मालवीय नगर अग्निकांड: उत्तराखंड CM धामी ने CM रेखा गुप्ता से की बात, केशव नेगी मामले में निष्पक्ष जांच का आश्वासन
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 7 जून 2026 को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सीधी बातचीत कर मालवीय नगर अग्निकांड में गिरफ्तार उत्तराखंड निवासी केशव नेगी के मामले पर गहरी चिंता जताई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट आश्वासन दिया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और विधिसम्मत प्रक्रिया के अनुसार होगी तथा किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि केशव नेगी की गिरफ्तारी को लेकर उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से चर्चा की और उन्हें भरोसा दिलाया गया कि जांच केवल तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी।
धामी ने यह भी कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि दिल्ली सरकार और संबंधित जांच एजेंसियां निष्पक्ष जांच के ज़रिए सच्चाई को सामने लाएंगी। इसके अलावा उन्होंने केशव नेगी की पुत्री कनिष्का नेगी से भी बातचीत कर परिवार को हर संभव सहायता देने का वचन दिया।
उत्तराखंड सरकार का रुख
मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड सरकार देशभर में रह रहे सभी प्रवासी उत्तराखंडियों के साथ मज़बूती से खड़ी है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रवासी उत्तराखंडी समुदाय में इस गिरफ्तारी को लेकर गहरी बेचैनी देखी जा रही है।
गौरतलब है कि मालवीय नगर अग्निकांड एक अत्यंत संवेदनशील मामला है, जिसमें कई लोगों की जान जाने की खबरें सामने आई हैं और पुलिस ने जांच के तहत कई गिरफ्तारियां की हैं।
दिल्ली सरकार की प्रतिक्रिया
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि मालवीय नगर की यह घटना बेहद दुखद और पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील मामले को पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है।
रेखा गुप्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि दिल्ली सरकार की प्राथमिकता है कि न तो कोई दोषी बच पाए और न ही किसी निर्दोष के साथ अन्याय हो। उन्होंने बताया कि सभी संबंधित एजेंसियों को तथ्यों, साक्ष्यों और कानून के अनुरूप गहन एवं निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
आगे क्या होगा
दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच हुई इस उच्चस्तरीय बातचीत के बाद अब सभी की निगाहें जांच की दिशा और केशव नेगी के मामले में अगली कानूनी कार्यवाही पर टिकी हैं। प्रवासी उत्तराखंडी संगठनों ने भी मामले में पारदर्शिता की मांग दोहराई है।