मालवीय नगर अग्निकांड: 21 की मौत पर AAP का हमला, फायर ब्रिगेड पर 45 मिनट देरी का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में हुए भीषण अग्निकांड में कथित तौर पर 21 लोगों की मौत के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने 3 मई को दिल्ली सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने राजधानी की फायर सेफ्टी व्यवस्था, दमकल विभाग की प्रतिक्रिया समय और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
केजरीवाल ने जताया शोक
AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की और मृतात्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने इतनी बड़ी संख्या में जान जाने को 'बेहद दुखद और चिंताजनक' बताया।
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में लगातार हो रहे अग्निकांड और उनमें मासूम लोगों की जान जाना गंभीर चिंता का विषय है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
सौरभ भारद्वाज का 'इंटरनेशनल शेम' वाला बयान
AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने इस घटना को 'इंटरनेशनल शेम' करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर दावा किया कि स्थानीय लोगों के अनुसार दमकल की गाड़ियाँ घटनास्थल पर कथित तौर पर 45 मिनट की देरी से पहुँचीं, जबकि नज़दीकी फायर स्टेशन और पुलिस स्टेशन घटनास्थल से महज़ तीन मिनट की दूरी पर हैं।
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि आग में फँसे विदेशी नागरिकों को बचाने के लिए स्थानीय लोगों को स्वयं गद्दे बिछाकर राहत कार्य करना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि बिजली के तारों में हुए विस्फोट इस ओर इशारा करते हैं कि समय रहते क्षेत्र की बिजली आपूर्ति भी बंद नहीं की गई।
आतिशी ने भाजपा सरकार को घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री और AAP नेता आतिशी ने मालवीय नगर में आग से 20 लोगों की मौत की खबर को 'अत्यंत पीड़ादायक' बताते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
आतिशी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि दिल्ली में बार-बार हो रहे अग्निकांडों और मौतों की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा। उन्होंने कहा कि फायर सेफ्टी व्यवस्था की बदहाली के कारण ऐसे हादसे लगातार सामने आ रहे हैं और हर बड़े हादसे के बाद केवल बयानबाज़ी होती है, जवाबदेही तय नहीं होती।
व्यापक संदर्भ
यह घटना ऐसे समय में आई है जब राजधानी में पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े अग्निकांड — मुंडका, बवाना, नरेला — दर्ज हो चुके हैं, जिनमें दर्जनों लोगों की जान गई। आलोचकों का कहना है कि भवन सुरक्षा मानदंडों के अनुपालन और दमकल अधोसंरचना के विस्तार पर ठोस कार्रवाई अब भी अधूरी है।
आगे क्या
AAP नेताओं ने हादसे की उच्चस्तरीय जाँच और जवाबदेही तय करने की माँग की है। दमकल विभाग की प्रतिक्रिया समय और बिजली आपूर्ति बंद न होने के आरोपों पर सरकार की औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतज़ार है।