मालवीय नगर अग्निकांड: एम्स में 13 घायल भर्ती, 3 शव लाए गए; 10 पुलिसकर्मी भी जख्मी
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में बुधवार सुबह लगी भीषण आग के बाद अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली में 13 घायलों को भर्ती कराया गया, जबकि तीन अज्ञात शव भी अस्पताल लाए गए। हादसे में अब तक 21 लोगों की जान जा चुकी है और यह राजधानी की हाल के वर्षों की सबसे भीषण अग्नि दुर्घटनाओं में गिनी जा रही है।
एम्स में भर्ती मरीजों की स्थिति
एम्स के मीडिया सेल के अनुसार, ट्रॉमा सेंटर लाए गए 13 घायलों में तीन ऐसे लोग शामिल थे जिन्होंने जान बचाने के लिए होटल की ऊँची मंजिलों से छलांग लगा दी थी। इनमें से दो मरीज स्थिर हालत में होने के बावजूद डॉक्टरों की सलाह के विरुद्ध अस्पताल छोड़कर चले गए।
तीसरी घायल एक महिला है, जिसके सिर में गंभीर चोट लगी है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, उसकी सर्जरी की जा चुकी है, लेकिन हालत बेहद नाज़ुक बनी हुई है।
राहत अभियान में 10 पुलिसकर्मी घायल
भर्ती 13 घायलों में 10 दिल्ली पुलिसकर्मी शामिल हैं, जो बचाव अभियान के दौरान सबसे पहले मौके पर पहुँचे थे। आग और घने धुएँ के बीच होटल में फँसे लोगों को निकालते समय ये जवान जख्मी हो गए। एम्स के अनुसार, सभी पुलिसकर्मियों की हालत स्थिर है और उन्हें जल्द छुट्टी दी जा सकती है।
घायलों के अलावा अस्पताल लाए गए तीन अज्ञात शवों को आगे की प्रक्रिया के लिए बर्न्स एंड प्लास्टिक सर्जरी विभाग भेजा गया है।
कैसे फैली आग
रिपोर्टों के अनुसार, आग बुधवार सुबह करीब 8:50 बजे होटल के बेसमेंट में चल रहे एक रेस्तरां से शुरू हुई और देखते ही देखते पूरी बहुमंजिला इमारत में फैल गई। राहत और बचाव अभियान के दौरान 47 लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन 21 लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी।
अधिकारियों के अनुसार, मृतकों में लाइबेरिया, नाइजीरिया, मोजाम्बिक और बांग्लादेश के नागरिक भी शामिल हैं, जिससे यह हादसा अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक संवेदनशीलता का विषय भी बन गया है। दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमों ने कई घंटों तक चले अभियान के बाद दोपहर तक स्थिति पर काबू पाया।
एफआईआर दर्ज, सुरक्षा मानकों की जाँच
दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं — जिनमें गैर-इरादतन हत्या से संबंधित प्रावधान भी शामिल हैं — के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जाँच एजेंसियाँ होटल में अग्नि-सुरक्षा मानकों, लाइसेंस-शर्तों और बेसमेंट में रेस्तरां संचालन से जुड़े संभावित नियम-उल्लंघनों की पड़ताल कर रही हैं।
आगे क्या
गौरतलब है कि यह दिल्ली में बीते कुछ वर्षों में हुई बड़ी व्यावसायिक आगज़नी की घटनाओं की कड़ी में ताज़ा हादसा है। फॉरेंसिक टीमों की रिपोर्ट और होटल के अग्नि-सुरक्षा प्रमाणपत्रों की जाँच के बाद ही आरोप तय किए जाएँगे।