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मालवीय नगर अग्निकांड: 21 की मौत, योगानंद शास्त्री बोले- ‘लालच’ है सबसे बड़ी वजह

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मालवीय नगर अग्निकांड: 21 की मौत, योगानंद शास्त्री बोले- ‘लालच’ है सबसे बड़ी वजह

सारांश

मालवीय नगर में 21 की मौत वाला अग्निकांड सिर्फ एक हादसा नहीं — यह दिल्ली के अनियंत्रित ‘गेस्ट हाउस’ कारोबार, ₹500 से ₹2,500 तक पहुँचे किराये और निगम-दमकल विभाग की लापरवाही की कहानी है। योगानंद शास्त्री ने इसे ‘लालच’ कहा, तो कांग्रेस ने भाजपा निगम पर सीधा निशाना साधा।

मुख्य बातें

दिल्ली के मालवीय नगर में अग्निकांड में 21 लोगों की मौत , कई घायल।
पूर्व कांग्रेस विधायक योगानंद शास्त्री ने ‘स्थानीय लालच’ और किराये में उछाल ( ₹500 से ₹2,000–2,500 ) को वजह बताया।
कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव के अनुसार यह तीन महीनों में दिल्ली की चौथी ऐसी घटना है।
आरोप: भाजपा शासित निगम और पुलिस के संरक्षण में इमारत में कथित अवैध व्यावसायिक गतिविधि।
कैट्स समन्वयक एजाज अहमद के मुताबिक 13–14 एंबुलेंस मौके पर भेजी गईं, 2–3 मिनट में पहुँचीं।

दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड में 21 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। पूर्व कांग्रेस विधायक योगानंद शास्त्री ने इस हादसे के पीछे ‘स्थानीय लालच’ को सबसे बड़ी वजह बताया है, वहीं विपक्ष ने भाजपा शासित नगर निगम और दमकल विभाग पर मिलीभगत के आरोप लगाए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

राष्ट्र प्रेस से बातचीत में योगानंद शास्त्री ने कहा कि मैक्स अस्पताल में इलाज कराने के लिए विदेशों से, खासकर अफगानिस्तान, ईरान और अफ्रीकी देशों से मरीज आते हैं और अक्सर लंबे समय तक रुकते हैं। इलाज के दौरान वे दिल्ली के पर्यटन स्थलों और आगरा के ताजमहल जैसी जगहों पर भी जाते हैं, जिससे आसपास के इलाकों में ‘गेस्ट हाउस’ संस्कृति तेज़ी से फैली है।

शास्त्री के अनुसार, स्थानीय किराये की दरों में अप्रत्याशित उछाल आया है। उन्होंने कहा, ‘पहले कमरे 500 रुपए में किराए पर मिलते थे। अब उनकी कीमत 2,000–2,500 रुपए हो गई है। यह घटना भी इसी वजह से हुई है।’

‘पूरा समाज जिम्मेदार’

पूर्व विधायक ने जिम्मेदारी किसी एक पर डालने से इनकार करते हुए कहा कि ‘हम किसे जिम्मेदार ठहराएं? पूरा समाज इसके लिए जिम्मेदार है, और सभी राजनेता भी, चाहे वे किसी भी पार्टी के हों।’ उन्होंने कहा कि समय के साथ इंसानियत, दया-भाव और भाईचारा कम हुआ है, हालांकि इस हादसे में स्थानीय लोगों ने आगे बढ़कर राहत कार्य में मदद की।

कांग्रेस का भाजपा पर सीधा हमला

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि 21 मौतें और दर्जनों लोगों का घायल होना बेहद दुखद है। उन्होंने दावा किया कि यह दिल्ली में पिछले तीन महीनों की चौथी ऐसी घटना है, और इसमें ‘भाजपा शासित भ्रष्ट निगम और पुलिस की मिलीभगत’ साफ दिखती है।

यादव ने आरोप लगाया कि हादसे के लिए सीधे तौर पर फायर डिपार्टमेंट और नगर निगम के अधिकारी जिम्मेदार हैं, जिनके संरक्षण में इमारत में कथित तौर पर अवैध व्यावसायिक गतिविधि चल रही थी। उन्होंने कहा कि सरकार की नाकामी और भ्रष्टाचार के बावजूद ‘भाजपा सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगती’।

पीड़ित परिवारों की पुकार

मैक्स अस्पताल में लुधियाना से आए शुभम कुमार ने बताया कि उनके दूर के रिश्तेदार वहीं भर्ती हैं। वे 10 दिनों के इलाज के लिए दिल्ली आए थे और जिस इमारत में अग्निकांड हुआ, उसी के तीसरे फ्लोर पर ठहरे हुए थे। उन्होंने अस्पताल का बिल बढ़ने का हवाला देते हुए सरकार से मुआवज़े की गुहार लगाई।

एंबुलेंस सेवा और राहत

दक्षिण जिला कैट्स विभाग के समन्वयक एजाज अहमद ने बताया कि सूचना मिलते ही 13 से 14 एंबुलेंस मौके पर भेजी गईं और 2 से 3 मिनट के भीतर पहुंच गईं। उन्होंने कहा कि अधिकतम मरीजों को तत्काल अस्पताल शिफ्ट किया गया, हालांकि कई की हालत बेहद नाजुक थी। मृतकों की पुष्ट जानकारी अस्पताल प्रशासन ही दे सकता है।

क्या होगा आगे

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि दमकल विभाग समय पर पहुँचता, तो हताहतों की संख्या कुछ कम हो सकती थी। पुलिस, नगर निगम और अग्निशमन विभाग की भूमिका की जांच की मांग तेज़ हो रही है, और मुआवज़े व ज़िम्मेदारी तय करने को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक टकराव और बढ़ने के आसार हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

गेस्ट हाउस के नाम पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और निगम-दमकल की कागज़ी निगरानी। योगानंद शास्त्री का ‘लालच’ वाला बयान असुविधाजनक सच है, पर यह जवाबदेही को नैतिक प्रश्न तक सीमित कर देता है, जबकि असली सवाल बिल्डिंग बायलॉज़ और फायर NOC के क्रियान्वयन पर है। तीन महीनों में चौथी घटना का दावा यदि सही है, तो यह संरचनात्मक विफलता है — किसी एक सरकार या पार्टी की नहीं। मुआवज़े की घोषणा से पहले स्वतंत्र ऑडिट ज़रूरी है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मालवीय नगर अग्निकांड में कितने लोगों की मौत हुई है?
दिल्ली के मालवीय नगर में हुए अग्निकांड में 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। मृतकों की पुष्ट जानकारी अस्पताल प्रशासन द्वारा दी जा रही है।
योगानंद शास्त्री ने हादसे की वजह क्या बताई है?
पूर्व कांग्रेस विधायक योगानंद शास्त्री ने इसके पीछे ‘स्थानीय लालच’ को सबसे बड़ी वजह बताया है। उनके मुताबिक मैक्स अस्पताल के मरीजों के लिए कमरे पहले 500 रुपए में मिलते थे, जिनका किराया अब 2,000–2,500 रुपए तक पहुँच गया है, और बिना सुरक्षा मानकों के व्यवसाय फला-फूला।
कांग्रेस ने भाजपा पर क्या आरोप लगाए हैं?
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने आरोप लगाया कि यह तीन महीनों में दिल्ली की चौथी ऐसी घटना है, जिसमें भाजपा शासित निगम और पुलिस की मिलीभगत दिखती है। उन्होंने फायर डिपार्टमेंट और नगर निगम अधिकारियों को सीधे ज़िम्मेदार ठहराते हुए कथित अवैध व्यावसायिक गतिविधि का मुद्दा उठाया।
घटना के बाद राहत और एंबुलेंस सेवा की स्थिति क्या रही?
दक्षिण जिला कैट्स विभाग के समन्वयक एजाज अहमद के अनुसार, सूचना मिलते ही 13 से 14 एंबुलेंस घटनास्थल पर भेजी गईं और 2 से 3 मिनट के भीतर पहुँच गईं। अधिकतम घायलों को तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया, हालांकि कई की हालत बेहद नाजुक थी।
पीड़ित परिवारों की सरकार से क्या माँग है?
लुधियाना से आए शुभम कुमार जैसे परिजनों ने सरकार से मुआवज़े की माँग की है, क्योंकि उनके रिश्तेदार 10 दिन के इलाज के लिए दिल्ली आए थे और हादसे वाली इमारत के तीसरे फ्लोर पर ठहरे हुए थे। अस्पताल के बढ़ते बिल को लेकर भी आर्थिक मदद की गुहार लगाई गई है।
राष्ट्र प्रेस
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