समय रैना को सम्मान नहीं, दंड मिलना चाहिए — गजेंद्र चौहान का महाराष्ट्र सरकार पर तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता गजेंद्र चौहान ने 3 सितंबर को कॉमेडियन समय रैना को महाराष्ट्र सरकार द्वारा दिए गए सम्मान पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि जो कलाकार कॉमेडी की आड़ में किसी प्रदेश या समुदाय की बेइज्जती करे, वह सम्मान नहीं बल्कि दंड का अधिकारी है। 'इंडियाज गॉट लेटेंट 2' में बिहार और कश्मीरी पंडितों को लेकर की गई कथित टिप्पणियों के बाद उठे विवाद के बीच यह बयान आया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में मुंबई के एक साइबर अवेयरनेस कार्यक्रम में समय रैना को सम्मानित किया था, जिसे लेकर चौहान ने खुलकर नाराजगी जाहिर की।
क्या है पूरा विवाद
'इंडियाज गॉट लेटेंट 2' के एक एपिसोड में समय रैना और स्टैंडअप कॉमेडियन शेरोन वर्मा के बीच उनके मूल स्थानों को लेकर बातचीत हुई। समय ने अपने खास अंदाज में शेरोन का परिचय कराते हुए कहा, 'शेरोन वर्मा एक बिहारी हैं जो नौकरी की तलाश में मुंबई आईं।' इस पर शेरोन ने पलटवार करते हुए कहा, 'कम से कम, मैंने अपनी मर्जी से अपना राज्य छोड़ा।' इस कथित टिप्पणी ने बिहार और कश्मीरी पंडितों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को लेकर व्यापक विरोध को जन्म दिया।
गजेंद्र चौहान का बयान
करीब 45 साल के फिल्म और अभिनय करियर का हवाला देते हुए चौहान ने कहा, 'ये बेहद दुख की बात है कि समय रैना जैसे कमीडियन को सम्मानित किया गया। मुझे नहीं लगता कि वे सम्मान के लायक हैं। अगर आप कॉमेडी के माध्यम से किसी को कुछ भी कहते हैं, तो आप सम्मान के नहीं, बल्कि दंड के अधिकारी हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि सर्वोच्च न्यायालय पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की अपनी सीमाएँ हैं और लोगों को उसी दायरे में रहकर बात रखनी चाहिए।
कॉमेडी की सीमा पर चौहान का रुख
चौहान ने कहा कि स्टैंडअप कॉमेडियन होने का अर्थ यह नहीं कि किसी प्रदेश के लोगों की बेइज्जती की जाए। उन्होंने दिवंगत कॉमेडियन महमूद और वरिष्ठ कलाकार जॉनी लीवर का उदाहरण देते हुए कहा कि इन दोनों ने दशकों तक कॉमेडी की, लेकिन कभी अश्लीलता या किसी समुदाय की अवमानना का सहारा नहीं लिया। उनका मानना है कि ऐसे मामलों में या तो दर्शक ऐसे कंटेंट को नजरअंदाज करें, या अगर बात गंभीर हो तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक राम कदम भी समय रैना की कथित टिप्पणियों की आलोचना कर चुके हैं। उनका आरोप है कि कुछ लोग जानबूझकर विवादित बयान देते हैं, सिर्फ पब्लिसिटी के लिए। उन्होंने कहा कि सनातन हिंदू धर्म और कश्मीरी पंडितों को मजाक का विषय नहीं बनाया जा सकता और बाद में माफी माँगने से विवादित बयान की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती।
समय रैना का पुराना विवाद
गौरतलब है कि समय रैना इससे पहले भी 'इंडियाज गॉट लेटेंट' को लेकर विवादों में रहे हैं। 2025 में रणवीर इलाहाबादिया की एक आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद शो को बंद करना पड़ा था, एफआईआर दर्ज हुई थी और समय रैना से पूछताछ भी हुई थी। इसी पृष्ठभूमि में उन्हें मुख्यमंत्री फडणवीस द्वारा सम्मानित किए जाने को लेकर यह नया विवाद और भी तीखा हो गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक बहस और तेज होने की संभावना है।