मालवीय नगर अग्निकांड: 21 की मौत, योगानंद शास्त्री बोले- ‘लालच’ है सबसे बड़ी वजह
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड में 21 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। पूर्व कांग्रेस विधायक योगानंद शास्त्री ने इस हादसे के पीछे ‘स्थानीय लालच’ को सबसे बड़ी वजह बताया है, वहीं विपक्ष ने भाजपा शासित नगर निगम और दमकल विभाग पर मिलीभगत के आरोप लगाए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में योगानंद शास्त्री ने कहा कि मैक्स अस्पताल में इलाज कराने के लिए विदेशों से, खासकर अफगानिस्तान, ईरान और अफ्रीकी देशों से मरीज आते हैं और अक्सर लंबे समय तक रुकते हैं। इलाज के दौरान वे दिल्ली के पर्यटन स्थलों और आगरा के ताजमहल जैसी जगहों पर भी जाते हैं, जिससे आसपास के इलाकों में ‘गेस्ट हाउस’ संस्कृति तेज़ी से फैली है।
शास्त्री के अनुसार, स्थानीय किराये की दरों में अप्रत्याशित उछाल आया है। उन्होंने कहा, ‘पहले कमरे 500 रुपए में किराए पर मिलते थे। अब उनकी कीमत 2,000–2,500 रुपए हो गई है। यह घटना भी इसी वजह से हुई है।’
‘पूरा समाज जिम्मेदार’
पूर्व विधायक ने जिम्मेदारी किसी एक पर डालने से इनकार करते हुए कहा कि ‘हम किसे जिम्मेदार ठहराएं? पूरा समाज इसके लिए जिम्मेदार है, और सभी राजनेता भी, चाहे वे किसी भी पार्टी के हों।’ उन्होंने कहा कि समय के साथ इंसानियत, दया-भाव और भाईचारा कम हुआ है, हालांकि इस हादसे में स्थानीय लोगों ने आगे बढ़कर राहत कार्य में मदद की।
कांग्रेस का भाजपा पर सीधा हमला
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि 21 मौतें और दर्जनों लोगों का घायल होना बेहद दुखद है। उन्होंने दावा किया कि यह दिल्ली में पिछले तीन महीनों की चौथी ऐसी घटना है, और इसमें ‘भाजपा शासित भ्रष्ट निगम और पुलिस की मिलीभगत’ साफ दिखती है।
यादव ने आरोप लगाया कि हादसे के लिए सीधे तौर पर फायर डिपार्टमेंट और नगर निगम के अधिकारी जिम्मेदार हैं, जिनके संरक्षण में इमारत में कथित तौर पर अवैध व्यावसायिक गतिविधि चल रही थी। उन्होंने कहा कि सरकार की नाकामी और भ्रष्टाचार के बावजूद ‘भाजपा सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगती’।
पीड़ित परिवारों की पुकार
मैक्स अस्पताल में लुधियाना से आए शुभम कुमार ने बताया कि उनके दूर के रिश्तेदार वहीं भर्ती हैं। वे 10 दिनों के इलाज के लिए दिल्ली आए थे और जिस इमारत में अग्निकांड हुआ, उसी के तीसरे फ्लोर पर ठहरे हुए थे। उन्होंने अस्पताल का बिल बढ़ने का हवाला देते हुए सरकार से मुआवज़े की गुहार लगाई।
एंबुलेंस सेवा और राहत
दक्षिण जिला कैट्स विभाग के समन्वयक एजाज अहमद ने बताया कि सूचना मिलते ही 13 से 14 एंबुलेंस मौके पर भेजी गईं और 2 से 3 मिनट के भीतर पहुंच गईं। उन्होंने कहा कि अधिकतम मरीजों को तत्काल अस्पताल शिफ्ट किया गया, हालांकि कई की हालत बेहद नाजुक थी। मृतकों की पुष्ट जानकारी अस्पताल प्रशासन ही दे सकता है।
क्या होगा आगे
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि दमकल विभाग समय पर पहुँचता, तो हताहतों की संख्या कुछ कम हो सकती थी। पुलिस, नगर निगम और अग्निशमन विभाग की भूमिका की जांच की मांग तेज़ हो रही है, और मुआवज़े व ज़िम्मेदारी तय करने को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक टकराव और बढ़ने के आसार हैं।