मालवीय नगर अग्निकांड: होटल मालिक लोकेश बजाज की तलाश में दिल्ली पुलिस की छापेमारी, 21 की मौत
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित बहुमंजिला लेमन ग्रीन रेस्तरां में लगी भीषण आग के मामले में दिल्ली पुलिस ने बुधवार, 3 जून को होटल मालिक को पकड़ने के लिए कई टीमें गठित कर राष्ट्रीय राजधानी में समन्वित छापेमारी शुरू कर दी है। इस अग्निकांड में 21 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें 17 विदेशी नागरिक शामिल हैं।
मुख्य घटनाक्रम और छापेमारी
सूत्रों के अनुसार होटल मालिक की पहचान लोकेश बजाज के रूप में हुई है। पुलिस टीमें संदिग्ध का पता लगाने और उसे गिरफ्तार करने के प्रयास में दिल्ली के विभिन्न स्थानों पर एक साथ दबिश दे रही हैं। इससे पहले पुलिस ने इस मामले में गैर-इरादतन हत्या की धारा और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
सूत्रों ने यह भी बताया कि होटल के संचालन में तीन भागीदार शामिल हैं, और इनके शहर भर में कई अन्य होटल तथा गेस्ट हाउस भी हैं। पुलिस और अन्य जाँच एजेंसियाँ होटल के स्वामित्व, संचालन तथा सुरक्षा मानकों से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
मृतकों और घायलों का ब्यौरा
पुलिस ने पुष्टि की है कि मारे गए 21 लोगों में से 17 विदेशी नागरिक हैं। अधिकारियों के मुताबिक अधिकांश मृतक लाइबेरिया, नाइजीरिया, मोज़ाम्बिक और बांग्लादेश के निवासी थे।
उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (दक्षिणी दिल्ली) जितेंद्र कुमार ने पुष्टि की कि बुधवार सुबह इस त्रासदी में 21 लोगों की मौत हुई और बचाए गए 47 में से 26 लोगों का अभी इलाज चल रहा है। एसडीएम ने कहा, “हमारा खोज और बचाव अभियान दोपहर 12:12 बजे पूरा हुआ। कुल 47 लोगों को बचाया गया, जिनमें से 21 की मौत हो गई है, और 26 का इलाज चल रहा है।”
एम्स में बचावकर्मी भी भर्ती
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली से मिली जानकारी के अनुसार अस्पताल में 13 मरीज लाए गए। एम्स ट्रॉमा सेंटर के अनुसार इनमें से 10 मरीज बचावकर्मी हैं, और सभी दिल्ली पुलिस के जवान हैं — जो इमारत में सबसे पहले प्रवेश करने वाले व्यक्ति थे।
सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई
दिल्ली सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे ऐसी इमारतों को चिन्हित करें जो नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रही हैं। गौरतलब है कि राजधानी में बहुमंजिला व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की यह कोई पहली घटना नहीं है — और हर बड़े हादसे के बाद उठने वाले इन्हीं सवालों ने एक बार फिर ज़ोर पकड़ लिया है।
जाँच एजेंसियाँ अब इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं कि क्या रेस्तरां के पास वैध अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र थे और क्या भवन का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप हो रहा था। आने वाले दिनों में होटल के तीनों भागीदारों की भूमिका पर भी कार्रवाई संभव है।