धामी का राहुल गांधी पर हमला: मुस्लिम धर्मगुरुओं की विवादित टिप्पणी पर चुप्पी क्यों?
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार, 2 सितंबर को देहरादून में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर तीखा हमला बोला। धामी ने आरोप लगाया कि मुस्लिम धर्मगुरुओं की कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों पर कांग्रेस और राहुल गांधी मौन रहते हैं, जबकि सनातन धर्म पर बयान देने में कोई कसर नहीं छोड़ते।
ग्रैंड मुफ्ती की टिप्पणी पर धामी का निशाना
केरल के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबक्र अहमद की महिलाओं से संबंधित कथित विवादास्पद टिप्पणियों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अबूबक्र अहमद ने कहा है कि महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए — और ऐसी बातें जो अत्यंत संकीर्ण सोच को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि न तो कांग्रेस, न राहुल गांधी और न ही प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस पर कोई प्रतिक्रिया दी। धामी के अनुसार, जब सनातन धर्म की बात आती है तो राहुल गांधी उसे नुकसान पहुँचाने में कोई कसर नहीं छोड़ते।
रुद्रपुर में मुफ्ती मुजीब का मामला
रुद्रपुर के त्रिशूल चौक के पास मुस्लिम धर्मगुरु मुफ्ती मुजीब के कथित भड़काऊ भाषण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अराजकता फैलाने वाली बातें कहीं, फिर भी कांग्रेस और उसके नेताओं ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। पुलिस के अनुसार, मुफ्ती मुजीब ने कथित तौर पर कहा था कि अगर सरकार मदरसों को बंद करती है, तो मुसलमान क्या करेंगे — यह सोचा भी नहीं जा सकता। भड़काऊ भाषण देने के आरोप में मुफ्ती मुजीब को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।
मदरसा नीति पर उत्तराखंड सरकार का रुख
मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड सरकार की मदरसा नीति को भी दोहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी मदरसा अल्पसंख्यक शिक्षा के लिए बनी अधिकृत संस्था से मंजूरी नहीं लेगा, नियमों का पालन नहीं करेगा या शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाएगा, उसे बंद किया जाएगा। धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसे शिक्षण संस्थान सुनिश्चित करना है जहाँ हर बच्चे को, चाहे वह किसी भी पृष्ठभूमि से हो, आधुनिक शिक्षा मिल सके।
हल्द्वानी 'शुद्धिकरण' विवाद पर सफाई
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री धामी ने हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम स्थल पर कथित 'शुद्धिकरण' अनुष्ठान के आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि यह मामला न किसी व्यक्ति के बारे में था, न किसी जाति के बारे में, और इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि कार्यक्रम में किसी जाति का अपमान किया गया। धामी के अनुसार, कार्यक्रम स्थल पर कथित जिहादी नारे लगाए गए थे, जिसके विरोध में 'श्री राम सेना' नामक धार्मिक संगठन के सदस्यों ने 'हवन' किया था। उन्होंने यह भी बताया कि उस संगठन में अनुसूचित जाति के सदस्य भी शामिल थे, और कांग्रेस पर 'वोटों के लिए' इस घटना की झूठी कहानी गढ़ने का आरोप लगाया।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
गौरतलब है कि यह बयानबाजी ऐसे समय में आई है जब उत्तराखंड में मदरसा विनियमन और सांप्रदायिक बयानों को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है। धामी की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस एक साथ कई मुद्दों — मदरसा नीति, हल्द्वानी विवाद और कांग्रेस की कथित 'चुनिंदा चुप्पी' — को एक सूत्र में पिरोने की कोशिश थी। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान चुनावी ध्रुवीकरण की दृष्टि से दिए जाते हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) इसे जवाबदेही की माँग बताती है।