मालवीय नगर अग्निकांड: दो विदेशी नागरिक अस्पताल से डिस्चार्ज, 15 अभी भी भर्ती — सभी की हालत स्थिर
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित 'फ्लोरिश स्टे बीएंडबी' इमारत में 3 जून को लगी भीषण आग में घायल हुए दो विदेशी नागरिकों को 4 जून की शाम मैक्स हॉस्पिटल, साकेत से छुट्टी दे दी गई। इस अग्निकांड में 21 लोगों की मौत हो चुकी है और 47 लोगों को इमारत से सुरक्षित निकाला गया था।
अस्पताल में भर्ती मरीजों की स्थिति
मैक्स हॉस्पिटल, साकेत के बयान के अनुसार, अभी कुल 15 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से 13 विदेशी नागरिक हैं। इनमें से 6 मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं, जबकि 9 मरीज आईसीयू और वार्ड में भर्ती हैं। अस्पताल ने स्पष्ट किया कि वेंटिलेटर पर मौजूद सभी मरीजों की हालत में सुधार हो रहा है।
अस्पताल प्रबंधन ने कहा, 'भर्ती सभी मरीजों की हालत स्थिर है। अभी कोई भी मरीज बहुत ज़्यादा गंभीर स्थिति में नहीं है।' साथ ही यह भी बताया गया कि मरीजों को लगी चोटों की प्रकृति और गंभीरता अलग-अलग है।
डिस्चार्ज हुए मरीजों का विवरण
जिन दो विदेशी नागरिकों को छुट्टी दी गई, उन्हें घटना वाले दिन यानी 3 जून को किसी अन्य अस्पताल से मैक्स हॉस्पिटल के इमरजेंसी डिपार्टमेंट में स्थानांतरित किया गया था। एक दिन के उपचार के बाद 4 जून की शाम उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
एम्स में भी पहुँचे घायल
ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS), नई दिल्ली में भी कई घायलों को भर्ती कराया गया था। इनमें वे पुलिसकर्मी भी शामिल थे जो आग लगने पर सबसे पहले घटनास्थल पर पहुँचे थे।
संपत्ति मालिक हिरासत में, पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने
अधिकारियों ने 5 जून, गुरुवार को बताया कि इमारत के मालिक लवकेश बजाज को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, बजाज को पिछले वर्ष भी एक बांग्लादेशी महिला, उसकी बेटी और नाबालिग पोते को जाली दस्तावेज़ों के ज़रिए निर्धारित समय से अधिक भारत में रहने में मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है।
यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण दिल्ली में अवैध रूप से संचालित गेस्टहाउसों और बहुमंजिला इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि इस इमारत में बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक ठहरे हुए थे, जो इस हादसे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी संवेदनशील बनाता है।
आगे की स्थिति
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, भर्ती सभी मरीजों की नियमित निगरानी जारी है और बेहतर नतीजों के लिए उचित उपचार दिया जा रहा है। जाँच एजेंसियाँ आग के कारणों और इमारत की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल कर रही हैं।