मालवीय नगर अग्निकांड: बचाव में घुसे दिल्ली पुलिस के 10 जवान घायल, 21 की मौत, होटल मालिक लोकेश बजाज पर केस
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार सुबह बहुमंजिला लेमन ग्रीन रेस्तरां में लगी भीषण आग में बचाव अभियान के दौरान दिल्ली पुलिस के 10 जवान घायल हो गए, जिनमें 5 हेड कांस्टेबल और 5 कांस्टेबल शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार ये जवान जलती हुई इमारत में सबसे पहले प्रवेश करने वालों में थे, और फिलहाल एम्स ट्रॉमा सेंटर में उनका इलाज चल रहा है। इस हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
मुख्य घटनाक्रम और बचाव अभियान
सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (दक्षिणी दिल्ली) जितेंद्र कुमार ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि खोज और बचाव अभियान दोपहर 12:12 बजे समाप्त हुआ। उन्होंने कहा, “कुल 47 लोगों को बचाया गया, जिनमें से 21 की मौत हो गई और 26 का इलाज जारी है।”
दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा और बचाव दलों के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी करते रहे।
होटल मालिक पर मामला दर्ज
दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत गैर-इरादतन हत्या समेत अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। सूत्रों के अनुसार होटल मालिक की पहचान लोकेश बजाज के रूप में हुई है, और संचालन में कुल तीन साझेदार शामिल बताए जा रहे हैं, जिनके कई अन्य होटल और गेस्ट हाउस शहर भर में हैं।
जाँच एजेंसियाँ होटल के स्वामित्व ढाँचे, संचालन-प्रक्रियाओं और अग्नि-सुरक्षा मानकों के अनुपालन की पड़ताल कर रही हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और सवाल
घटनास्थल का दौरा करने के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
कांग्रेस नेता किरण वालिया ने कहा, ‘इस इलाके में बहुत सारे मरीज आते हैं और रहते हैं। मुख्य सवाल यह है कि ऐसा क्यों हुआ और भविष्य में इसे कैसे रोका जा सकता है। जो जिम्मेदार हैं उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।’ उन्होंने जोड़ा, ‘यह कोई तमाशा नहीं है। यह उन परिवारों के लिए बहुत दर्दनाक है जो अपने प्रियजनों को खो देते हैं।’
आप नेता सोमनाथ भारती ने प्रतिक्रिया-समय पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘मैं देख रहा हूँ कि रेस्पॉन्स टाइम ठीक नहीं था। एक घंटे की देरी के कारण हताहतों की संख्या बढ़ गई।’ उन्होंने आगाह किया कि मैक्स जैसे अस्पताल वाले इलाके में, जहाँ अंतरराष्ट्रीय मरीज और कभी-कभी मंत्री भी आते हैं, ऐसी देरी विनाशकारी हो सकती है।
स्थानीय लोगों की भूमिका
भारती के अनुसार स्थानीय निवासियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर इमारत के नीचे गद्दे बिछाए और कई लोगों ने पीड़ितों को CPR देकर जान बचाने में मदद की। यह नागरिक प्रतिक्रिया आधिकारिक बचाव दस्तों के पहुँचने से पहले निर्णायक साबित हुई।
क्या होगा आगे
पुलिस होटल मालिक लोकेश बजाज और अन्य साझेदारों की भूमिका की जाँच कर रही है। साथ ही दिल्ली में रेस्तरां और होटलों के अग्नि-सुरक्षा प्रमाणन की समीक्षा की माँग ज़ोर पकड़ रही है। घायल पुलिसकर्मियों की स्थिति पर एम्स ट्रॉमा सेंटर से अद्यतन जानकारी अपेक्षित है।