30 अक्टूबर 2026
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सीएम धामी का कांग्रेस पर हमला: 'सत्ता में जनता के लिए खतरनाक, विपक्ष में देश के लिए हानिकारक'

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सीएम धामी का कांग्रेस पर हमला: 'सत्ता में जनता के लिए खतरनाक, विपक्ष में देश के लिए हानिकारक'

सारांश

उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस को 'सत्ता में खतरनाक, विपक्ष में हानिकारक' करार दिया — यह बयान इंडिया गठबंधन की 1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली के ठीक एक दिन पहले आया, जो मतदाता सूची पुनरीक्षण पर केंद्रित है। धामी ने अटल बिहारी वाजपेयी का हवाला देते हुए विपक्ष पर 'अव्यवस्था फैलाने' का आरोप भी लगाया।

मुख्य बातें

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने 30 अक्टूबर 2026 को देहरादून में कांग्रेस को 'सत्ता में जनता के लिए खतरनाक और विपक्ष में देश के लिए हानिकारक' बताया।
यह बयान इंडिया गठबंधन की 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली रैली की पृष्ठभूमि में आया, जो मतदाता सूची के एसआईआर में अनियमितताओं को लेकर है।
धामी ने विपक्ष पर 'अव्यवस्था का माहौल' बनाने और 'विदेशी ताकतों' के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी दी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का 6 नवंबर को उत्तराखंड पुलिस ध्वजारोहण समारोह और जनसभा के लिए देहरादून दौरा तय है।
धामी ने पीएम-किसान उत्सव दिवस पर 2019 में शुरू हुई पीएम-किसान योजना को मोदी का ऐतिहासिक निर्णय बताया।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 30 अक्टूबर 2026 को देहरादून में कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह पार्टी सत्ता में रहते हुए 'जनता के लिए खतरनाक' है और सत्ता से बाहर होने पर 'देश के लिए हानिकारक' है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह टिप्पणी पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी भी कांग्रेस के बारे में किया करते थे।

टिप्पणी की पृष्ठभूमि

मुख्यमंत्री धामी ने यह बयान 'प्रधानमंत्री-किसान उत्सव दिवस' कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब इंडिया गठबंधन ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली का आयोजन किया है — जो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर है।

एसआईआर विवाद पर धामी का रुख

मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के खिलाफ विपक्ष के विरोध को धामी ने अनुचित बताया। उन्होंने कहा, 'नवरात्रि समाप्त हो चुकी है और दीपावली मनाई जा रही है। ऐसे में विपक्षी दल प्रदर्शन और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मतदाता सूची से नाम हटाने को लेकर गलत जानकारी फैलाई जा रही है।' उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि एक अयोग्य व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में क्यों रहना चाहिए और एक ही व्यक्ति के तीन अलग-अलग स्थानों पर मत कैसे दर्ज हो सकते हैं।

विपक्ष पर 'अव्यवस्था' का आरोप

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह इन मुद्दों के ज़रिये 'अव्यवस्था का माहौल' पैदा कर रहा है और व्यापारियों एवं आम नागरिकों को 'संभावित रूप से नुकसान पहुंचा' रहा है। उन्होंने 'विदेशी ताकतों' के प्रति भी आगाह किया और कहा कि 'अराजकता' के माध्यम से 'सत्ता परिवर्तन' के प्रयासों को सतर्कता से देखना चाहिए। गौरतलब है कि सत्ताधारी दल के नेताओं द्वारा विरोध प्रदर्शनों को 'विदेशी षड्यंत्र' से जोड़ने का यह सिलसिला नया नहीं है।

अमित शाह का उत्तराखंड दौरा

मुख्यमंत्री धामी ने इस दौरान यह भी जानकारी दी कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का 6 नवंबर को देहरादून दौरा निर्धारित है। उन्होंने बताया, 'वे उत्तराखंड पुलिस के ध्वजारोहण समारोह में भाग लेंगे। इसके अलावा, अन्य निर्धारित कार्यक्रमों के साथ-साथ एक बड़ी जनसभा का भी आयोजन किया जा रहा है।'

पीएम-किसान योजना पर धामी का संबोधन

इससे पूर्व, 'पीएम-किसान उत्सव दिवस' कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2019 में पीएम-किसान योजना शुरू करके किसानों के हित में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया था। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकारें किसानों को उनकी कड़ी मेहनत के बावजूद उचित सम्मान देने में विफल रहीं। रैली और राजनीतिक बयानबाज़ी के बीच अब सबकी निगाहें 1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली और उसके बाद की सियासी प्रतिक्रियाओं पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें विपक्ष के हर विरोध को 'अराजकता' और 'विदेशी हस्तक्षेप' के चश्मे से परिभाषित किया जाता है। दिलचस्प यह है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण पर जो सवाल इंडिया गठबंधन उठा रहा है, वे प्रक्रियागत पारदर्शिता से जुड़े हैं — न कि चुनाव आयोग की वैधता पर हमला। धामी ने इन दोनों को एक ही सिक्के के पहलू के रूप में पेश किया, जो मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर नज़रअंदाज़ हो जाता है। 6 नवंबर को अमित शाह का देहरादून दौरा और बड़ी जनसभा यह संकेत देती है कि उत्तराखंड BJP के लिए अगले राजनीतिक चक्र में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना हुआ है।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम धामी ने कांग्रेस के बारे में क्या कहा?
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 30 अक्टूबर 2026 को देहरादून में कहा कि कांग्रेस सत्ता में रहते हुए जनता के लिए 'खतरनाक' है और सत्ता से बाहर होने पर देश के लिए 'हानिकारक' है। उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी किया करते थे।
इंडिया गठबंधन की रामलीला मैदान रैली किस मुद्दे पर है?
इंडिया गठबंधन 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर रैली आयोजित कर रहा है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जा रहे हैं।
मतदाता सूची एसआईआर विवाद क्या है?
मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) एक प्रक्रिया है जिसमें फर्जी या डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में वास्तविक मतदाताओं के नाम भी काटे जा रहे हैं, जबकि सीएम धामी ने कहा कि एक अयोग्य व्यक्ति या एक ही व्यक्ति के तीन जगह दर्ज मत सूची में नहीं रहने चाहिए।
अमित शाह का देहरादून दौरा कब है?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का 6 नवंबर 2026 को देहरादून दौरा निर्धारित है। वे उत्तराखंड पुलिस के ध्वजारोहण समारोह में हिस्सा लेंगे और एक बड़ी जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
पीएम-किसान उत्सव दिवस पर धामी ने क्या कहा?
सीएम धामी ने पीएम-किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2019 में पीएम-किसान योजना शुरू करके किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लिया। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकारें किसानों को उनकी कड़ी मेहनत के बावजूद उचित सम्मान नहीं दे सकीं।
राष्ट्र प्रेस
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