भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर PM मोदी का शोक — 'सशस्त्र बलों से राजनीति तक अविस्मरणीय योगदान'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार, 19 मई 2026 को उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर खंडूरी के साथ अपनी पुरानी तस्वीर साझा करते हुए उनके सैन्य और राजनीतिक जीवन को श्रद्धांजलि दी।
प्रधानमंत्री मोदी की श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, 'उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (रिटायर्ड) भुवन चंद्र खंडूरी जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। सशस्त्र बलों से लेकर राजनीतिक जगत में उन्होंने बहुमूल्य योगदान दिया, जिसके लिए उन्हें सदैव याद किया जाएगा।' उन्होंने यह भी कहा कि खंडूरी उत्तराखंड के विकास के लिए सदैव समर्पित रहे, जो उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल में स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ।
मोदी ने आगे लिखा कि केंद्रीय मंत्री के रूप में खंडूरी का कार्यकाल प्रेरणादायी रहा और देशभर में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए उन्होंने अथक परिश्रम किया। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों और समर्थकों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।
केंद्रीय मंत्रियों की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर लिखा कि खंडूरी का संपूर्ण जीवन देश, समाज और जनसेवा के प्रति समर्पित रहा। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और परिजनों को इस गहन दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान हो।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खंडूरी को 'राष्ट्रसेवा, अनुशासन और सुशासन का प्रतीक' बताते हुए कहा कि उनके व्यक्तित्व ने सेना से लेकर सार्वजनिक जीवन तक उच्च आदर्श स्थापित किए।
सांसद अनिल बलूनी का भावपूर्ण संदेश
पौड़ी गढ़वाल से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद अनिल बलूनी ने एक्स पर लिखा कि खंडूरी का निधन उत्तराखंड और राष्ट्र के लिए एक 'अपूरणीय क्षति' है। बलूनी ने कहा कि खंडूरी ने अपनी सादगी, कर्मनिष्ठा और सिद्धांतों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता से सार्वजनिक जीवन में एक आदर्श स्थापित किया।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि उत्तराखंड राज्य के निर्माण और विकास में खंडूरी का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा और भगवान बद्रीविशाल से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को उनके श्रीचरणों में स्थान मिले।
खंडूरी की विरासत
मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी ने भारतीय सेना में उल्लेखनीय सेवाएं दीं और बाद में राजनीति में प्रवेश किया। वे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और केंद्र में मंत्री रहे, जहाँ उन्होंने विशेष रूप से सड़क और परिवहन क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए। उनका निधन एक ऐसे नेता के जाने का प्रतीक है जिन्होंने वर्दी और लोकतंत्र — दोनों में देश की सेवा की।
राजनीतिक और सामाजिक जगत से श्रद्धांजलियों का सिलसिला जारी है, और उनके परिजनों के प्रति संवेदनाएं देशभर से आ रही हैं।