2 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राम मंदिर CEO नियुक्ति पर इमरान मसूद का हमला: 'सरकार मंदिर में धंधा चलाना चाहती है'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राम मंदिर CEO नियुक्ति पर इमरान मसूद का हमला: 'सरकार मंदिर में धंधा चलाना चाहती है'

सारांश

राम मंदिर ट्रस्ट में पहली बार CEO की नियुक्ति हुई और कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इसे 'धंधे की राजनीति' करार दिया। साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग, जीडीपी के सरकारी आंकड़ों और यूपी 2027 सीट बंटवारे पर भी सरकार को घेरा — एक बयान में कई मोर्चों पर हमला।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 2 सितंबर को जितेंद्र मिश्रा की राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO के रूप में नियुक्ति का विरोध किया।
मसूद ने कहा कि मंदिर में CEO बैठाना आस्था के विरुद्ध है और 'सरकार धंधा चलाना चाहती है।' महाराष्ट्र में 2 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों पर चुनाव आयोग को चेतावनी दी।
यूपी 2027 में कांग्रेस की 115-120 सीटों की मांग पर मसूद ने कहा — 'सम्मानजनक स्थिति के साथ चुनाव में उतरेंगे।' पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग के हवाले से सरकारी जीडीपी दावे 7.8% को नकारते हुए वास्तविक दर 2.6% बताई।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बुधवार, 2 सितंबर को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नियुक्ति आस्था के प्रतीक मंदिर को व्यावसायिक संस्था में बदलने की दिशा में उठाया गया कदम है। इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027, चुनाव आयोग की भूमिका और जीडीपी के सरकारी दावों पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी।

राम मंदिर CEO नियुक्ति पर आपत्ति

मसूद ने नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा, 'आरएसएस का ही आदमी होगा, कोई दूसरा नहीं होगा। यह आस्था की बात है और साधु-संतों के हिसाब से ही सीईओ की नियुक्ति होनी चाहिए। मंदिर का काम साधु-संतों और पुजारी का है। लेकिन मंदिर में सीईओ बैठाया जा रहा है। सरकार चाह रही है कि इस पर धंधा चलाया जाए, तो वह चलाए।'

गौरतलब है कि जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति ट्रस्ट के इतिहास में पहली बार किसी CEO पद पर की गई है, जो प्रबंधकीय संरचना में एक बड़े बदलाव का संकेत देती है। आलोचकों का कहना है कि यह कदम मंदिर प्रशासन को पेशेवर बनाने की कोशिश है, जबकि धार्मिक संगठनों का एक वर्ग इसे धार्मिक परंपराओं के विरुद्ध मानता है।

चुनाव आयोग पर निशाना

कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा महाराष्ट्र में 2 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के आरोपों का समर्थन करते हुए मसूद ने चुनाव आयोग को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, 'या तो पिछला चुनाव गलत था या यह वाला गलत है। एक बात तो पक्का गलत है। 2024 के बाद हुए सभी चुनाव गैर-कानूनी हैं। जो वोट आपने हटाए थे, उन्हें अब बंगाल में बहाल किया जा रहा है। तब आप पर सवाल उठेंगे।'

उन्होंने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टी.एन. शेषन का उदाहरण देते हुए चेतावनी दी, 'मैं चुनाव आयुक्त से कहना चाहता हूं कि देश इसे याद रखेगा। यह देश टी.एन. शेषन को नहीं भूला है, उन्होंने दिखाया था कि चुनाव आयोग क्या होता है। यह देश आपको भी नहीं भूलेगा। सरकार ने चुनाव आयोग को बर्बाद करने का काम किया है और देश इसे भूलेगा नहीं।'

यूपी 2027 में सीट बंटवारे पर रुख

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में कांग्रेस द्वारा 115-120 सीटों की मांग की खबरों पर मसूद ने सतर्क रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा कहाँ से आया, इसकी उन्हें जानकारी नहीं, लेकिन पार्टी 'सम्मानजनक स्थिति' के साथ चुनाव में उतरेगी।

उन्होंने कहा, 'कांग्रेस के लिए राहुल गांधी ने बहुत मेहनत की है, हम उस मेहनत को जाया नहीं होने देंगे। 2017 में जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे, उस समय गठबंधन को 107 सीटें मिली थीं। अब हमारी स्थिति वैसी नहीं है। सीट बंटवारे में हमारी बढ़त दिखनी चाहिए।'

जीडीपी के सरकारी दावों पर सवाल

वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रहने के सरकारी दावों को मसूद ने खारिज करते हुए पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग के हवाले से कहा कि वास्तविक जीडीपी 2.6 प्रतिशत है। उनके अनुसार, 'रोटी, कपड़ा और मकान के दाम चार गुना हो गए हैं। आम आदमी और उपभोक्ता की जेब कट रही है।'

यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष लगातार महंगाई और रोज़गार के मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। आगे के दिनों में राम मंदिर ट्रस्ट प्रबंधन, चुनाव आयोग की निष्पक्षता और यूपी सीट बंटवारे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

चुनाव आयोग और जीडीपी आंकड़े — जो दर्शाता है कि कांग्रेस 2027 यूपी चुनाव से पहले व्यापक विपक्षी आख्यान गढ़ने की कोशिश में है। हालांकि राम मंदिर ट्रस्ट में CEO की नियुक्ति का विरोध धार्मिक आधार पर करना एक जोखिम भरा राजनीतिक दांव है, क्योंकि इसी मुद्दे पर कांग्रेस पहले भी BJP से पिछड़ती रही है। चुनाव आयोग पर उनके तीखे शब्द और टी.एन. शेषन का संदर्भ संस्थागत जवाबदेही की माँग को दर्शाते हैं, लेकिन बिना ठोस साक्ष्य के ये आरोप कानूनी जटिलताएं भी खड़ी कर सकते हैं। जीडीपी पर पूर्व वित्त सचिव के हवाले का उपयोग रणनीतिक है, पर यह भी देखना होगा कि क्या विपक्ष इन मुद्दों को चुनावी ज़मीन पर भुना पाता है।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO कौन हैं और उनकी नियुक्ति पर विवाद क्यों है?
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले CEO के रूप में जितेंद्र मिश्रा को नियुक्त किया गया है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि मंदिर प्रबंधन साधु-संतों के हाथों में होना चाहिए, न कि किसी CEO के।
इमरान मसूद ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए?
इमरान मसूद ने कहा कि महाराष्ट्र में 2 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए और 2024 के बाद के सभी चुनाव इस आधार पर संदिग्ध हैं। उन्होंने चुनाव आयुक्त को चेतावनी दी कि देश यह सब याद रखेगा।
यूपी 2027 चुनाव में कांग्रेस की सीट बंटवारे पर क्या स्थिति है?
इमरान मसूद ने 115-120 सीटों की मांग की खबरों से दूरी बनाते हुए कहा कि कांग्रेस 'सम्मानजनक स्थिति' के साथ चुनाव में उतरेगी। उन्होंने 2017 के गठबंधन का हवाला देते हुए कहा कि सीट बंटवारे में पार्टी की बढ़त दिखनी चाहिए।
इमरान मसूद ने सरकारी जीडीपी आंकड़ों पर क्या कहा?
मसूद ने पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग के हवाले से कहा कि वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 2.6 प्रतिशत है, जबकि सरकार 7.8 प्रतिशत का दावा कर रही है। उन्होंने कहा कि रोटी, कपड़ा और मकान के दाम चार गुना बढ़ने से आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।
टी.एन. शेषन का संदर्भ इमरान मसूद ने क्यों दिया?
इमरान मसूद ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टी.एन. शेषन का उदाहरण देते हुए चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता की याद दिलाई। उनका कहना था कि शेषन ने जो मानक स्थापित किए थे, मौजूदा आयोग उनसे भटक गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 7 घंटे पहले
  2. कल
  3. कल
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 2 महीने पहले