दिल्ली में आग लगने की घटनाएं: 2026 में 24 मौतें चिंताजनक, देवेन्द्र यादव का गंभीर बयान
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली में आग की घटनाएं बढ़ रही हैं।
- 2016-2025 में 4652 मौतें हुईं।
- दमकल विभाग की स्थिति चिंताजनक है।
- झुग्गी बस्तियों में आग से नुकसान बढ़ रहा है।
- जांच कमेटी की मांग की गई है।
नई दिल्ली, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि 18 मार्च को पालम की 5 मंजिला इमारत में लगी भीषण आग में 9 लोगों की दिल दहलाने वाली मौत से दिल्ली में हाहाकार मच गया है। प्रदेश अध्यक्ष ने आग की घटना की जांच के लिए उपराज्यपाल को पत्र लिखकर एक कमेटी का गठन करने की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि 2016-2025 तक दिल्ली में 4652 लोगों की आग में झुलसने से जानें जा चुकी हैं, जबकि 2026 के पहले ढाई महीनों में आग लगने से 24 लोगों की मौत होना अत्यंत चिंताजनक है।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि भाजपा की निक्कमी सरकार की वजह से आग लगने, नाले में गिरने और इमारत के गिरने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे दिल्ली दुर्घटनाओं की राजधानी बन गई है। मंत्री मौजूदा स्थितियों को नजरअंदाज कर भविष्य की योजनाओं की घोषणा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पालम स्थित घटनास्थल पर दमकल विभाग की गाड़ियां एक घंटे लेट पहुंची और हाइड्रोलिक मशीनें भी काम नहीं कर पाई, जिससे 9 लोगों की जान गई। यदि दमकल गाड़ियां समय पर पहुंच जातीं और हाइड्रोलिक मशीनें खुल जातीं, तो बड़ा हादसा टल सकता था। उन्होंने दमकल विभाग की मैनपावर की कमी की ओर इशारा करते हुए कहा कि इस विभाग में 40 वाटर टेंडर के मुकाबले केवल 20 मौजूद हैं।
इसके अलावा, 2012 के बाद से फायर स्टेशन अधिकारियों की भर्ती नहीं हुई है, जबकि 70 फायर स्टेशनों पर 90 अधिकारियों की आवश्यकता है, लेकिन वर्तमान में केवल 18 अधिकारी हैं। इसके चलते दमकल विभाग की क्षमता कमजोर हो रही है, जिससे दिल्ली के निवासियों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में झुग्गी झोपड़ी बस्तियों में गर्मियों में आग लगने की घटनाएं होती रहती हैं, जिससे गरीबों की जान-माल को नुकसान होता है। उन्होंने मांग की कि उपराज्यपाल द्वारा गठित कमेटी आग से बचाव के उपायों पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करे ताकि घटनाओं को रोका जा सके।