पालम अग्निकांड पर आशीष सूद का बयान: 'भाजपा सरकार ने जिम्मेदारी से भागने का प्रयास किया'
सारांश
Key Takeaways
- पालम अग्निकांड में कई लोगों की जान गई।
- गृह मंत्री ने सरकार की त्वरित कार्रवाई की बात की।
- विपक्ष पर गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार का आरोप।
- सरकार ने किसी भी प्रकार की ब्लेम पॉलिटिक्स नहीं की।
- मुख्यमंत्री ने घटनास्थल पर तत्काल कदम उठाए।
नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने दिल्ली विधानसभा में पालम अग्निकांड के संदर्भ में अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से कहा कि आपने मुझे दिल्ली के एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय पर अपनी बात रखने का अवसर दिया, जिसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली के विकास और प्रशासनिक कदमों की चर्चा करना है।
उन्होंने कहा कि मैं इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करता हूं। जिन लोगों की जान गई है, उनके लिए प्रार्थना करता हूं और परिवारों के साथ इस कठिन समय में खड़ा हूं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पूरी सरकार उनके साथ है। इससे पहले कि मैं इस घटनाक्रम की चर्चा शुरू करूं, मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि जिस दिन यह घटना हुई, तब सरकार पूरी जिम्मेदारी के साथ पीड़ितों के साथ थी।
आशीष सूद ने बताया कि घटना की रिपोर्ट आते ही मुख्यमंत्री ने दो घंटे के भीतर मजिस्ट्रियल जांच का आदेश दिया और मृतकों के लिए एक्स-ग्रेशिया की घोषणा की। उन्होंने सुनिश्चित किया कि पोस्टमार्टम समय पर हो और परिजनों को शव मिलें। मैं स्वयं वहां था, मंगलापुरी श्मशान में मृतकों के परिवार के साथ खड़ा रहा। सबसे दुखद क्षण तब होता है जब इस प्रकार की घटनाओं के बाद राजनीति की जाती है।
आगे उन्होंने कहा कि पुलिस और फायर विभाग की जांच जारी है, और मैं कुछ तथ्यों को आपके सामने रखूंगा। लेकिन इससे पहले, मैं यह बताना चाहता हूं कि विपक्ष का इस चर्चा में शामिल न होना उनके गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार को दर्शाता है।
आशीष सूद ने कहा कि जनवरी 2018 में बवाना में बड़ी आग लगी, जिसमें 17 लोग मारे गए। उस समय की सरकार ने एमसीडी पर जिम्मेदारी डाली। इसके बाद फरवरी 2019 में करोल बाग में आग लगी, जिसमें फिर 17 लोग मरे। ऐसे में जिम्मेदारी से बचने का प्रयास किया गया। अनाज मंडी में 2019 में आग लगी, जिसमें 43 लोगों की जान गई।
उन्होंने कहा कि इस बार दिल्ली सरकार ने किसी तरह की ब्लेम पॉलिटिक्स नहीं की। मुख्यमंत्री ने तुरंत कार्रवाई की। हम वल्चर पॉलिटिक्स नहीं खेलते हैं। हम अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हैं।