मेहराजुद्दीन वाडू बने भारत के अंडर-17 फुटबॉल टीम के हेड कोच, AFC क्वालीफायर्स 2027 की तैयारी शुरू
सारांश
मुख्य बातें
ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) ने 2 सितंबर को पूर्व अंतरराष्ट्रीय डिफेंडर मेहराजुद्दीन वाडू को भारत की अंडर-17 पुरुष राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का हेड कोच नियुक्त किया। टीम फिलहाल AFC अंडर-17 एशियन कप उज्बेकिस्तान 2027 के क्वालीफायर्स की तैयारी में जुटी है, और वाडू ने गोवा के मारगाओ में शुरू हुए तैयारी कैंप की कमान तुरंत संभाल ली है।
कैंप की शुरुआत और चयन प्रक्रिया
मारगाओ, गोवा में बुधवार से शुरू हुए इस कैंप के शुरुआती चरण में ट्रायल्स आयोजित किए जा रहे हैं। कोचिंग स्टाफ का लक्ष्य कॉन्टिनेंटल क्वालीफायर्स के लिए सबसे सक्षम खिलाड़ियों की पहचान करना और उन्हें उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय युवा फुटबॉल को एशियाई मंच पर अपनी उपस्थिति मजबूत करने की दरकार है।
वाडू की प्रतिक्रिया
टीम की जिम्मेदारी संभालने के बाद वाडू ने कहा, 'भारत की अंडर-17 पुरुष राष्ट्रीय टीम की कमान संभालना बहुत सम्मान की बात है। यह एक अहम आयु वर्ग है और हमारा तुरंत ध्यान ऐसा माहौल बनाने पर है जहाँ वे बेहतर बन सकें और सबसे ऊँचे स्तर पर मुकाबला कर सकें।' उन्होंने आगे कहा, 'हमने ट्रायल के साथ कैंप शुरू कर दिया है और क्वालीफायर के लिए बेहतरीन तरीके से तैयारी करेंगे। मैं खिलाड़ियों के साथ काम करने और एक सफल कैंप के लिए उत्साहित हूँ।'
क्वालीफायर्स में भारत की चुनौती
भारत को AFC अंडर-17 एशियन कप उज्बेकिस्तान 2027 क्वालीफायर्स के 'ग्रुप-ई' में रखा गया है। ग्रुप स्टेज में भारत का सामना मलेशिया, फिलिस्तीन, सिंगापुर और गुआम से होगा। ये क्वालीफायर्स 11 से 20 नवंबर के बीच कुआलालंपुर, मलेशिया में आयोजित होने हैं। गौरतलब है कि यह ग्रुप भारत के लिए प्रतिस्पर्धी है, और प्रत्येक मैच में अनुशासन व रणनीति निर्णायक भूमिका निभाएगी।
वाडू की कोचिंग और खिलाड़ी के रूप में विरासत
AFC प्रो लाइसेंस धारक 42 वर्षीय मेहराजुद्दीन वाडू हाल ही में मोहम्मडन स्पोर्टिंग क्लब के हेड कोच रह चुके हैं। इससे पहले वे रियल कश्मीर एफसी और सुदेवा दिल्ली एफसी के भी प्रभारी रहे हैं।
एक खिलाड़ी के रूप में उनका करियर उल्लेखनीय रहा। वे उस भारतीय टीम का हिस्सा थे जिसने 2008 में AFC चैलेंज कप जीता था, और 2011 में AFC एशियन कप में भी देश का प्रतिनिधित्व किया। इसके अलावा उन्होंने 2005 में SAFF चैंपियनशिप और 2007 व 2009 में नेहरू कप जीतने वाली भारतीय टीमों में भी अहम भूमिका निभाई। क्लब स्तर पर, वे चेन्नईयन एफसी की उस टीम के सदस्य थे जिसने 2015 में इंडियन सुपर लीग (ISL) का खिताब अपने नाम किया।
आगे की राह
ट्रायल्स के पश्चात अंतिम टीम का चयन होगा और नवंबर में कुआलालंपुर में होने वाले क्वालीफायर्स से पहले रणनीतिक तैयारी पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। वाडू का व्यापक खिलाड़ी अनुभव और क्लब-स्तरीय कोचिंग पृष्ठभूमि युवा भारतीय फुटबॉलरों के लिए एक ठोस मार्गदर्शन का आधार बन सकती है।