मालवीय नगर अग्निकांड: 13 विदेशी नागरिकों की मौत, भारत सरकार 8 देशों के दूतावासों के संपर्क में
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग में 13 विदेशी नागरिकों की मौत हो गई है और 22 से अधिक विदेशी नागरिक घायल हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार, 5 जून को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में यह जानकारी दी और बताया कि भारत सरकार सभी संबंधित देशों के दूतावासों के साथ सक्रिय संपर्क में है।
मृतकों की राष्ट्रीयता
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने ब्रीफिंग में बताया कि 13 मृत विदेशी नागरिकों में 4 नाइजीरिया, 3 किर्गिस्तान और एक-एक नागरिक मोज़ाम्बिक, लाइबेरिया, उज़्बेकिस्तान, बांग्लादेश, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और इराक के हैं। इस प्रकार कुल 8 देशों के नागरिक इस अग्निकांड में अपनी जान गँवा चुके हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया और राहत प्रयास
जायसवाल ने कहा, 'उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दिल्ली अग्निकांड में मरने वालों में 13 विदेशी नागरिक शामिल हैं। हम सभी संबंधित देशों के दूतावासों के संपर्क में हैं और उनकी जरूरतों के अनुसार हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि विदेश मंत्रालय स्थानीय प्रशासन और अस्पतालों के साथ समन्वय स्थापित कर दस्तावेजी प्रक्रियाओं, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में सहयोग कर रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख तथा घायलों को ₹50,000 की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
मुख्य घटनाक्रम
यह अग्निकांड बुधवार सुबह दिल्ली के मालवीय नगर स्थित बहुमंजिला लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में भड़की भीषण आग से हुआ, जिसमें कम से कम 21 लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हो गए। मृतकों में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिकों का होना इस घटना को कूटनीतिक रूप से भी संवेदनशील बनाता है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा था कि सरकार प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रही है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती है।
आम जनता और प्रवासी समुदाय पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब नई दिल्ली में अफ्रीकी और मध्य एशियाई देशों के छात्रों और कामगारों की बड़ी संख्या निवास करती है। नाइजीरिया और किर्गिस्तान के सर्वाधिक नागरिकों की मौत ने इन देशों के प्रवासी समुदायों में गहरा आघात पहुँचाया है। गौरतलब है कि भारत में अफ्रीकी मूल के नागरिकों की सुरक्षा को लेकर पहले भी चिंताएँ उठती रही हैं।
क्या होगा आगे
विदेश मंत्रालय के अनुसार, पार्थिव शरीरों की पहचान और प्रत्यावर्तन की प्रक्रिया संबंधित दूतावासों के सहयोग से जारी है। दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की ओर से आग लगने के कारणों की जाँच चल रही है। इस दुर्घटना के बाद बहुमंजिला व्यावसायिक इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों की समीक्षा की माँग भी उठने लगी है।