उत्तराखंड के पूर्व CM मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी का निधन, 19-21 मई तक तीन दिन का राजकीय शोक

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उत्तराखंड के पूर्व CM मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी का निधन, 19-21 मई तक तीन दिन का राजकीय शोक

सारांश

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और सेना के सम्मानित अधिकारी मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी के निधन से राज्य में शोक की लहर है। सरकार ने 19 से 21 मई तक तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है और 20 मई को पुलिस सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा।

मुख्य बातें

उत्तराखंड सरकार ने पूर्व CM मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर 19 से 21 मई तक तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया।
शोक अवधि में प्रदेशभर के सरकारी कार्यालयों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और शासकीय मनोरंजन कार्यक्रम नहीं होंगे।
अंतिम संस्कार 20 मई को पुलिस सम्मान के साथ होगा; उस दिन राज्य सरकार के सभी कार्यालय बंद रहेंगे।
खंडूरी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में दो कार्यकाल ( 2007-2009 और 2011-2012 ) संभाले और गढ़वाल से 16वीं लोकसभा सांसद भी रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे उत्तराखंड और राष्ट्रीय राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी के आकस्मिक निधन पर राज्य सरकार ने 19 मई से 21 मई 2025 तक तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार, दिवंगत नेता के सम्मान में प्रदेशभर के सरकारी कार्यालयों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।

राजकीय शोक के निर्देश

अपर सचिव महावीर सिंह चौहान द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि शोक अवधि के दौरान किसी भी प्रकार के शासकीय मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे। यह आदेश राज्य के सभी प्रमुख सचिवों, पुलिस महानिदेशक, मंडलायुक्तों, विभागाध्यक्षों और जिलाधिकारियों को भेजा गया है, ताकि निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित हो सके।

अंतिम संस्कार और कार्यालय अवकाश

सरकार ने घोषणा की है कि मेजर जनरल खंडूरी का अंतिम संस्कार 20 मई को पुलिस सम्मान के साथ किया जाएगा। अंत्येष्टि के दिन राज्य सरकार के सभी कार्यालय बंद रहेंगे।

खंडूरी का जीवन-परिचय: सेना से सियासत तक

मेजर जनरल खंडूरी ने राजनीति में प्रवेश से पूर्व भारतीय सेना के कोर ऑफ इंजीनियर्स में एक प्रतिष्ठित अधिकारी के रूप में सेवाएं दीं। अपने सख्त अनुशासन और उत्कृष्ट प्रशासनिक क्षमता के लिए उन्होंने विशेष पहचान बनाई। सेवानिवृत्ति के बाद राजनीति में आकर उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में दो बार कार्यभार संभाला — पहला कार्यकाल 2007 से 2009 तक और दूसरा 2011 से 2012 तक।

इसके अतिरिक्त उन्होंने केंद्र सरकार में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वे 16वीं लोकसभा में उत्तराखंड के गढ़वाल संसदीय क्षेत्र से सांसद भी रहे।

मुख्यमंत्री धामी की श्रद्धांजलि

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि खंडूरी ने भारतीय सेना में रहते हुए राष्ट्र सेवा, अनुशासन और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। धामी ने कहा, 'सैन्य जीवन से लेकर सार्वजनिक जीवन तक उनका व्यक्तित्व राष्ट्रहित और जनसेवा के प्रति समर्पित रहा।'

मुख्यमंत्री ने आगे लिखा कि खंडूरी ने राजनीतिक जीवन में उत्तराखंड के विकास, सुशासन, पारदर्शिता और ईमानदार कार्यशैली की मजबूत पहचान बनाई। धामी के अनुसार, 'उनका निधन उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है।'

राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक

मेजर जनरल खंडूरी के निधन से उत्तराखंड के राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर है। सादगी, स्पष्टवादिता और कार्यकुशलता के लिए जाने जाने वाले खंडूरी ने अपने दोनों मुख्यमंत्री कार्यकालों में प्रदेश के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए। उनके निधन के साथ उत्तराखंड ने एक ऐसे नेता को खोया है जिन्होंने सेना और सियासत दोनों में अपनी अमिट छाप छोड़ी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पारदर्शिता और सख्त प्रशासन के लिए उन्हें अपनी ही पार्टी के भीतर भी चुनौतियों का सामना करना पड़ा — यह विरोधाभास मुख्यधारा की श्रद्धांजलियों में अक्सर अनदेखा रह जाता है। केंद्र में सड़क परिवहन मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल ने राष्ट्रीय राजमार्ग नीति पर स्थायी छाप छोड़ी। उत्तराखंड के लिए यह केवल एक नेता का जाना नहीं, बल्कि उस शासन-शैली का भी विदाई है जो सैन्य अनुशासन और लोकतांत्रिक जवाबदेही को एक साथ साधने की कोशिश करती थी।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी कौन थे?
मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय सेना के कोर ऑफ इंजीनियर्स के सेवानिवृत्त अधिकारी थे। उन्होंने 2007-2009 और 2011-2012 में दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद पर कार्य किया और गढ़वाल से 16वीं लोकसभा के सांसद भी रहे।
उत्तराखंड में राजकीय शोक कितने दिनों का घोषित किया गया है?
राज्य सरकार ने 19 मई से 21 मई 2025 तक तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान सरकारी कार्यालयों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और शासकीय मनोरंजन कार्यक्रम नहीं होंगे।
मेजर जनरल खंडूरी का अंतिम संस्कार कब और कैसे होगा?
उनका अंतिम संस्कार 20 मई को पुलिस सम्मान के साथ किया जाएगा। अंत्येष्टि के दिन राज्य सरकार के सभी कार्यालय बंद रहेंगे।
खंडूरी ने केंद्र सरकार में क्या भूमिका निभाई थी?
मेजर जनरल खंडूरी ने केंद्र सरकार में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। इसके अलावा वे 16वीं लोकसभा में उत्तराखंड के गढ़वाल संसदीय क्षेत्र से सांसद भी रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खंडूरी के निधन पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि खंडूरी ने सैन्य जीवन से लेकर सार्वजनिक जीवन तक राष्ट्रहित और जनसेवा के प्रति समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने इस निधन को उत्तराखंड और राष्ट्रीय राजनीति दोनों के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
राष्ट्र प्रेस
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