पालम अग्निकांड पर रामदास आठवले की अपील: सरकार को मृतकों की मदद करनी चाहिए
सारांश
Key Takeaways
- पालम अग्निकांड में 9 लोगों की मौत हुई।
- केंद्रीय राज्यमंत्री ने जांच की मांग की।
- पीड़ित परिवारों को सरकारी सहायता की आवश्यकता है।
- आग लगने के कारणों की जांच होनी चाहिए।
- सुरक्षा के उपायों पर विचार करने की आवश्यकता है।
नई दिल्ली, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने पालम क्षेत्र में हुए अग्निकांड पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने मांग की है कि इस घटना की पूर्ण जांच होनी चाहिए ताकि वास्तविकता का पता चल सके।
रामदास आठवले ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि पालम इलाके में कई बहुमंजिला इमारतें मौजूद हैं, और रिपोर्ट के अनुसार, इस अग्निकांड में 9 लोगों की जान चली गई है। उन्होंने कहा कि यह आवश्यक है कि आग लगने के कारणों की जांच की जाए और यह भी जाना जाए कि वास्तव में क्या हुआ। पीड़ित परिवारों को राज्य और केंद्र सरकार से सहायता मिलनी चाहिए।
भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि एक ही परिवार के नौ सदस्यों का निधन होना अत्यंत दुखद है। इससे ना केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश में गहरा शोक व्याप्त है। आग ग्राउंड फ्लोर पर एक दुकान में लगी थी, लेकिन धुआं ऊपर तक फैल गया, जहां वह परिवार निवास करता था, और इसके परिणामस्वरूप उनकी मृत्यु दम घुटने के कारण हुई। उन्होंने कहा कि यह हमें अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने का एक महत्वपूर्ण सबक सिखाता है।
भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने घटना को अत्यंत दुखद बताया और कहा कि प्रशासन को यह जांच करनी चाहिए कि आग बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी या किसी अन्य वजह से।
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अभिमन्यु पोसवाल ने जानकारी दी कि बुधवार सुबह करीब 7:04 बजे, पालम गांव के राम चौक मार्केट में कपड़ों और कॉस्मेटिक्स की एक दुकान में आग लगने की सूचना मिली। कई लोग अंदर फंस गए थे। कुल बारह लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें से नौ को अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया गया। इसमें दो पुरुष, चार महिलाएं और तीन बच्चे शामिल हैं। बाकी तीन लोगों को बचा लिया गया है और उनका इलाज चल रहा है।