मालवीय नगर अग्निकांड: मृतकों की संख्या 21 पहुँची, खड़गे-प्रियंका ने जताया शोक, AAP ने उठाए सुरक्षा सवाल
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग में मरने वालों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है, जिनमें अधिकांश विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं। इस हृदयविदारक हादसे पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने गहरा शोक जताया है, वहीं आम आदमी पार्टी (AAP) ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर तीखे सवाल खड़े किए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
दिल्ली पुलिस के अनुसार, मालवीय नगर के रेस्टोरेंट में लगी आग में जान गँवाने वालों में से अधिकांश विदेशी नागरिक हैं और करीब तीन दर्जन से ज़्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसे की भयावहता को देखते हुए राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रियाओं का सिलसिला तेज़ हो गया है।
खड़गे और प्रियंका का शोक संदेश
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर लिखा, “दिल्ली के मालवीय नगर में आग लगने की दुखद घटना से मैं बेहद आहत हूं। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए मैं प्रार्थना करता हूं।”
खड़गे ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों से पीड़ितों को पर्याप्त और समय पर मुआवज़ा देने तथा तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की माँग की। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इस कठिन समय में पीड़ितों को हर संभव सहयोग दें।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक्स पोस्ट में लिखा, “मालवीय नगर के एक होटल में आग लगने के कारण बड़ी संख्या में लोगों की मृत्यु और करीब तीन दर्जन से ज्यादा लोगों के घायल होने का समाचार अत्यंत हृदयविदारक है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें।” उन्होंने भी पार्टी कार्यकर्ताओं से प्रभावित लोगों की मदद का आग्रह किया।
AAP के तीखे सवाल
आम आदमी पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से पोस्ट किया, “आखिर दिल्ली में यह क्या हो रहा है? इससे भी बड़ा सवाल- ऐसा क्यों हो रहा है? क्या सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज किया जा रहा है? दिल्ली की जनता डरी हुई है और जवाब चाहती है।” पार्टी ने सीधे तौर पर शहर में अग्नि सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन पर सवाल उठाया।
AAP की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया, “'सूत्र' के नाम से 'टूलकिट' शुरू। जो लोग आग में मारे गए हैं, उन्हीं पर उनकी मौत का दोष डाला जाएगा। मंत्री और मुख्यमंत्री चुप रहेंगे, सारा काम टूलकिट करेगी, नाम सूत्रों का रहेगा।”
क्यों मायने रखता है
राजधानी में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में आग की घटनाएँ बार-बार सामने आती रही हैं — मुंडका, करोल बाग और अनाज मंडी जैसे हादसों की पृष्ठभूमि में मालवीय नगर अग्निकांड एक बार फिर अग्नि सुरक्षा अनुपालन की पोल खोलता दिख रहा है। चूँकि मृतकों में अधिकांश विदेशी नागरिक हैं, इस घटना के राजनयिक और पर्यटन-संबंधी आयाम भी जुड़ गए हैं।
आगे क्या
दिल्ली पुलिस की जाँच जारी है और रेस्टोरेंट के लाइसेंस, अग्नि सुरक्षा एनओसी तथा निकास व्यवस्था की पड़ताल अपेक्षित है। आने वाले दिनों में मुआवज़े की घोषणा और जिम्मेदारी तय किए जाने पर सियासी दबाव और बढ़ने के आसार हैं।