दिल्ली मालवीय नगर अग्निकांड: फ्लोरिश स्टे B&B में मरने वालों की संख्या 21 हुई, अधिकांश विदेशी नागरिक
सारांश
मुख्य बातें
राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में स्थित फ्लोरिश स्टे बी एंड बी में बुधवार सुबह 8:48 बजे लगी भीषण आग में मरने वालों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है, जिनमें अधिकांश विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं। दिल्ली पुलिस के अनुसार, संयुक्त राहत-बचाव अभियान में 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है।
मुख्य घटनाक्रम
दिल्ली पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे बी एंड बी में आग लगने की सूचना बुधवार सुबह 8:48 बजे मिली। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुँची और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
आग की भीषणता को देखते हुए दमकल विभाग की आठ गाड़ियाँ मौके पर तैनात की गईं। पुलिस, दमकल और अन्य आपातकालीन एजेंसियों ने मिलकर 40 से अधिक लोगों को इमारत से बाहर निकाला।
मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी
पुलिस ने पुष्टि की है कि अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है। अधिकारियों के अनुसार, मृतकों में अधिकांश विदेशी नागरिक हैं, हालाँकि उनकी पहचान और राष्ट्रीयता की आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया अभी जारी है।
पुलिस ने कहा कि राहत एवं बचाव अभियान अभी भी जारी है और सभी संबंधित एजेंसियाँ घटनास्थल पर मौजूद हैं ताकि प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा सके। आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जाँच भी शुरू कर दी गई है।
प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया और मुआवज़े का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
अपने बयान में मोदी ने कहा, ‘दिल्ली के मालवीय नगर में आग लगने की घटना में लोगों की जान जाना बेहद दुखद है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है।’
क्या होगा आगे
अधिकारियों ने संकेत दिया है कि विदेशी मृतकों की पहचान के बाद संबंधित दूतावासों से संपर्क किया जाएगा। आग के कारणों — चाहे शॉर्ट सर्किट हो या ज्वलनशील सामग्री — की फॉरेंसिक जाँच के नतीजों का इंतज़ार है, जो इस तरह के व्यावसायिक ठहरने के स्थानों पर अग्नि-सुरक्षा मानकों की दिशा तय कर सकते हैं।