नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़: कंपनी संचालक रणबीर सिंह समेत तीन गिरफ्तार, 39 मोबाइल व 10 लैपटॉप बरामद
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के सेक्टर-63 स्थित एक फर्जी कॉल सेंटर का 16 जुलाई को पर्दाफाश हुआ, जब थाना सेक्टर-63 पुलिस ने संगठित साइबर ठगी के इस गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया। आरोपी देशभर के व्यापारियों और उद्यमियों को ऑनलाइन मार्केटिंग, नए खरीदार उपलब्ध कराने और फर्जी प्रमाणपत्र जारी करने का झाँसा देकर मोटी रकम वसूलते थे।
कैसे हुआ खुलासा
पुलिस के अनुसार, 16 जुलाई को थाना सेक्टर-63 में दर्ज एक शिकायत की जाँच के दौरान इस गिरोह का भंडाफोड़ हुआ। जाँच में सामने आया कि सेक्टर-63, ए-135 भवन में फर्जी कॉल सेंटर संचालित हो रहा था, जहाँ से देशभर के व्यापारियों को फोन कर सेवाओं का प्रलोभन दिया जाता था। आरोपी पहले फर्जी दस्तावेज़ और प्रमाणपत्र दिखाकर लोगों का विश्वास जीतते, फिर आर्थिक ठगी करते थे।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने कंपनी संचालक रणबीर सिंह (निवासी इंदिरापुरम, गाजियाबाद), उसके सहयोगी ललित कुमार (निवासी बरौला, नोएडा) और रणबीर की पत्नी ज्योति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार ज्योति कॉल सेंटर के संचालन में सक्रिय भूमिका निभा रही थी।
बरामद सामग्री
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 39 स्मार्टफोन, 9 कीपैड मोबाइल, 10 लैपटॉप, 36 सीपीयू, 32 सिम कार्ड तथा टैक्स इनवॉइस, फर्जी दस्तावेज़ और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड बरामद किए। इन सभी उपकरणों की फॉरेंसिक जाँच कराई जा रही है, जिससे गिरोह के नेटवर्क, ठगी के तरीकों और देशभर में पीड़ितों की संख्या का पता लगाया जा सके।
जाँच की स्थिति और आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जाँच में यह गिरोह काफी समय से सक्रिय था और देश के विभिन्न राज्यों के व्यापारियों एवं उद्यमियों को निशाना बनाता था। अधिकारियों ने बताया कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की शीघ्र पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी। थाना सेक्टर-63 में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और डिजिटल साक्ष्यों की विस्तृत जाँच जारी है।
नोएडा पुलिस का संदेश
नोएडा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साइबर अपराध और फर्जी कॉल सेंटर के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा तथा ऐसे अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब देशभर में ऑनलाइन ठगी के मामलों में तेज़ी से वृद्धि दर्ज की जा रही है।