एप्पल का 'बैक टू स्कूल' ऑफर भारत में लॉन्च, मैक खरीदने पर मिलेगा मुफ्त एयरपॉड्स — 27 अगस्त तक वैध
सारांश
मुख्य बातें
एप्पल इंक. ने 16 जुलाई 2026 को भारत में अपना 'बैक टू स्कूल एजुकेशन' ऑफर लॉन्च किया, जिसके तहत कॉलेज स्टूडेंट्स, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को चुनिंदा मैक तथा आईपैड की खरीद पर मुफ्त एक्सेसरी मिलेगी। यह ऑफर 27 अगस्त 2026 तक लागू रहेगा और एप्पल की पहले से उपलब्ध एजुकेशन डिस्काउंट के अतिरिक्त है।
ऑफर में क्या मिलेगा
मैकबुक एयर या मैकबुक प्रो खरीदने वाले पात्र ग्राहकों को एयरपॉड्स 4 या एयरटैग 4 पैक निःशुल्क प्रदान किया जाएगा। वहीं, आईपैड एयर या आईपैड प्रो खरीदने पर एप्पल पेंसिल प्रो बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के दी जाएगी। इसके साथ ही, एप्पल स्टोर ऑनलाइन या एप्पल स्टोर ऐप के माध्यम से ऑर्डर करने पर पात्र एक्सेसरीज पर मुफ्त एनग्रेविंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
रियायती दरों पर अन्य एक्सेसरीज
मैक खरीदने वाले ग्राहकों के लिए एक्टिव नॉइज कैंसिलेशन वाले एयरपॉड्स 4 मात्र ₹5,000 में और एयरपॉड्स प्रो 3 ₹13,000 में उपलब्ध होंगे। आईपैड खरीदने वाले ग्राहक एयरटैग 4 पैक ₹2,000 में, एयरपॉड्स 4 ₹2,000 में, एक्टिव नॉइज कैंसिलेशन वाले एयरपॉड्स 4 ₹7,000 में और एयरपॉड्स प्रो 3 ₹15,000 में खरीद सकते हैं।
पात्रता और सत्यापन प्रक्रिया
कॉलेज स्टूडेंट्स, उनके अभिभावक और शिक्षक यूनिडेज के माध्यम से ऑनलाइन या किसी भी एप्पल रिटेल स्टोर पर अपनी पात्रता सत्यापित करके इस ऑफर का लाभ उठा सकते हैं। गौरतलब है कि एप्पल पहले से ही मैक, आईपैड, एप्पल वॉच और अन्य उत्पादों पर वर्षभर एजुकेशन डिस्काउंट देती है — यह ऑफर उसी के ऊपर अतिरिक्त लाभ है।
भारत में एप्पल की बढ़ती विनिर्माण उपस्थिति
यह ऑफर ऐसे समय में आया है जब भारत में एप्पल की मैन्युफैक्चरिंग तेज़ी से बढ़ रही है। कंपनी ने वर्ष 2025 में भारत में करीब 5.5 करोड़ आईफोन तैयार किए, जबकि 2024 में यह संख्या लगभग 3.6 करोड़ थी — यानी एक वर्ष में 53 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि। एप्पल वैश्विक स्तर पर प्रतिवर्ष लगभग 22 से 23 करोड़ आईफोन का उत्पादन करती है और भारत की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है।
कंपनी के अनुसार, सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इन्सेंटिव (PLI) योजना से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि ने चीन की तुलना में भारत में सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स की लागत संबंधी चुनौतियों की भरपाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह रुझान भारत के 'मेक इन इंडिया' लक्ष्यों के साथ एप्पल के गहराते जुड़ाव को दर्शाता है।