मालवीय नगर अग्निकांड: 21 मौतें, 'आप' ने CM रेखा गुप्ता और मेयर से माँगा इस्तीफा
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के मालवीय नगर में 5 जून को एक इमारत में लगी भीषण आग में 21 लोगों की मौत हो गई और 40 से अधिक लोग घायल हुए। इसी के साथ साकेत में एक इमारत गिरने की घटना ने भी राजधानी को हिलाकर रख दिया। इन दोनों हादसों को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम (MCD) प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
मुख्य आरोप और माँगें
AAP नेता एवं MCD में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने इन दोनों हादसों की नैतिक जिम्मेदारी सीधे तौर पर BJP शासन पर डाली। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और MCD मेयर प्रवेश वाही से तत्काल इस्तीफे की माँग की। नारंग ने कहा कि दिल्ली में BJP की 'चार इंजन वाली सरकार' होने के बावजूद इस तरह के हादसों का होना सरकार की पूरी विफलता को उजागर करता है।
पहले से थी चेतावनी — फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
नारंग ने दावा किया कि उन्होंने 9 दिसंबर को MCD कमिश्नर और महापौर को पत्र लिखकर गोवा में हुए एक अग्निकांड का हवाला देते हुए दिल्ली के सभी होटल, रेस्टोरेंट और होम स्टे की फायर सेफ्टी जाँच तथा एनओसी की समीक्षा कराने की माँग की थी। उनके अनुसार, उस चेतावनी के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिसका परिणाम आज इस बड़े हादसे के रूप में सामने आया।
दमकल विभाग की देरी पर सवाल
नारंग ने यह भी सवाल उठाया कि घटनास्थल के निकट फायर स्टेशन होने के बावजूद दमकल विभाग समय पर क्यों नहीं पहुँचा। उनके अनुसार, सुबह 8 बजे सूचना मिलने के बाद भी फायर ब्रिगेड एक घंटे से अधिक समय बाद मौके पर पहुँची — जो उनके मुताबिक प्रशासनिक लापरवाही की सीधी मिसाल है।
भ्रष्टाचार और सुरक्षा ऑडिट की अनदेखी का आरोप
AAP नेता ने आरोप लगाया कि BJP से जुड़े कुछ नेताओं और अधिकारियों के कथित भ्रष्टाचार के कारण सुरक्षा नियमों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कहीं इमारतें गिर रही हैं, कहीं आग लगने की घटनाएँ सामने आ रही हैं, लेकिन प्रशासन आवश्यक निरीक्षण और सुरक्षा ऑडिट कराने में विफल साबित हो रहा है।
आगे क्या होगा
नारंग ने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जाँच की माँग की है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब दिल्ली में शहरी सुरक्षा और भवन निर्माण मानकों को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। अब देखना होगा कि सरकार इन आरोपों पर क्या जवाब देती है और क्या किसी अधिकारी पर कार्रवाई होती है।