राम मंदिर CEO नियुक्ति पर इमरान मसूद का हमला: 'सरकार मंदिर में धंधा चलाना चाहती है'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बुधवार, 2 सितंबर को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नियुक्ति आस्था के प्रतीक मंदिर को व्यावसायिक संस्था में बदलने की दिशा में उठाया गया कदम है। इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027, चुनाव आयोग की भूमिका और जीडीपी के सरकारी दावों पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी।
राम मंदिर CEO नियुक्ति पर आपत्ति
मसूद ने नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा, 'आरएसएस का ही आदमी होगा, कोई दूसरा नहीं होगा। यह आस्था की बात है और साधु-संतों के हिसाब से ही सीईओ की नियुक्ति होनी चाहिए। मंदिर का काम साधु-संतों और पुजारी का है। लेकिन मंदिर में सीईओ बैठाया जा रहा है। सरकार चाह रही है कि इस पर धंधा चलाया जाए, तो वह चलाए।'
गौरतलब है कि जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति ट्रस्ट के इतिहास में पहली बार किसी CEO पद पर की गई है, जो प्रबंधकीय संरचना में एक बड़े बदलाव का संकेत देती है। आलोचकों का कहना है कि यह कदम मंदिर प्रशासन को पेशेवर बनाने की कोशिश है, जबकि धार्मिक संगठनों का एक वर्ग इसे धार्मिक परंपराओं के विरुद्ध मानता है।
चुनाव आयोग पर निशाना
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा महाराष्ट्र में 2 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के आरोपों का समर्थन करते हुए मसूद ने चुनाव आयोग को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, 'या तो पिछला चुनाव गलत था या यह वाला गलत है। एक बात तो पक्का गलत है। 2024 के बाद हुए सभी चुनाव गैर-कानूनी हैं। जो वोट आपने हटाए थे, उन्हें अब बंगाल में बहाल किया जा रहा है। तब आप पर सवाल उठेंगे।'
उन्होंने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टी.एन. शेषन का उदाहरण देते हुए चेतावनी दी, 'मैं चुनाव आयुक्त से कहना चाहता हूं कि देश इसे याद रखेगा। यह देश टी.एन. शेषन को नहीं भूला है, उन्होंने दिखाया था कि चुनाव आयोग क्या होता है। यह देश आपको भी नहीं भूलेगा। सरकार ने चुनाव आयोग को बर्बाद करने का काम किया है और देश इसे भूलेगा नहीं।'
यूपी 2027 में सीट बंटवारे पर रुख
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में कांग्रेस द्वारा 115-120 सीटों की मांग की खबरों पर मसूद ने सतर्क रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा कहाँ से आया, इसकी उन्हें जानकारी नहीं, लेकिन पार्टी 'सम्मानजनक स्थिति' के साथ चुनाव में उतरेगी।
उन्होंने कहा, 'कांग्रेस के लिए राहुल गांधी ने बहुत मेहनत की है, हम उस मेहनत को जाया नहीं होने देंगे। 2017 में जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे, उस समय गठबंधन को 107 सीटें मिली थीं। अब हमारी स्थिति वैसी नहीं है। सीट बंटवारे में हमारी बढ़त दिखनी चाहिए।'
जीडीपी के सरकारी दावों पर सवाल
वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रहने के सरकारी दावों को मसूद ने खारिज करते हुए पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग के हवाले से कहा कि वास्तविक जीडीपी 2.6 प्रतिशत है। उनके अनुसार, 'रोटी, कपड़ा और मकान के दाम चार गुना हो गए हैं। आम आदमी और उपभोक्ता की जेब कट रही है।'
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष लगातार महंगाई और रोज़गार के मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। आगे के दिनों में राम मंदिर ट्रस्ट प्रबंधन, चुनाव आयोग की निष्पक्षता और यूपी सीट बंटवारे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।