दिल्ली मालवीय नगर अग्निकांड: रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग में 21 की मौत, अधिकांश विदेशी नागरिक
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में स्थित एक रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग में 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें अधिकांश कथित तौर पर विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं। इस हृदयविदारक हादसे पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई शीर्ष नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
मुख्य घटनाक्रम
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, राहत और बचाव कार्य जारी है तथा घायलों को उपचार के लिए नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मृतकों में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिकों के होने से यह हादसा कूटनीतिक रूप से भी संवेदनशील बन गया है। आग लगने का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं है और जाँच एजेंसियाँ घटनास्थल पर मौजूद हैं।
उपराष्ट्रपति और गृह मंत्री की प्रतिक्रिया
उपराष्ट्रपति कार्यालय ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘दिल्ली के मालवीय नगर में आग लगने की घटना में हुई जान-माल की क्षति अत्यंत दुखद है। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और प्रार्थना करता हूं कि दुख की इस घड़ी में उन्हें संबल और साहस मिले।’
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘दिल्ली के मालवीय नगर में आग लगने की घटना से मन अत्यंत व्यथित है। स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है… घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।’
रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्रियों की संवेदना
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे ‘मन को व्यथित करने वाला हादसा’ बताते हुए शोक-संवेदनाएँ व्यक्त कीं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे ‘अत्यंत दुखद एवं हृदय विदारक’ बताया, वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए सभी घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की।
व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राजधानी के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि दिल्ली में रेस्टोरेंट, होटल और कोचिंग संस्थानों में पिछले कुछ वर्षों में हुई आगजनी की घटनाओं के बावजूद अग्नि सुरक्षा ऑडिट की प्रणाली अब भी कमज़ोर बनी हुई है।
आगे क्या
अधिकारियों के अनुसार, घटना की विस्तृत जाँच की जाएगी और विदेशी नागरिकों की पहचान के बाद संबंधित दूतावासों को सूचित किया जाएगा। राहत और बचाव कार्य पूरा होने के बाद ही मृतकों और घायलों की अंतिम संख्या स्पष्ट हो सकेगी।