मालवीय नगर अग्निकांड: CM धामी ने दिल्ली CM रेखा गुप्ता से की बात, केशव नेगी को न्याय का भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार, 7 जून को मालवीय नगर होटल अग्निकांड में गिरफ्तार किए गए कुक केशव नेगी के मामले में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सीधी बात की। धामी ने बताया कि रेखा गुप्ता ने उन्हें आश्वस्त किया है कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होगा और जाँच पूरी तरह तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर होगी।
मुख्य घटनाक्रम
3 जून को मालवीय नगर स्थित एक होटल में भीषण आग लगी, जिसमें 13 विदेशी नागरिकों सहित 21 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हुए। घटना के बाद होटल के मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार किया गया था।
इसके बाद शनिवार को 65 वर्षीय कुक केशव नेगी को भी हिरासत में लिया गया। जाँच में सामने आया कि आग कथित तौर पर उनकी लापरवाही के कारण लगी थी। नेगी उत्तराखंड के निवासी हैं, जिसके चलते उनकी गिरफ्तारी ने राज्य में राजनीतिक हलचल पैदा कर दी।
CM धामी का एक्स पोस्ट और परिवार से संवाद
मुख्यमंत्री धामी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मालवीय नगर घटना के संदर्भ में केशव नेगी की गिरफ्तारी पर चर्चा की। धामी ने कहा, 'मुझे पूरा भरोसा है कि दिल्ली सरकार और संबंधित एजेंसियाँ निष्पक्ष जाँच के ज़रिए सच्चाई सामने लाएँगी।'
इसके अलावा धामी ने नेगी की बेटी कनिष्का नेगी से भी बात कर उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड सरकार देश भर में रह रहे प्रवासी उत्तराखंडियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
भाजपा सांसदों का हस्तक्षेप
भाजपा सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत भी केशव नेगी के समर्थन में सामने आए और हर संभव कानूनी सहायता का वादा किया। रावत ने बताया कि उन्होंने गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी के साथ मिलकर दिल्ली पुलिस से भेंट की और निष्पक्ष व पारदर्शी जाँच की माँग रखी।
होटल की अनियमितताएँ
जाँच के दौरान अधिकारियों ने खुलासा किया कि होटल को केवल 6 कमरे संचालित करने की अनुमति थी, जबकि वास्तव में 20 से अधिक कमरे चलाए जा रहे थे। इसके अतिरिक्त, होटल कथित तौर पर दिल्ली फायर सर्विसेज से अनिवार्य अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) लिए बिना सात से आठ वर्षों से संचालित हो रहा था — जो इस हादसे की गंभीरता को और बढ़ा देता है।
आगे क्या
घटना की जाँच जारी है और अधिकारियों के अनुसार आगे के तथ्य सामने आने बाकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या जाँच एजेंसियाँ होटल प्रबंधन की व्यापक जवाबदेही तय करती हैं, या दोष केवल कर्मचारी स्तर पर सीमित रहता है।