विवेक विहार अग्निकांड: AAP के सौरभ भारद्वाज का आरोप — दमकल की 50 मिनट देरी पर सरकार पीड़ितों को कर रही दोषी

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विवेक विहार अग्निकांड: AAP के सौरभ भारद्वाज का आरोप — दमकल की 50 मिनट देरी पर सरकार पीड़ितों को कर रही दोषी

सारांश

विवेक विहार अग्निकांड में 9 मौतों के बाद AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने सरकार पर सीधा हमला बोला — दमकल की 50 मिनट की देरी और वॉटर कैनन में दबाव की कमी को लेकर। सवाल यह है कि क्या सरकार असली विफलताओं की जाँच करेगी या पीड़ितों पर दोष मढ़ती रहेगी।

मुख्य बातें

विवेक विहार अग्निकांड में 9 लोगों की मौत , जिनमें डेढ़ साल का मासूम बच्चा भी शामिल।
AAP नेता सौरभ भारद्वाज का आरोप — दमकल विभाग को घटनास्थल पर पहुँचने में करीब 50 मिनट की देरी हुई।
सूचना के 20 मिनट बाद गाड़ियाँ पहुँचीं, उपकरण तैयार करने में 30 मिनट और लगे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री आशीष सूद से सीधा सवाल — एकल सीढ़ी को हादसे का कारण बताना तर्कसंगत नहीं।
18 मार्च के पालम अग्निकांड की जिलाधिकारी जाँच रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं।
स्थानीय निवासियों ने सरकार के ऑटोमैटिक लॉक वाले दावे को खारिज किया।

आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने 6 मई को विवेक विहार अग्निकांड को लेकर दिल्ली सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी प्रशासनिक विफलताओं को छिपाने के लिए पीड़ितों को ही दोषी ठहरा रही है। इस भीषण अग्निकांड में 9 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें डेढ़ साल का एक मासूम बच्चा भी शामिल था।

मुख्य आरोप: दमकल की देरी और पानी के दबाव की कमी

भारद्वाज ने सवाल उठाया कि दमकल विभाग को घटनास्थल पर पहुँचने और बचाव कार्य शुरू करने में करीब 50 मिनट की देरी क्यों हुई। उन्होंने कहा कि फायर ब्रिगेड के वॉटर कैनन में पर्याप्त पानी का दबाव नहीं था, जिसके कारण समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जा सका। प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से उन्होंने बताया कि सूचना मिलने के करीब 20 मिनट बाद दमकल गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं, लेकिन उपकरण तैयार करने में ही 30 मिनट और लग गए।

सरकार की दलील पर पलटवार

भारद्वाज ने कहा कि सरकार यह तर्क दे रही है कि मकान में ऊपर जाने के लिए केवल एक ही सीढ़ी थी, जिसकी वजह से लोग बाहर नहीं निकल पाए। इस पर पलटवार करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री आशीष सूद से सीधे सवाल किया कि क्या उनके अपने घरों में ऊपर जाने के लिए एक से अधिक सीढ़ियाँ हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली के अधिकांश घरों में एक ही सीढ़ी होती है, इसलिए इसे हादसे का कारण बताना तर्कसंगत नहीं है।

ऑटोमैटिक लॉक के दावे पर विवाद

भारद्वाज ने यह भी उजागर किया कि सरकार की ओर से दावा किया जा रहा है कि मकान में ऑटोमैटिक लॉक लगे थे, जबकि स्थानीय निवासियों का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं था। उन्होंने कहा कि इस तरह के परस्पर विरोधी बयान सरकार की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। कई लोग छत और छज्जों से मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन समय पर बचाए नहीं जा सके।

पालम अग्निकांड से तुलना

भारद्वाज ने याद दिलाया कि 18 मार्च को हुए पालम अग्निकांड में भी 9 लोगों की मौत हुई थी और तब भी सरकार ने पीड़ितों को ही जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने सवाल किया कि उस घटना की जिलाधिकारी जाँच रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई। गौरतलब है कि यह Nवीं बार है जब राजधानी में हुई अग्निकांड की त्रासदी के बाद जवाबदेही की माँग उठी है।

आगे क्या होगा

भारद्वाज ने माँग की कि सरकार ठोस जवाबदेही तय करे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में आग से जुड़ी दुर्घटनाएँ लगातार सुर्खियों में हैं और दमकल सेवाओं की तैयारी पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि सरकार जाँच रिपोर्ट सार्वजनिक करती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह एक चिंताजनक पैटर्न है। दमकल की 50 मिनट की देरी और वॉटर कैनन में दबाव की कमी — ये तकनीकी विफलताएँ हैं जिनका जवाब सरकार को देना होगा, न कि मकान की बनावट पर उँगली उठाकर। पालम अग्निकांड की जाँच रिपोर्ट का सार्वजनिक न होना इस संदेह को और गहरा करता है कि जवाबदेही से बचने की कोशिश हो रही है। दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले शहर में दमकल सेवाओं की तैयारी पर गंभीर नीतिगत समीक्षा की जरूरत है — यह सवाल किसी एक पार्टी का नहीं, हर दिल्लीवासी का है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विवेक विहार अग्निकांड में कितने लोगों की मौत हुई?
विवेक विहार अग्निकांड में 9 लोगों की मौत हुई, जिनमें डेढ़ साल का एक मासूम बच्चा भी शामिल था। यह हादसा दिल्ली के विवेक विहार इलाके में हुआ।
सौरभ भारद्वाज ने दमकल विभाग पर क्या आरोप लगाए?
AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि दमकल विभाग को घटनास्थल पर पहुँचने और बचाव कार्य शुरू करने में करीब 50 मिनट की देरी हुई। उन्होंने यह भी कहा कि वॉटर कैनन में पर्याप्त पानी का दबाव नहीं था।
सरकार ने विवेक विहार अग्निकांड के लिए क्या तर्क दिया?
सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि मकान में ऊपर जाने के लिए केवल एक ही सीढ़ी थी और मकान में ऑटोमैटिक लॉक लगे थे। हालाँकि, स्थानीय निवासियों ने ऑटोमैटिक लॉक के दावे को खारिज किया है।
पालम अग्निकांड क्या था और उसकी जाँच रिपोर्ट कब आएगी?
18 मार्च को हुए पालम अग्निकांड में भी 9 लोगों की मौत हुई थी। भारद्वाज के अनुसार उस घटना की जिलाधिकारी जाँच रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
विवेक विहार अग्निकांड में बचाव कार्य में देरी कैसे हुई?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सूचना मिलने के करीब 20 मिनट बाद दमकल गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं, लेकिन उपकरण तैयार करने में 30 मिनट और लग गए। इस कुल 50 मिनट की देरी के कारण कई लोग छत और छज्जों से मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन बचाए नहीं जा सके।
राष्ट्र प्रेस
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