क्या नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ हुआ? बीमा पॉलिसी के नाम पर ठगी करने वाले 13 आरोपी गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- बीमा पॉलिसी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह सक्रिय हैं।
- 13 अभियुक्तों की गिरफ्तारी से जनता को सुरक्षा मिली है।
- संदिग्ध कॉल पर तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन को सूचित करें।
- फर्जी पहचान के जरिए ठगी को समझें और सतर्क रहें।
- पुलिस कार्रवाई से समाज में एक सकारात्मक बदलाव संभव है।
नोएडा, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा के साइबर क्राइम थाना और सेक्टर-63 थाना की एक संयुक्त पुलिस टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बीमा पॉलिसी के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सेक्टर-63 नोएडा स्थित एच-198 में संचालित इस कॉल सेंटर से 13 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी बीमा पॉलिसी, पुरानी पॉलिसी के नवीनीकरण और बोनस का लालच देकर लोगों से लाखों रुपए की ठगी कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 6 जनवरी 2026 को की गई। मौके से पुलिस ने 2 लैपटॉप चार्जर, 1 मॉडम चार्जर, 1 पीएनटी टैलीकॉलर, 31 मोबाइल फोन, 721 लोगों का बीमा डाटा और 2 डायरियां बरामद की हैं। बरामद डाटा में विभिन्न बीमा कंपनियों के पॉलिसीधारकों की व्यक्तिगत जानकारियां शामिल थीं, जिनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया जा रहा था।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे बीमा कंपनियों के नाम पर लोगों को कॉल करते थे और खुद को कंपनी का अधिकृत प्रतिनिधि बताकर फर्जी पहचान के जरिए बातचीत करते थे। वे बंद हो चुकी या किस्त न भर पाने के कारण निष्क्रिय बीमा पॉलिसी को रिन्यू कराने, बोनस दिलाने या नई पॉलिसी देने का झांसा देकर पीड़ितों से रकम अपने बताए गए फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लेते थे। इसके बाद ठगी की गई रकम को आपस में बांट लिया जाता था।
गिरफ्तार अभियुक्तों में कॉल सेंटर का संचालक छत्रपाल शर्मा भी शामिल है, जो ग्रो अप मैनेजमेंट सॉल्यूशन ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी चलाने का दावा करता था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, छत्रपाल शर्मा और सत्यम नामक अभियुक्त के खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। इस गिरोह में दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, बिहार और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के रहने वाले युवक शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के अन्य सहयोगियों और फर्जी बैंक खातों की जांच की जा रही है। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि ठगी से अर्जित धनराशि कितनी है और किन-किन लोगों को इस गिरोह ने अपना शिकार बनाया। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर बीमा या निवेश से संबंधित जानकारी साझा न करें और किसी भी संदिग्ध कॉल की सूचना तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन को दें।