मालवीय नगर अग्निकांड: 21 की मौत के बाद दिल्ली में होटलों की जांच शुरू, एक और होटल सील
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार को हुए भीषण अग्निकांड में 21 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। राजस्व विभाग ने इलाके के सभी होटलों की जांच शुरू कर दी है और एक अन्य होटल को बंद करने का आदेश जारी किया गया है, जहां ठहरे मेहमानों को परिसर खाली करने को कहा गया है।
राजस्व विभाग की कार्रवाई
राजस्व विभाग के अधिकारी मोहम्मद शमीम ने बताया कि क्षेत्र के होटलों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘हमारे क्षेत्र के वे सभी होटल जो राजस्व विभाग के अंतर्गत आते हैं, एसडीएम मालवीय नगर के अधिकार क्षेत्र में आने वाले होटलों की जांच की जा रही है।’ शमीम के अनुसार, यह पड़ताल इस बात पर केंद्रित है कि इन प्रतिष्ठानों में कोई अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधि तो नहीं चल रही।
उत्तर प्रदेश में भी अलर्ट
घटना की गूंज पड़ोसी राज्य तक पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना ने पत्रकारों से कहा कि दिल्ली की यह घटना ‘काफी दुखद’ है। उन्होंने जोड़ा कि ऐसे हादसों से बचाव के लिए समय-समय पर निर्देश जारी किए जाते हैं और जिलाधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को नए सिरे से दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
स्थानीय जनप्रतिनिधि की प्रतिक्रिया
शाहदरा दक्षिण जोन के चेयरमैन एवं नगर पार्षद रामकिशोर शर्मा ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने मांग की कि शाहदरा दक्षिण जोन के सभी होटल, ओयो प्रॉपर्टीज और गेस्ट हाउसों को लाइसेंस जारी करने से पहले उनकी विस्तृत जांच होनी चाहिए — एक ऐसी मांग जो इस त्रासदी के बाद नियामकीय खामियों की ओर इशारा करती है।
मेहमानों पर असर
होटल बंदी का सीधा असर बाहर से आए लोगों पर पड़ा है। इलाज के लिए नेपाल से दिल्ली आए एक नेपाली नागरिक ने कहा, ‘मैं इलाज के लिए नेपाल से मैक्स हॉस्पिटल आया था। मैं ग्रीन रिजॉर्ट में रुका हुआ था, जो उस होटल के पास है जिसमें आग लगी थी। आज, सरकारी नीति के कारण, इस लाइन के सभी होटल बंद कर दिए गए हैं। इसलिए, मैं उस होटल से निकलकर कोई दूसरा होटल ढूंढने जा रहा हूं।’
आगे क्या
एसडीएम मालवीय नगर के नेतृत्व में चल रही जांच में होटलों के लाइसेंस, अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र और भू-उपयोग नियमों के अनुपालन की पड़ताल अपेक्षित है। यह त्रासदी दिल्ली में बजट होटलों और गेस्ट हाउसों की सुरक्षा-ऑडिट व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है।