धामी का राहुल गांधी पर तीखा हमला: 'देश में कोई उनकी बात गंभीरता से नहीं लेता'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 5 जून को नैनीताल में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के उत्तराखंड संबंधी बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। धामी ने कहा कि देश में राहुल गांधी की बातों को कोई गंभीरता से नहीं लेता और शायद उन्हें खुद भी नहीं पता होता कि वे क्या बोल रहे हैं।
मुख्यमंत्री धामी के मुख्य आरोप
मुख्यमंत्री धामी ने सीधे शब्दों में कहा, 'देश में कोई भी राहुल गांधी की बातों को गंभीरता से नहीं लेता। राजनीति में आने के बाद उनकी पार्टी ने उन्हें कई बार लॉन्च और री-लॉन्च किया, लेकिन इतने वर्षों बाद भी वह खुद को स्थापित नहीं कर पाए हैं।'
धामी ने यह भी कहा कि जिस तरह राहुल गांधी भारतीय जवानों को लेकर बयान देते हैं, उसे उत्तराखंड की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया, 'अगर वह प्रधानमंत्री और हमारी पार्टी का विरोध करते हैं तो यह समझ में आता है, लेकिन उन्होंने सेना और देश को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।'
जनरल बिपिन रावत का संदर्भ
मुख्यमंत्री ने देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) रहे जनरल बिपिन रावत का उल्लेख करते हुए कहा कि वह उत्तराखंड का गौरव थे और उन्होंने पूरे देश का नाम रोशन किया। धामी ने आरोप लगाया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के नेताओं ने जनरल रावत को लेकर भी अनुचित टिप्पणियाँ की थीं, जिसे लोग आज भी नहीं भूले हैं।
राहुल गांधी का अल्मोड़ा दौरा क्यों रद्द हुआ
गौरतलब है कि 4 मई को राहुल गांधी अल्मोड़ा में एक जनसभा को संबोधित करने वाले थे। वे पंतनगर तक पहुँच भी गए थे, लेकिन प्रतिकूल मौसम के कारण पायलट ने हेलीकॉप्टर उड़ाने से इनकार कर दिया और वे वापस लौटने पर विवश हो गए। इसके बाद राहुल गांधी ने एक वीडियो संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा, 'दुर्भाग्य से, मौसम की खराबी के कारण ऐसा संभव नहीं हो पाया।'
राहुल गांधी ने क्या कहा था
वीडियो संदेश में राहुल गांधी ने उत्तराखंड की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि वह प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक मुद्दों, राज्य के भविष्य और उन चुनौतियों पर बात करना चाहते थे जिनका उत्तराखंड आज सामना कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि पौड़ी गढ़वाल में पूर्व सैनिकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक भी निर्धारित थी, जो नहीं हो सकी।
आगे क्या
यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ता दिख रहा है। आलोचकों का कहना है कि सेना और पूर्व सैनिकों का मुद्दा उत्तराखंड जैसे राज्य में — जहाँ सैन्य परिवारों की बड़ी तादाद है — राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील है। आने वाले दिनों में राहुल गांधी का उत्तराखंड दौरा पुनर्निर्धारित होने की संभावना है।