मालवीय नगर होटल अग्निकांड: मालिक लवकेश बजाज हिरासत में, मृतकों की संख्या 21 पहुँची
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में हुए भीषण अग्निकांड के मामले में दिल्ली पुलिस ने होटल मालिक लवकेश बजाज को हिरासत में ले लिया है। इस हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत गैर इरादतन हत्या सहित केस दर्ज किया है।
मुख्य घटनाक्रम
जाँच एजेंसियाँ होटल में अग्नि सुरक्षा और लाइसेंस संबंधी नियमों के संभावित उल्लंघनों की पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 8:50 बजे होटल के बेसमेंट में संचालित एक रेस्तरां से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। देखते ही देखते आग पूरी बहुमंजिला इमारत में फैल गई।
बचाव दलों ने 47 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, लेकिन 21 लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी। दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा और आपदा प्रबंधन टीमों ने कई घंटों तक राहत एवं बचाव अभियान चलाया, जो दोपहर के आसपास पूरा हुआ।
एम्स में घायलों की स्थिति
एम्स दिल्ली के अनुसार, ट्रॉमा सेंटर में कुल 13 लोगों को लाया गया था। इनमें तीन लोग ऐसे थे जिन्होंने आग से बचने के लिए होटल की ऊँचाई से छलांग लगा दी थी। ऊँचाई से गिरने वाले तीन घायलों में से दो को फ्री कर दिया गया और उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
वहीं, गंभीर सिर की चोट से पीड़ित एक महिला का ऑपरेशन किया गया है और उसकी स्थिति अभी भी नाज़ुक बनी हुई है। अस्पताल को तीन अज्ञात शव भी मिले हैं, जिन्हें आगे की प्रक्रिया के लिए बर्न्स एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग में भेजा गया है।
बचाव में जुटे पुलिसकर्मी भी घायल
एम्स ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर में भर्ती 13 घायलों में से 10 दिल्ली पुलिसकर्मी थे, जो बचाव अभियान में शामिल थे। ये पुलिसकर्मी सबसे पहले जलती हुई इमारत में दाखिल हुए थे और अंदर फँसे लोगों को बाहर निकालने में जुटे थे। सभी पुलिसकर्मियों की हालत स्थिर है और उन्हें जल्द छुट्टी दी जा सकती है।
मृतकों में विदेशी नागरिक भी
अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों में लाइबेरिया, नाइजीरिया, मोज़ाम्बिक और बांग्लादेश के नागरिक भी शामिल हैं। यह तथ्य घटना के अंतरराष्ट्रीय आयाम को उजागर करता है और दूतावासों से समन्वय की ज़रूरत बढ़ा सकता है।
आगे क्या
होटल मालिक की हिरासत के बाद जाँच का फोकस इस बात पर है कि क्या होटल में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी और क्या लापरवाही के कारण यह हादसा इतना भयावह रूप ले सका। यह घटना दिल्ली में बेसमेंट-आधारित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की अग्नि सुरक्षा ऑडिट पर एक बार फिर सवाल खड़े करती है।