मालवीय नगर होटल अग्निकांड: 21 मौतों के बाद मालिक लवकेश बजाज समेत तीन के खिलाफ साकेत कोर्ट में चार्जशीट
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने मालवीय नगर होटल अग्निकांड में 21 लोगों की मौत के मामले में होटल मालिक लवकेश बजाज समेत तीन आरोपियों के खिलाफ साकेत कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। चार्जशीट पर गुरुवार को अदालत में विचार किया जाएगा। पुलिस के अनुसार, होटल प्रबंधन की कथित लापरवाही और अग्नि सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
अग्निकांड का घटनाक्रम
मालवीय नगर के भीड़भाड़ वाले हौज रानी इलाके में स्थित 'फ्लोरिश स्टे' होटल में तड़के भीषण आग लग गई थी। आग ने बहुमंजिला इमारत के बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और ऊपरी मंजिलों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे होटल में ठहरे मेहमान फंस गए। दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार, भीषण गर्मी और धुएँ के कारण भारी नुकसान हुआ।
इस त्रासदी में 21 लोगों की जान गई — जिनमें 9 भारतीय नागरिक और शेष बांग्लादेश, लाइबेरिया, नाइजीरिया तथा मोजाम्बिक के विदेशी नागरिक शामिल थे। कई अन्य लोग घायल भी हुए।
आरोप और कानूनी कार्रवाई
जाँचकर्ताओं के अनुसार, प्रारंभिक जाँच में संकेत मिला कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी हो सकती है। पुलिस ने यह भी जाँचा कि क्या अनिवार्य अग्नि सुरक्षा उपाय और आपातकालीन निकास व्यवस्था मौजूद थी या नहीं। सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन और लापरवाही के आरोपों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत गैर-इरादतन हत्या और अन्य अपराधों का मामला दर्ज किया गया।
आग लगने के तुरंत बाद चलाए गए सर्च ऑपरेशन में दिल्ली पुलिस ने लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती जाँच के दौरान बजाज और उनकी पत्नी के खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर भी जारी किया गया था।
नियामक उल्लंघन की परतें
पुलिस की जाँच में सामने आया कि यह प्रॉपर्टी 'बेड एंड ब्रेकफास्ट' (B&B) योजना के तहत पंजीकृत थी, जिसमें केवल 6 कमरों के संचालन की अनुमति थी। कथित तौर पर इसे लगभग 25 कमरों के साथ चलाया जा रहा था। इसके अतिरिक्त, बेसमेंट में भी कथित तौर पर कई कमरे संचालित किए जा रहे थे — जो सुरक्षा और नियामक मानकों का सीधा उल्लंघन है।
आरोपी का आपराधिक पृष्ठभूमि
जाँच के दौरान लवकेश बजाज का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, उन्हें पहले बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा जाली भारतीय पहचान दस्तावेज़ों और पासपोर्ट के कथित इस्तेमाल से जुड़े एक अलग मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। उस मामले में बजाज और दो अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। जमानत पर रिहा होने से पहले उन्होंने तिहाड़ जेल में लगभग 15 दिन बिताए थे और वह मामला अदालत में लंबित है।
सरकारी प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई
दिल्ली सरकार ने इस घटना की मजिस्ट्रेट जाँच के आदेश पहले ही दे दिए थे। साथ ही, अवैध संपत्तियों, अनधिकृत गेस्ट हाउसों और अग्नि सुरक्षा नियमों व बिल्डिंग बाय-लॉज का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ शहर-व्यापी कार्रवाई की घोषणा की गई। यह अग्निकांड उन बार-बार सामने आने वाली त्रासदियों की श्रृंखला में एक और कड़ी है, जो दिल्ली के अनधिकृत व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा की भयावह स्थिति को उजागर करती है।