मालवीय नगर अग्निकांड: 21 मौतों पर साध्वी प्राची की दोषियों को सख्त सजा की मांग
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में लगी भीषण आग में 21 लोगों की जान जाने के बाद विश्व हिंदू परिषद की नेता साध्वी प्राची ने हादसे के दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। राजधानी में हुए इस अग्निकांड पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखी जा रही है, और MCD में सदन के नेता जयभगवान यादव ने जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित करने के बजाय नौकरी से बर्खास्त करने की वकालत की है।
साध्वी प्राची की प्रतिक्रिया
साध्वी प्राची ने शोक व्यक्त करते हुए कहा, ‘मालवीय नगर के एक होटल में आग लगने की दुखद सूचना मिली है। इस हादसे में जिन लोगों की मृत्यु हुई है, उनके प्रति मैं अपनी संवेदनाएं व्यक्त करती हूं। जो लोग इस घटना के लिए दोषी हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।’ उन्होंने भरोसा जताया कि प्रशासन पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा।
MCD नेतृत्व का कड़ा रुख
MCD में सदन के नेता जयभगवान यादव ने स्पष्ट कहा, ‘ऐसे अधिकारियों को नौकरी से हटा देना चाहिए। केवल निलंबन कोई समाधान नहीं है। सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इस हादसे में 21 लोगों की जान चली गई है। जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’ पूर्व पार्षद नंदिनी शर्मा ने भी मेयर, सदन के नेता और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ऐसी कार्रवाई की उम्मीद जताई जिससे दिल्ली में दोबारा ऐसी घटना न हो।
मेयर का बयान और जांच
मेयर प्रवेश वाही ने कहा, ‘यह बेहद दुखद समाचार है। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग कैसे और क्यों लगी। मामले की जांच जारी है।’ उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री ने पीड़ितों के लिए मुआवजे की घोषणा की है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त न करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
प्रत्यक्षदर्शी का दावा: देर से पहुंची फायर ब्रिगेड
एक प्रत्यक्षदर्शी ने कथित तौर पर बताया कि करीब रात 8:30 बजे इलाके से बदबू आने लगी थी और उसके बाद चिंगारी निकलने लगी। उनके अनुसार, फायर ब्रिगेड रात 9:40 बजे मौके पर पहुंची, तब तक काफी कुछ जल चुका था। प्रत्यक्षदर्शी का कहना है कि अगर दमकल समय पर पहुंच जाती, तो कुछ लोगों की जान बचाई जा सकती थी — यह दावा अब जांच का एक अहम बिंदु बन सकता है।
आगे क्या
हादसे के बाद जांच एजेंसियां आग लगने के सटीक कारण का पता लगाने में जुटी हैं और होटल के सुरक्षा मानकों की पड़ताल भी की जा रही है। पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की प्रक्रिया और दोषी अधिकारियों के खिलाफ संभावित कार्रवाई पर अगले कुछ दिनों में निर्णायक कदम उठाए जाने की उम्मीद है।