क्या सौरभ भारद्वाज ने अमोनिया युक्त पानी के मामले में हरियाणा सरकार पर आरोप लगाया?
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली में अमोनिया युक्त पानी का संकट।
- हरियाणा सरकार पर गंभीर आरोप।
- जनता की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता।
- इंदौर की घटना से सबक लेने की जरूरत।
- दिल्ली जल बोर्ड की सीमाएं।
नई दिल्ली, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आम आदमी पार्टी (आप) के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने यमुना में अमोनिया युक्त जहरीले पानी को छोड़ने के मामले में हरियाणा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से लोगों की जान गई, उसी तरह दिल्लीवालों को भी जहरीला पानी पिलाकर मारने की साजिश की गई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले हरियाणा सरकार ने यमुना में भारी मात्रा में अमोनिया मिलाकर पानी छोड़ा, जिससे दिल्ली की जल आपूर्ति पर संकट उत्पन्न हो गया।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जब तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे को उठाया और कड़ा विरोध किया, तभी जाकर हरियाणा सरकार ने अमोनिया की मात्रा कम की। उन्होंने सवाल किया कि यदि पानी सुरक्षित था तो विरोध के बाद अमोनिया का स्तर अचानक कैसे घट गया?
उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब दिल्ली की सत्ता हथियाने के लिए किया गया। आप नेता ने कहा कि जब केजरीवाल ने हरियाणा सरकार पर अमोनिया मिलाने का आरोप लगाया, तब उपराज्यपाल (एलजी), दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) और हरियाणा सरकार ने इन आरोपों को झूठा बताया। इतना ही नहीं, हरियाणा सरकार ने केजरीवाल के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज करवा दी थी। उस समय दिल्ली जल बोर्ड की सीईओ और एलजी की ओर से लिखे गए पत्रों को मीडिया में प्रचारित कर बताया गया कि यमुना में अमोनिया का स्तर सामान्य है। हालांकि, अब केंद्र सरकार की एजेंसी टेरी की रिपोर्ट ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सौरभ भारद्वाज के अनुसार, टेरी की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दिसंबर 2025 में जब यमुना के सैंपल लिए गए, तब वजीराबाद के अपस्ट्रीम में अमोनिया का स्तर 27 पीपीएम और डाउनस्ट्रीम में करीब 30 पीपीएम था।
उन्होंने कहा कि इतना अमोनिया मिला पानी यदि कोई पी ले, तो वह जहर के समान है। दिल्ली जल बोर्ड की क्षमता 1 पीपीएम से अधिक अमोनिया वाले पानी को शुद्ध करने की नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार को बचाने के लिए एलजी और दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों ने अमोनिया के वास्तविक आंकड़े छुपाए और दिल्ली की जनता को गुमराह किया।
सौरभ भारद्वाज ने यह भी कहा कि हरियाणा के सोनीपत और पानीपत क्षेत्रों से औद्योगिक और सीवेज कचरा यमुना में छोड़ा जा रहा था, जो सरकार की लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने इंदौर की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वहां सरकारी जल आपूर्ति का पानी पीने से करीब 10 लोगों की जान गई है और सैकड़ों लोग अस्पताल में भर्ती हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में ऐसी स्थिति इसलिए नहीं बनी क्योंकि अरविंद केजरीवाल ने समय रहते इस मुद्दे को उठाया और जनता की जान बचाई। आप नेता ने यह भी चेतावनी दी कि घरों में लगे आरओ सिस्टम भी 30 पीपीएम अमोनिया को फिल्टर करने में सक्षम नहीं हैं।
अंत में उन्होंने कहा कि चाहे कितनी भी एफआईआर उनके खिलाफ दर्ज हों, आम आदमी पार्टी जनता की आवाज उठाती रहेगी और दिल्ली को इंदौर बनने से बचाने के लिए हर संघर्ष करेगी।