड़ का निर्णायक मोड़ आया। 30 से 35 किमी के बीच 13:54 के स्प्लिट के साथ सावे और केजेलचा आगे निकल गए और किप्लिमो को पीछे छोड़ दिया। इसके बाद दोनों ने अगले 5 किमी का सफर महज 13:42 में तय किया, जिससे दो घंटे से कम का सपना हकीकत बनता दिखने लगा।
दौड़ में एक मील शेष रहते सावे ने अपनी असली ताकत दिखाई। वे केजेलचा से आगे निकले और अकेले दौड़ते हुए 1:59:30 में फिनिश लाइन पार की। केजेलचा 1:59:41 के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहे — वे भी दो घंटे से कम में दौड़ पूरी करने में सफल रहे। किप्लिमो ने 2:00:28 के समय के साथ कांस्य पदक जीता।
महिला वर्ग में भी टूटा विश्व रिकॉर्ड
इथियोपिया की टिगस्ट असेफा ने महिला वर्ग में भी इतिहास रचा। उन्होंने 2:15:41 के समय के साथ अपना ही पिछला विश्व रिकॉर्ड 9 सेकंड से बेहतर किया। असेफा ने पिछले वर्ष लंदन में 2:15:50 में मैराथन पूरी करके रिकॉर्ड बनाया था।
महिलाओं की दौड़ में शुरुआत में असेफा, दो बार की बोस्टन और न्यूयॉर्क चैंपियन हेलेन ओबिरी, 2021 लंदन मैराथन विजेता जॉयसलाइन जेपकोसगेई और कैथरीन रेलिन अमानंग'ओले का चार सदस्यीय समूह आगे था। 15 किमी से पहले अमानंग'ओले पीछे छूट गईं। दूसरे हाफ में असेफा धीरे-धीरे आगे निकलती गईं और जीत दर्ज की। ओबिरी 2:15:53 के साथ दूसरे और जेपकोसगेई 2:15:55 के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। यह पहला अवसर था जब एक ही दौड़ में तीन महिला धावकों ने 2:16 से कम समय में मैराथन पूरी की।
ऐतिहासिक उपलब्धि का महत्व
मैराथन में दो घंटे की दीवार तोड़ना एथलेटिक्स की दुनिया में वैसा ही माना जाता था जैसे कभी 4 मिनट में एक मील दौड़ना असंभव समझा जाता था। 2019 में एलियुड किपचोगे ने नियंत्रित परिस्थितियों में (पेसमेकर और विशेष जूतों के साथ) 1:59:40.2 का समय हासिल किया था, लेकिन वह आधिकारिक विश्व रिकॉर्ड नहीं माना गया क्योंकि वह प्रतिस्पर्धी दौड़ नहीं थी। सावे ने यह उपलब्धि एक पूर्ण प्रतिस्पर्धी मैराथन में हासिल की है, जो इसे और भी महान बनाती है।
गौरतलब है कि केल्विन किपटम, जिनका रिकॉर्ड सावे ने तोड़ा, फरवरी 2024 में एक सड़क दुर्घटना में असामयिक निधन हो गया था। उनकी स्मृति को यह दौड़ एक भावनात्मक श्रद्धांजलि भी बन गई।
आगे क्या?
सावे की यह जीत केन्याई एथलेटिक्स की सर्वोच्चता को एक बार फिर रेखांकित करती है। आने वाले महीनों में बर्लिन मैराथन और शिकागो मैराथन 2026 में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कोई अन्य धावक इस नए मानक को चुनौती दे पाता है। सावे का यह रिकॉर्ड लंबे समय तक एथलेटिक्स इतिहास में अमर रहेगा।