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मालवीय नगर अग्निकांड: एक ही परिवार के 6 सदस्यों की मौत, हादसे में अब तक 21 की जान गई

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मालवीय नगर अग्निकांड: एक ही परिवार के 6 सदस्यों की मौत, हादसे में अब तक 21 की जान गई

सारांश

दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित 'फ्लोरिश स्टे बी एंड बी' में बुधवार सुबह लगी आग ने 21 ज़िंदगियाँ निगल लीं। बेंगलुरु से बीमार रिश्तेदारों से मिलने आए एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत हो गई, 2 अब भी लापता। मृतकों में अधिकांश विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं — एक हादसा जो दिल्ली के अनधिकृत 'बी एंड बी' संचालन और अग्नि-सुरक्षा खामियों पर फिर सवाल खड़े करता है।

मुख्य बातें

दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित 'फ्लोरिश स्टे बी एंड बी' में बुधवार सुबह 8:48 बजे भीषण आग लगी।
हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि, मृतकों में अधिकांश कथित तौर पर विदेशी नागरिक।
बेंगलुरु से आए एक ही परिवार के 6 सदस्यों की जान गई; बेटी और नातिन सहित 2 लोग अब भी लापता।
दमकल विभाग की आठ गाड़ियों और संयुक्त एजेंसियों ने 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
घायलों का साकेत के मैक्स अस्पताल में इलाज जारी; पहचान और आग के कारणों की जाँच जारी।

दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित 'फ्लोरिश स्टे बी एंड बी' में बुधवार सुबह लगी भीषण आग में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें एक ही परिवार के 6 सदस्य शामिल हैं। दिल्ली पुलिस के अनुसार, घायलों को साकेत के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है, और मृतकों में अधिकांश कथित तौर पर विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं।

हादसे का घटनाक्रम

दिल्ली पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, बुधवार सुबह 8:48 बजे मालवीय नगर के 'फ्लोरिश स्टे बी एंड बी' में आग लगने की सूचना मिली। सूचना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुँची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। दमकल विभाग की आठ गाड़ियों को घटनास्थल पर तैनात किया गया।

पुलिस, दमकल विभाग और अन्य आपातकालीन एजेंसियों के संयुक्त प्रयास से 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका इलाज जारी है।

एक ही परिवार के छह लोगों की मौत

हादसे की सबसे हृदय-विदारक कहानी एक ऐसे परिवार की है जो बीमार परिजनों से मिलने बेंगलुरु से दिल्ली आया था। पीड़ित परिजन ने बताया कि उनके परिवार के 6 लोगों के शव मैक्स अस्पताल पहुँचाए जा चुके हैं, जबकि 2 लोग — उनकी बेटी और नातिन — अब भी लापता हैं।

परिजन के मुताबिक, उनकी बेटी और दामाद के पिता पहले से अस्पताल में भर्ती थे; उन्हीं से मिलने के लिए परिवार मंगलवार रात दिल्ली पहुँचा था और इसी 'बी एंड बी' में ठहरा था। उन्होंने बताया, ‘रात 8:28 बजे मेरी बेटी से बात हुई थी। उसने बताया था कि सभी लोग सो रहे हैं। बाद में मेरे पास पुलिस का फ़ोन आया कि चार मोबाइल फ़ोन मिले हैं — जब मैंने जानकारी देखी तो वे सभी हमारे परिवार के लोगों के थे।’

परिजन ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन की तरफ़ से उन्हें न तो शवों को देखने दिया जा रहा है और न ही पर्याप्त जानकारी दी जा रही है। उनके अनुसार, छह लोगों को रात में ही अस्पताल लाया गया था और दो अन्य को बुधवार सुबह।

मृतकों में अधिकांश विदेशी नागरिक

दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, मृतकों में अधिकांश विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं, हालाँकि उनकी पहचान और राष्ट्रीयता की आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया अभी जारी है। यह तथ्य अहम है क्योंकि 'बी एंड बी' (बेड एंड ब्रेकफ़ास्ट) प्रतिष्ठानों में अक्सर पर्यटक और लंबी अवधि के विदेशी अतिथि ठहरते हैं।

आगे की कार्यवाही

यह हादसा ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में पिछले कुछ महीनों में कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में आग लगने की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं, जिनमें अग्नि-सुरक्षा मानकों के पालन पर गंभीर सवाल उठे हैं। गौरतलब है कि गेस्ट हाउस और 'बी एंड बी' संचालन के लिए लाइसेंसिंग और फ़ायर एनओसी की शर्तें कड़ी हैं, लेकिन कार्यान्वयन को लेकर विशेषज्ञ लंबे समय से चिंता जताते रहे हैं।

पुलिस ने आग लगने के कारणों की जाँच शुरू कर दी है, और प्रतिष्ठान के संचालकों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। मृतकों के परिजन शवों की शीघ्र पहचान और सौंपे जाने की प्रक्रिया तेज़ करने की माँग कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

दिल्ली के अनियमित 'बी एंड बी' और गेस्ट हाउस इकोसिस्टम पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। राजधानी में पिछले कुछ वर्षों में रिहायशी इलाक़ों के भीतर खुले ऐसे प्रतिष्ठानों की संख्या तेज़ी से बढ़ी है, लेकिन फ़ायर एनओसी, निकास द्वार और अग्नि-शमन उपकरणों की जाँच का तंत्र उतनी रफ़्तार से नहीं बढ़ा। मृतकों में विदेशी नागरिकों की मौजूदगी इसे कूटनीतिक पहलू भी देती है। असली परीक्षा अब यह है कि क्या इस बार जवाबदेही ‘मालिक की गिरफ़्तारी और मामला रफ़ा-दफ़ा’ से आगे जाकर ढाँचागत सुधार तक पहुँचेगी, या यह भी हाल की कई आग की घटनाओं की तरह कुछ हफ़्तों में भुला दी जाएगी।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मालवीय नगर अग्निकांड कहाँ और कब हुआ?
यह हादसा दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित 'फ्लोरिश स्टे बी एंड बी' में बुधवार सुबह करीब 8:48 बजे हुआ। पुलिस को सूचना मिलने के तुरंत बाद दमकल की आठ गाड़ियाँ और बचाव दल मौके पर पहुँचे।
मालवीय नगर आग हादसे में अब तक कितने लोगों की मौत हुई है?
दिल्ली पुलिस के अनुसार, हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अधिकारियों के मुताबिक मृतकों में अधिकांश विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं, जिनकी पहचान की प्रक्रिया जारी है।
बेंगलुरु से आए परिवार के साथ क्या हुआ?
बेंगलुरु से बीमार परिजनों से मिलने दिल्ली आए एक परिवार के 6 सदस्यों की मौत हो गई, जबकि 2 लोग — पीड़ित की बेटी और नातिन — अब भी लापता हैं। परिवार मंगलवार रात ही दिल्ली पहुँचा था और उसी 'बी एंड बी' में ठहरा था।
घायलों का इलाज कहाँ चल रहा है?
घायलों को साकेत के मैक्स अस्पताल और आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर शवों को देखने न देने और जानकारी साझा न करने के आरोप लगाए हैं।
आग लगने का कारण क्या है?
आग लगने के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और दिल्ली पुलिस तथा दमकल विभाग जाँच कर रहे हैं। प्रतिष्ठान के पास वैध फ़ायर एनओसी और सुरक्षा मानकों के पालन की भी पड़ताल की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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