4 नवंबर 2026
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'ऑपरेशन रिजीम चेंज' पर सियासत तेज, CM धामी बोले — देश को अस्थिर करने की साजिश बर्दाश्त नहीं

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'ऑपरेशन रिजीम चेंज' पर सियासत तेज, CM धामी बोले — देश को अस्थिर करने की साजिश बर्दाश्त नहीं

सारांश

BJP के 'ऑपरेशन रिजीम चेंज' स्टिंग ने देशभर में सियासी भूचाल ला दिया है। उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर तीखा बयान देते हुए संवैधानिक संस्थाओं को अस्थिर करने की किसी भी साजिश पर कड़ी कार्रवाई की माँग की। विपक्ष की प्रतिक्रिया का इंतज़ार है।

मुख्य बातें

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 3 नवंबर 2026 को 'ऑपरेशन रिजीम चेंज' स्टिंग पर एक्स के ज़रिए कड़ा बयान दिया।
BJP ने स्टिंग में शाफवान कुड्डकन की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए इसे देश को अस्थिर करने की 'साजिश' बताया।
पार्टी के अनुसार स्टिंग में दिल्ली पुलिस की छवि खराब करने और निर्वाचित सरकार को बदनाम करने का 'टूल किट' उजागर हुआ।
स्टिंग की तथ्यात्मक पुष्टि किसी स्वतंत्र या न्यायिक एजेंसी द्वारा अभी तक नहीं की गई है।
विपक्षी दलों की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 3 नवंबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 'ऑपरेशन रिजीम चेंज' स्टिंग ऑपरेशन विवाद पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आड़ में देश की संवैधानिक संस्थाओं को अस्थिर करने की किसी भी कोशिश को सहन नहीं किया जाएगा। धामी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर BJP के आधिकारिक हैंडल की पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए साजिशकर्ताओं पर सीधा निशाना साधा। इस स्टिंग को लेकर देहरादून से लेकर नई दिल्ली तक सियासी तापमान तेज़ी से बढ़ा है।

धामी का बयान — क्या कहा मुख्यमंत्री ने

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी रिपोस्ट में लिखा, 'लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर देश की शांति, सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक संस्थाओं को अस्थिर करने की किसी भी साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।' उन्होंने आगे कहा कि 'ऑपरेशन रिजीम चेंज' स्टिंग में राष्ट्र में अशांति फैलाने के कई गंभीर पहलुओं को उजागर किया गया है।

धामी ने यह भी जोड़ा कि विरोध के नाम पर अराजकता फैलाने, पुलिस की छवि धूमिल करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को बदनाम करने की कोशिशों का पर्दाफाश होना ज़रूरी है। उनके अनुसार, देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मर्यादाओं से खिलवाड़ करने वालों को कानून के दायरे में जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।

BJP का आरोप — स्टिंग में क्या उजागर हुआ

इससे पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट साझा किया था, जिसमें 'ऑपरेशन रिजीम चेंज' को 'देश को सुलगाने वाली साजिश का सबसे बड़ा बेनकाब' बताया गया। पार्टी ने कथित तौर पर दावा किया कि स्टिंग में शाफवान कुड्डकन नामक व्यक्ति की संलिप्तता सामने आई है।

BJP के आरोपों के अनुसार, स्टिंग में स्पष्ट सुना जा सकता है कि किस प्रकार महिलाओं को ढाल बनाकर दिल्ली पुलिस की छवि खराब करने, निर्वाचित सरकार को बदनाम करने और देश में अराजकता फैलाने के लिए 'टूल किट' तैयार किया गया। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों और नागरिक समाज के बीच राजनीतिक तनाव पहले से ऊँचाई पर है।

राजनीतिक संदर्भ — क्यों अहम है यह विवाद

यह पहली बार नहीं है जब 'टूल किट' और 'स्टिंग ऑपरेशन' जैसे शब्द भारतीय राजनीति में तीखी बहस का केंद्र बने हों। इससे पहले भी ऐसे कई विवाद सामने आ चुके हैं जिनमें सत्तारूढ़ दल और विपक्ष एक-दूसरे पर देशविरोधी गतिविधियों के आरोप लगाते रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की बयानबाज़ी अक्सर राजनीतिक लाभ के लिए की जाती है और इसके तथ्यात्मक आधार की स्वतंत्र पड़ताल ज़रूरी है।

यह भी उल्लेखनीय है कि स्टिंग ऑपरेशन की विश्वसनीयता और उसमें सामने आए कथित तथ्यों की न्यायिक या स्वतंत्र जाँच एजेंसी द्वारा अभी तक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में स्रोत और संदर्भ को लेकर सतर्क दृष्टिकोण आवश्यक है।

आगे क्या होगा

BJP ने संकेत दिया है कि वह इस मामले को और व्यापक रूप से उठाएगी। इस विवाद पर विपक्षी दलों की आधिकारिक प्रतिक्रिया का अभी इंतज़ार है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 'ऑपरेशन रिजीम चेंज' का यह विवाद आने वाले दिनों में संसद और राज्य विधानसभाओं में भी गूँज सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

किस मकसद से सार्वजनिक किया। जब तक कोई स्वतंत्र एजेंसी इसकी पड़ताल नहीं करती, दोनों पक्षों के दावे राजनीतिक प्रचार की श्रेणी में ही रहेंगे। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस बिंदु को नज़रअंदाज़ करती है कि 'बेनकाब' और 'प्रमाणित' में फर्क होता है।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'ऑपरेशन रिजीम चेंज' क्या है?
'ऑपरेशन रिजीम चेंज' एक स्टिंग ऑपरेशन है जिसे BJP ने 3 नवंबर 2026 को सार्वजनिक किया और इसे देश में अशांति फैलाने की कथित साजिश का खुलासा बताया। पार्टी के अनुसार इसमें दिल्ली पुलिस की छवि धूमिल करने और निर्वाचित सरकार को बदनाम करने की योजना का पर्दाफाश हुआ है।
CM पुष्कर सिंह धामी ने इस स्टिंग पर क्या कहा?
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर BJP की पोस्ट रिपोस्ट करते हुए कहा कि लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आड़ में देश की शांति, सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक संस्थाओं को अस्थिर करने की साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने ऐसे लोगों को कानून के दायरे में जवाबदेह बनाने की माँग की।
BJP ने शाफवान कुड्डकन का नाम क्यों लिया?
BJP ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर शाफवान कुड्डकन को इस कथित साजिश के 'पहले गंदे चेहरे' के रूप में नामित किया। हालाँकि इन आरोपों की किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
क्या इस स्टिंग की कोई स्वतंत्र जाँच हो रही है?
अब तक किसी न्यायिक या स्वतंत्र जाँच एजेंसी ने इस स्टिंग ऑपरेशन के तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। यह विवाद अभी राजनीतिक बयानबाज़ी के स्तर पर है और आगे की कार्रवाई की प्रतीक्षा है।
इस विवाद का राजनीतिक असर क्या हो सकता है?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह विवाद आने वाले दिनों में संसद और राज्य विधानसभाओं में उठाया जा सकता है। विपक्षी दलों की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है, जिससे इस मामले का राजनीतिक असर स्पष्ट होना बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
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