न्यू अशोक नगर थाने के मालखाने में भीषण आग, 'आप' विधायक कुलदीप कुमार बोले — 'फायर विभाग पूरी तरह फेल'
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के न्यू अशोक नगर थाने के मालखाने में मंगलवार, 19 मई को भीषण आग लग गई, जिसमें मालखाना और एक छोटा केबिन पूरी तरह जलकर राख हो गए। आम आदमी पार्टी (AAP) के कोंडली विधानसभा क्षेत्र से विधायक कुलदीप कुमार ने घटनास्थल पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया और दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार तथा फायर विभाग पर गंभीर आरोप लगाए।
घटनाक्रम: कैसे लगी आग और क्या हुआ नुकसान
विधायक कुलदीप कुमार के अनुसार, जैसे ही उन्हें आग लगने की सूचना मिली, वे तत्काल थाने पहुँचे। वहाँ उन्होंने देखा कि आग काफी देर से धधक रही थी और पूरे परिसर में घना धुआँ फैल चुका था। थाने के मालखाने के साथ-साथ एक छोटा केबिन भी आग की चपेट में आ गया, और तब तक भारी नुकसान हो चुका था।
एक घंटे की देरी पर उठे सवाल
इस घटना का सबसे विवादास्पद पहलू यह रहा कि थाना परिसर के ठीक बगल में फायर स्टेशन स्थित होने के बावजूद, कुलदीप कुमार के दावे के अनुसार दमकल की गाड़ियाँ मौके पर पहुँचने में करीब एक घंटे की देरी कर गईं। उनके अनुसार, इस पूरे समय आग पर काबू पाने के लिए कोई दमकल वाहन उपस्थित नहीं था। बाद में फायर ब्रिगेड पहुँची और आग बुझाने का कार्य शुरू हुआ, लेकिन नुकसान हो चुका था।
गौरतलब है कि यह आरोप अभी तक दिल्ली फायर विभाग या BJP सरकार की ओर से स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
BJP सरकार पर 'आप' का हमला
कुलदीप कुमार ने आरोप लगाया कि BJP की 'चार इंजन सरकार' दिल्ली के फायर विभाग को प्रभावी ढंग से संचालित करने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। उन्होंने हाल के पालम और विवेक विहार अग्निकांड का भी उल्लेख किया, जिनमें कई लोगों की जान गई थी। उनका कहना था कि उन हादसों में भी फायर विभाग की लापरवाही सामने आई थी, लेकिन सरकार ने उससे कोई सबक नहीं लिया।
आम जनता पर असर और विधायक की माँग
विधायक ने तर्क दिया कि यदि फायर स्टेशन के ठीक पास स्थित थाने तक पहुँचने में एक घंटा लग रहा है, तो घनी आबादी वाले इलाकों में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। उन्होंने दिल्ली सरकार से माँग की कि भीषण गर्मी के मौसम को देखते हुए फायर विभाग की तैयारियों और रिस्पॉन्स टाइम में तत्काल सुधार किया जाए।
आगे क्या
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब दिल्ली में गर्मी के चलते आगजनी की घटनाओं में वृद्धि दर्ज की जा रही है। आलोचकों का कहना है कि फायर विभाग के रिस्पॉन्स टाइम और संसाधनों की समीक्षा की माँग अब और अनदेखी नहीं की जा सकती। दिल्ली सरकार और फायर विभाग की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।