मालवीय नगर अग्निकांड: लवकेश बजाज की रिमांड 2 दिन बढ़ी, कुक केशव नेगी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड में गिरफ्तार होटल मालिक लवकेश बजाज और कुक केशव नेगी को सोमवार, 8 जून को साकेत कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ अदालत ने बजाज की पुलिस रिमांड 2 दिन और बढ़ा दी तथा नेगी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस अग्निकांड में कम से कम 22 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 13 विदेशी नागरिक शामिल हैं।
अदालत में क्या हुआ
दोनों आरोपियों की पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद उन्हें साकेत कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने होटल मालिक लवकेश बजाज की पुलिस रिमांड 2 दिन के लिए और बढ़ा दी, ताकि जाँच एजेंसियाँ पूछताछ जारी रख सकें। वहीं कुक केशव नेगी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
इस मामले में पुलिस ने बजाज के अलावा स्वीटी सरकार और पुष्पो सरकार को भी गिरफ्तार किया है। केशव नेगी को 6 जून को गिरफ्तार किया गया था।
आग की जाँच में क्या सामने आया
दिल्ली पुलिस की जाँच में कथित तौर पर सामने आया है कि रेस्टोरेंट में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी थी। जाँच टीम को घटना के दौरान किसी भी एलपीजी सिलेंडर में विस्फोट का कोई साक्ष्य नहीं मिला। अधिकारियों के अनुसार, कुक की लापरवाही को आग फैलने का एक कारण माना जा रहा है।
दिल्ली अग्निशमन सेवा के अनुसार, आग ने इमारत के बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और ऊपर की 5 मंजिलों को चपेट में ले लिया। जाँच के दौरान अधिकारियों को कथित तौर पर सुरक्षा नियमों के कई उल्लंघन और इमारत के फायर सेफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर में गंभीर कमियाँ भी मिली हैं।
हताहतों की स्थिति
इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 22 लोगों की मौत हुई है — इनमें 9 भारतीय और 13 विदेशी नागरिक शामिल हैं। विदेशी नागरिक बांग्लादेश, लाइबेरिया, नाइजीरिया और मोजाम्बिक के रहने वाले थे। इमारत से 47 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
साकेत स्थित मैक्स हॉस्पिटल के बयान के अनुसार, अस्पताल में अभी 14 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से 13 विदेशी नागरिक हैं। वेंटिलेटर पर मौजूद सभी मरीज स्थिर बताए जा रहे हैं और उनमें सुधार के संकेत दिख रहे हैं।
आगे की कार्रवाई
यह मामला दिल्ली में होटलों और व्यावसायिक इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस जाँच जारी है और अदालत की अगली सुनवाई में स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।