मालवीय नगर अग्निकांड: रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, 37 बचाए गए; CM रेखा गुप्ता ने जताया शोक
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित 'लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट' में बुधवार सुबह लगी भीषण आग में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई, जबकि लगभग 37 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस त्रासदी पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार स्थिति पर बारीकी से नज़र रखे हुए है और प्रभावित परिवारों को हरसंभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
कैसे हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रेस्टोरेंट में आग बुधवार सुबह करीब 8:50 बजे लगी और कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर में घना धुआँ भर गया, जिसकी चपेट में आकर कई लोग बेहोश हो गए। दमकल विभाग को सूचना मिलते ही मौके पर 10 दमकल गाड़ियाँ और आपातकालीन वाहन भेजे गए। बेसमेंट से तीन लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुँचाया गया, जबकि बेहोश हुए कई पीड़ितों को उपचार के लिए मैक्स अस्पताल ले जाया गया।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, “मालवीय नगर में भीषण आग की घटना में हुई जान-माल की भारी क्षति से मैं अत्यंत दुखी हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की और इस हृदयविदारक त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों को शक्ति व साहस मिलने की प्रार्थना करती हूं।”
उन्होंने आगे कहा कि सूचना मिलते ही दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली पुलिस, DDMA, CATS एम्बुलेंस सेवा और अन्य आपातकालीन एजेंसियों की टीमों को तत्काल सक्रिय किया गया, जिनकी त्वरित कार्रवाई से कई जानें बचाई जा सकीं। CM ने कहा, “हम इस त्रासदी से प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
मौके पर पहुँचे जनप्रतिनिधि
भाजपा विधायक सतीश उपाध्याय ने घटनास्थल का दौरा कर हालात का जायज़ा लिया। उन्होंने कहा, “यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। यह घटना आज सुबह करीब 9 बजे हुई। जैसे ही हमें जानकारी मिली कि यहां आग लग गई है, हमने तुरंत पूरे सिस्टम को सक्रिय कर दिया। आपदा प्रबंधन टीम, डीएम, एसडीएम और डीसी, सभी को अलर्ट कर दिया गया।” उन्होंने स्पष्ट किया कि आग लगने का सटीक कारण जाँच के बाद ही सामने आ सकेगा।
बचाव अभियान जारी
प्रधान निदेशक की देखरेख में रेस्टोरेंट परिसर में तलाशी अभियान अब भी जारी है, क्योंकि कुछ लोगों के अंदर फँसे होने की आशंका कथित तौर पर बनी हुई है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। गौरतलब है कि दिल्ली में पिछले कुछ वर्षों में कमर्शियल परिसरों में आगज़नी की कई बड़ी घटनाएँ हो चुकी हैं, जिनमें फ़ायर-सेफ्टी मानकों के पालन पर बार-बार सवाल उठे हैं।
आगे क्या
घटना के बाद रेस्टोरेंट की फ़ायर-NOC, इमारत की संरचनात्मक सुरक्षा और निकासी मार्गों की स्थिति की जाँच की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, फ़ोरेंसिक टीम की रिपोर्ट और परिसर के CCTV फ़ुटेज से आग के स्रोत का पता चलने की उम्मीद है।