नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़: विदेशी नागरिकों से ठगी के आरोप में तीन गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा पुलिस ने 2-3 सितंबर 2026 की देर रात सेक्टर-138 स्थित प्लॉट संख्या-58 की इमारत की तीसरी मंजिल पर संचालित एक अवैध कॉल सेंटर पर छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह गिरोह फर्जी पहचान और विदेशी सिम कार्ड के जरिए विदेशी नागरिकों को ठगी का शिकार बना रहा था।
छापेमारी का घटनाक्रम
थाना सेक्टर-142 पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सेक्टर-138 की उक्त इमारत में अवैध गतिविधियाँ चल रही हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने देर रात मौके पर दबिश दी और वहाँ एक सक्रिय कॉल सेंटर संचालित होता पाया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 9 सीपीयू, 9 डेस्कटॉप कंप्यूटर, 9 माउस, 9 कीबोर्ड, 9 हेडफोन, 1 राउटर और 4 आईफोन बरामद किए। ये उपकरण साइबर ठगी के नेटवर्क की व्यापकता का संकेत देते हैं।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं
गिरफ्तार तीनों आरोपी देश के अलग-अलग राज्यों से हैं। मंसूरी राशिद (26 वर्ष) गुजरात के अहमदाबाद का निवासी है। तरुण मिश्रा (39 वर्ष) राजस्थान के सिरोही जिले का रहने वाला बताया गया है। चन्द्रकांत (39 वर्ष) कर्नाटक के करवर क्षेत्र का निवासी है।
यह तथ्य कि तीनों आरोपी तीन अलग-अलग राज्यों से हैं, जाँचकर्ताओं के अनुसार इस ऑपरेशन के अंतर-राज्यीय संगठित स्वरूप की ओर इशारा करता है।
ठगी का तरीका
पुलिस के अनुसार, आरोपी फर्जी पहचान का इस्तेमाल करते हुए विदेशी सिम कार्ड और कंप्यूटर-मोबाइल के माध्यम से विदेशी नागरिकों से संपर्क करते थे और उनके साथ धोखाधड़ी करते थे। प्रारंभिक जाँच में यह सामने आया है, हालाँकि ठगी के सटीक तरीके और पीड़ितों की संख्या की जाँच अभी जारी है।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों को विदेशी सिम कार्ड कहाँ से प्राप्त होते थे और ठगी से अर्जित रकम को किस माध्यम से ट्रांसफर या उपयोग किया जाता था।
जाँच की दिशा
बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का डिजिटल फोरेंसिक विश्लेषण किया जा रहा है, जिससे कॉल सेंटर के संचालन की अवधि, विदेशी नागरिकों से संपर्क के तरीके और ठगी के व्यापक नेटवर्क की जानकारी मिलने की संभावना है। जाँच के दौरान इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों के बारे में भी खुलासे हो सकते हैं।
गौरतलब है कि साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच नोएडा पुलिस लगातार ऐसे फर्जी कॉल सेंटरों के खिलाफ अभियान चला रही है। यह छापेमारी उसी सिलसिले की एक कड़ी है। आने वाले दिनों में गिरफ्तार आरोपियों की पूछताछ से इस नेटवर्क की पूरी परतें खुलने की उम्मीद है।