23 जुलाई 2026
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मालवीय नगर अग्निकांड: गणेश गोदियाल बोले — जान बचाने को भागना अपराध नहीं, केशव नेगी को तुरंत रिहा करो

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मालवीय नगर अग्निकांड: गणेश गोदियाल बोले — जान बचाने को भागना अपराध नहीं, केशव नेगी को तुरंत रिहा करो

सारांश

मालवीय नगर अग्निकांड में 21 मौतों के बाद गिरफ्तार कुक केशव नेगी की रिहाई की माँग अब दलगत सीमाएँ तोड़ चुकी है — BJP के रावत और बलूनी के बाद कांग्रेस के गोदियाल भी उतरे। सवाल यह है कि क्या एक आम कर्मचारी को आग से जान बचाने के लिए कानूनी जिम्मेदार ठहराया जा सकता है?

मुख्य बातें

मालवीय नगर अग्निकांड में 21 लोगों की मौत हो चुकी है।
होटल कुक केशव नेगी को दिल्ली पुलिस ने आग बुझाने में हिस्सा न लेने के आरोप में गिरफ्तार किया।
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने 7 जून 2026 को एक्स पर वीडियो पोस्ट कर नेगी की तत्काल रिहाई की माँग की।
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और BJP सांसद अनिल बलूनी पहले ही नेगी के समर्थन में आ चुके हैं।
गोदियाल ने कहा कि दिल्ली में 10 लाख से अधिक उत्तराखंडी रहते हैं और उनके साथ भेदभाव बर्दाश्त नहीं।

दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड में दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए होटल कुक केशव नेगी की रिहाई की माँग अब राजनीतिक रूप ले चुकी है। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने 7 जून 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट कर नेगी की तत्काल रिहाई की माँग की और कहा कि आग लगने पर जान बचाने के लिए भागना कोई अपराध नहीं है। इस अग्निकांड में 21 लोगों की मौत हो चुकी है।

गोदियाल का बयान और मुख्य आरोप

गोदियाल ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि केशव नेगी होटल के कुक थे, दमकल विभाग के कर्मचारी नहीं। उनके अनुसार, नेगी पर यह आरोप लगाया गया है कि उन्होंने आग बुझाने में हिस्सा नहीं लिया — एक आरोप जिसे गोदियाल ने 'पूरी तरह गलत और अन्यायपूर्ण' करार दिया। उन्होंने कहा: 'आग बुझाने की प्राथमिक जिम्मेदारी फायर डिपार्टमेंट की होती है। एक आम व्यक्ति को, जो अपनी जान बचा रहा था, इस आधार पर अपराधी करार देना बिल्कुल गलत है।'

गोदियाल ने दिल्ली सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि वह अपनी प्रशासनिक विफलता छुपाने के लिए एक निर्दोष उत्तराखंडी युवा को 'बलि का बकरा' बना रही है।

राजनीतिक एकजुटता: दलों की सीमाएँ टूटीं

गौरतलब है कि केशव नेगी के बचाव में सबसे पहले उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद अनिल बलूनी उतरे थे। अब विपक्षी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल के मैदान में आने से यह मामला दलगत राजनीति से ऊपर उठकर उत्तराखंडी अस्मिता का प्रश्न बन गया है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड के 10 लाख से अधिक लोग दिल्ली में रोज़गार के लिए रह रहे हैं।

उत्तराखंडी प्रवासियों की चिंता

गोदियाल ने इस गिरफ्तारी को एक व्यापक पैटर्न से जोड़ते हुए कहा कि उत्तराखंड के प्रवासी श्रमिकों के साथ पहले भी दिल्ली में 'भेदभावपूर्ण व्यवहार' की घटनाएँ हुई हैं, जो अब 'बर्दाश्त के बाहर' है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना 'बेहद दुखद और निंदनीय' है।

माँगें और आगे की राह

गोदियाल ने दिल्ली सरकार से तीन स्पष्ट माँगें रखीं — केशव नेगी की तत्काल रिहाई, मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जाँच, और यदि कोई वास्तव में दोषी हो तो उसे कड़ी से कड़ी सज़ा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अपनी नाकामी छिपाने के बजाय जवाबदेही सुनिश्चित करे। फिलहाल दिल्ली पुलिस की ओर से इस माँग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो खुद पीड़ित था।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मालवीय नगर अग्निकांड में केशव नेगी को क्यों गिरफ्तार किया गया?
दिल्ली पुलिस ने होटल कुक केशव नेगी को इस आरोप में गिरफ्तार किया कि उन्होंने आग बुझाने में हिस्सा नहीं लिया। आलोचकों का कहना है कि एक आम कर्मचारी पर यह जिम्मेदारी डालना कानूनी और नैतिक रूप से गलत है।
गणेश गोदियाल ने केशव नेगी के बारे में क्या कहा?
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने 7 जून 2026 को एक्स पर वीडियो पोस्ट कर कहा कि जान बचाने के लिए भागना कोई अपराध नहीं है और केशव नेगी को तुरंत रिहा किया जाए। उन्होंने दिल्ली सरकार पर अपनी नाकामी छिपाने के लिए निर्दोष युवक को फँसाने का आरोप लगाया।
मालवीय नगर अग्निकांड में कितने लोगों की मौत हुई?
दिल्ली के मालवीय नगर में हुए इस अग्निकांड में 21 लोगों की मौत हो गई। यह घटना अत्यंत दुखद बताई जा रही है और इसने राजधानी में अग्निशमन सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
केशव नेगी के समर्थन में और कौन-कौन से नेता आए हैं?
गणेश गोदियाल से पहले उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और BJP सांसद अनिल बलूनी भी केशव नेगी की रिहाई की माँग कर चुके हैं। यह दुर्लभ राजनीतिक एकजुटता उत्तराखंडी प्रवासियों की चिंता को दर्शाती है।
दिल्ली में उत्तराखंड के कितने लोग रहते हैं?
गणेश गोदियाल के अनुसार दिल्ली में 10 लाख से अधिक उत्तराखंडी रहते हैं जो मेहनत-मज़दूरी कर अपना जीवन-यापन करते हैं। गोदियाल ने कहा कि इनके साथ पहले भी भेदभावपूर्ण व्यवहार की घटनाएँ हुई हैं जो अब बर्दाश्त के बाहर है।
राष्ट्र प्रेस
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